{"_id":"a147bce7f200a48c54b6be0d26a0de0a","slug":"two-paper-mill-closed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण फैला रहीं दो पेपर मिलें होंगी बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूषण फैला रहीं दो पेपर मिलें होंगी बंद
अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 19 Feb 2016 09:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मेरठ की दो पेपर मिलों को प्रदूषण फैलाने पर बंद करने के आदेश दिए हैं। ये मिले अपना गैरशोधित कचरा सीधे बाबूगढ़ नाले में प्रवाहित कर रहीं थीं।
वहीं पेपर मिलों के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि प्रबंधन ने मिलें खुद ही बंद कर दी हैं, लेकिन कोर्ट ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मिलों की बंदी सुनिश्चित कर अवगत कराने को कहा है।
मेरठ जिले में स्थित नीरज पेपर मिल और योगेश पल्प पेपर बोर्ड को एनजीटी शुक्रवार को सुनवाई के दौरान बंद करने के आदेश दिए। यह सुनवाई जिला पंचायत सदस्य और पर्यावरणविद् कृष्णकांत सिंह हूण की याचिका पर हुई।
विज्ञापन
दोनों मिलों के अधिवक्ताओं ने कोर्ट से कहा कि हमने खुद ही संचालन बंद कर दिया है। जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बंदी सुनिश्चित कर कोर्ट को अवगत कराने को कहा है।
केंद्रीय एवं राज्य प्रदूषण बोर्ड की ओर से प्रस्तुत की गई संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट में कहा गया था कि दोनों कंपनियां बिना स्वीकृति के स्थापित हैं और अपने औद्योगिक उत्प्रवाहों का निस्तारण बाबूगढ़ क्षेत्र से बहने वाले नाले में करती है।
जिनसे इलाके का भूजल प्रदूषित हो रहा है। कोर्ट ने दोनों मिलों को नोटिस जारी किया था। उधर, याचिकाकर्ता हूण के अधिवक्ता राहुल चौधरी ने कहा कि दूसरी फैक्ट्रियों को बचाने की कोशिश हो रही हैं।
वकील ने ऑब्जेक्शन फाइल करने के लिए समय मांगा है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इसकी इजाजत दे दी है। अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।
कृष्णकांत सिंह हूण ने कहा है कि इलाके में प्रदूषण की समस्या विकराल हो जा रही है। लेकिन प्रदूषण विभाग और जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदूषण से कैंसर, पेट के रोग आदि बीमारियां फैल रही हैं।
विज्ञापन
वहीं पेपर मिलों के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि प्रबंधन ने मिलें खुद ही बंद कर दी हैं, लेकिन कोर्ट ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मिलों की बंदी सुनिश्चित कर अवगत कराने को कहा है।
विज्ञापन
मेरठ जिले में स्थित नीरज पेपर मिल और योगेश पल्प पेपर बोर्ड को एनजीटी शुक्रवार को सुनवाई के दौरान बंद करने के आदेश दिए। यह सुनवाई जिला पंचायत सदस्य और पर्यावरणविद् कृष्णकांत सिंह हूण की याचिका पर हुई।
विज्ञापन
दोनों मिलों के अधिवक्ताओं ने कोर्ट से कहा कि हमने खुद ही संचालन बंद कर दिया है। जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बंदी सुनिश्चित कर कोर्ट को अवगत कराने को कहा है।
केंद्रीय एवं राज्य प्रदूषण बोर्ड की ओर से प्रस्तुत की गई संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट में कहा गया था कि दोनों कंपनियां बिना स्वीकृति के स्थापित हैं और अपने औद्योगिक उत्प्रवाहों का निस्तारण बाबूगढ़ क्षेत्र से बहने वाले नाले में करती है।
जिनसे इलाके का भूजल प्रदूषित हो रहा है। कोर्ट ने दोनों मिलों को नोटिस जारी किया था। उधर, याचिकाकर्ता हूण के अधिवक्ता राहुल चौधरी ने कहा कि दूसरी फैक्ट्रियों को बचाने की कोशिश हो रही हैं।
वकील ने ऑब्जेक्शन फाइल करने के लिए समय मांगा है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इसकी इजाजत दे दी है। अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।
कृष्णकांत सिंह हूण ने कहा है कि इलाके में प्रदूषण की समस्या विकराल हो जा रही है। लेकिन प्रदूषण विभाग और जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदूषण से कैंसर, पेट के रोग आदि बीमारियां फैल रही हैं।