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टैंपर्ड मीटर को ‘ओके’ बताकर ऐंठ लिए लाखों रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Thu, 14 Jul 2016 09:15 PM IST
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बिजली का मीटर
- फोटो : demo pic
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बिजली विभाग के अफसरों ने छापेमारी के दौरान टैंपर्ड मीटरों पर ‘ओके’ की रिपोर्ट लगाकर उपभोक्ताओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए। यहीं नहीं इस कार्रवाई में ऐसे कर्मचारियों को भी शामिल किया गया जिनका कार्यक्षेत्र दूसरी जगह था।
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शिकायत मिलने पर एमडी ने जांच के निर्देश दे दिए हैं। इसके चलते आरोपी अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। ऊर्जा निगम के हापुड़ डिवीजन में तैनात कुछ अधिकारी अवैध वसूली के लिए नियम कानून को ताक पर रखने से नहीं चूक रहे हैं।
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बीते दिनों विभाग के अधिकारियों ने गढ़ रोड स्थित एक होटल समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी। टीम में कुछ ऐसे कर्मियों को भी शामिल किया गया था जिनका कार्य क्षेत्र नहीं था।
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करीब पांच मीटर टैंपर्ड मिलने पर इन अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से सांठगांठ कर कार्रवाई का भय दिखाकर मीटर पर ओके की रिपोर्ट लगाने के लिए लाखों रुपये ऐंठ लिए। मामले में लीपापोती करने के लिए आनन फानन में नया मीटर भी उपभोक्ताओं के यहां लगवा दिया।
आश्चर्य की बात यह है कि टैंपर्ड मीटर के नंबर बिल में दर्ज नंबरों से मैच नहीं खा रहे थे। फिर भी अवैध उगाही के चक्कर में इन अफसरों ने निगम के नियमों को ताक पर रख दिया। इस मामले की जानकारी एमडी स्तर तक पहुंची तो जांच के निर्देश दिए गए हैं।
अब कार्रवाई की तलवार लटकने पर आरोपी अफसर आला अधिकारियों की तीरमादारी में जुट गए हैं। चर्चा है कि अधिकारी अपनी गर्दन बचाने के चक्कर में उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर कराने की योजना बना रहे हैं,
लेकिन उपभोक्ताओं के पास ओके की रिपोर्ट है जो निगम अफसरों ने उन्हें दी है। एफआईआर होने पर भी संबंधित अफसरों की समस्या कम होती नजर नहीं आ रही हैं। सूत्रों की मानें तो जिन टैंपर्ड मीटर पर ओके की रिपोर्ट लगी है उसे आरोपी अफसरों ने तोड़वा दिया है।
मामला गरमाने पर आरोपी अधिकारियों कार्यालय में भी नहीं बैठ रहे हैं। बृहस्पतिवार को पूरे दिन ग्राहक कार्यालय के चक्कर लगाते रहे लेकिन अफसर नहीं मिले।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता एके त्यागी का कहना है कि इस तरह का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने पर ही कुछ कहा जा सकता है।