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बदहाल महिला अस्पताल पर कागजों में हो रहा इलाज

Tue, 28 Mar 2017 09:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Tue, 28 Mar 2017 09:48 PM IST
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Treatment in Paper on Women Hospital.
बदहाल महिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

गढ़ रोड पर चल रहे नगर पालिका के महिला चिकित्सालय की हालत बेहद खराब है। यहां इलाज तो दूर मरीजों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। कागजों में बेशक रोजाना औसतन 30 मरीजों का इलाज दिखाया जा रहा हो।

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वास्तव में आम लोगों को इस अस्पताल के बारे में पता तक नहीं है। हालांकि इसमें तैनात एक चिकित्सक और चार कर्मचारियों के वेतन पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहें। जबकि इस अस्पताल को 1992 से दवाएं रिलीज नहीं की  गई हैं।
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जानकारों की मानें तो करीब चार दशक पूर्व गढ़ रोड पर नगर पालिका के महिला चिकित्सालय का शुभारंभ हुआ था। शुरू में महिला मरीजों की काफी संख्या इस अस्पताल में आती थी।
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धीरे धीरे नगर पालिका के अफसरों की अनदेखी और कुछ कर्मचारियों के निजी स्वार्थ के चलते यह अस्पताल अब खंडर में बदल गया। अस्पताल के बाहर न तो कोई बोर्ड लगा है और न ही इसके प्रचार-प्रसार के लिए पालिका के अफसरों ने कोई खास योजना बनाई है।

अस्पताल की छत जर्जर हालत में है, टीन और टाट से अस्पताल परिसर को ढका गया है। बारिश का पानी सीधे अस्पताल परिसर में गिरता है। यहां न तो मरीजों के बैठने, लेटने की व्यवस्था है और न ही उनके उपचार की कोई सुविधा।

यहां तैनात चिकित्सक की मानें तो 1992 के बाद से अभी तक अस्पताल में दवा-गोली नहीं आ सकी है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां मरीज किस तरह से आ रहे होंगे। जबकि नगर पालिका उक्त चिकित्सक और कर्मचारियों के वेतन पर लाखों रुपये खर्च कर चुका है।

अस्पताल से मरीजों की जो रिपोर्ट बनकर जाती है, उसमें रोजाना औसतन 30 मरीजों का उपचार होता है। हालांकि अस्पताल पहुंचकर इस रिपोर्ट की सच्चाई का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। पिछले दिनों नगर पालिका अध्यक्षा ने इस अस्पताल का निरीक्षण किया था, लेकिन वह भी खास सुविधा नहीं दिला सकीं।


अब इस मामले में नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष किशन बाटला ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर अस्पताल के लिए हुई चिकित्सक की भर्ती, सुविधा के नाम पर बरती कई लापरवाही की जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि अस्पताल में 1992 से दवाएं तक नहीं भेजी गई हैं।

मैंने अस्पताल का निरीक्षण किया। वास्तव में यह अस्पताल काफी बदतर हालत में है। इसका जल्द ही जीर्णोद्धार किया जाएगा। - मालती भारती, अध्यक्ष, नगर पालिका

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