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Hapur News: चीनी मिल कर्मियों का धरना अब कार्य बहिष्कार में बदला
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सिंभावली चीनी मिल में धरनारत कर्मचारी। संवाद
सिंभावली। सीईओ के साथ वार्ता विफल होने पर चीनी मिल कर्मियों ने अपने धरने को कार्य बहिष्कार में बदलने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को मिल के सीईओ से वार्ता विफल होने पर मिल कर्मियों ने यह निर्णय लिया।
अप्रैल में किए गए आंदोलन के दौरान सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन ने 106 कर्मचारियों का करीब 20 लाख का वेतन काट लिया था। इसकी अदायगी के साथ ही चार साल से रुके हुए ओवर टाइम के भुगतान को लेकर मिल कर्मियों ने 25 सितंबर को फिर से धरना प्रारंभ कर दिया था। इसमें प्रतिदिन पांच कर्मचारी धरने पर बैठ रहे थे और शेष कर्मचारी कामकाज संभाल रहे थे। नोएडा में स्थित चीनी मिल के कॉरपोरेट ऑफिस में बृहस्पतिवार को कर्मचारियों की सीईओ एसएन मिश्रा और सीजीएम करनसिंह के साथ बैठक हुई थी। बैठक में कोई नतीजा न निकलने पर कर्मचारियों में रोष बढ़ गया है। जिन्होंने 15 दिनों से चल रहा अपना धरना शुक्रवार को कार्य बहिष्कार में तब्दील कर दिया। सिंभावली शुगर मिल लेबर एसोसिएशन के अध्यक्ष नारायण सिंह ने बताया कि मिल प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की वाजिब मांगों को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सांकेतिक धरने को अब कार्य बहिष्कार में तब्दील कर दिया गया है। कार्यकारिणी सदस्य अरुण कुमार त्यागी ने कहा कि अप्रैल में आंदोलन के दौरान काटा गया 20 लाख का वेतन और चार साल से रुके हुए ओवर टाइम का भुगतान चुकता नहीं हो जाता है, तब तक मिल कर्मियों का कार्य बहिष्कार निरंतर जारी रहेगा। दिनेश शर्मा, हशमत अली, योगेश शर्मा, मनोज सैनी, पवन कुमार, भगत सिंह समेत अधिकांश मिल कर्मी मौजूद रहे।
भाकियू ने दिया समर्थन
भाकियू टिकैत के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी सुदेश पाल सिंह कई कार्यकर्ताओं के साथ मिल परिसर में चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे। जिन्होंने कर्मचारियों की मांगों को वाजिब बताते हुए अपने संगठन का समर्थन देने की घोषणा की।
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अप्रैल में किए गए आंदोलन के दौरान सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन ने 106 कर्मचारियों का करीब 20 लाख का वेतन काट लिया था। इसकी अदायगी के साथ ही चार साल से रुके हुए ओवर टाइम के भुगतान को लेकर मिल कर्मियों ने 25 सितंबर को फिर से धरना प्रारंभ कर दिया था। इसमें प्रतिदिन पांच कर्मचारी धरने पर बैठ रहे थे और शेष कर्मचारी कामकाज संभाल रहे थे। नोएडा में स्थित चीनी मिल के कॉरपोरेट ऑफिस में बृहस्पतिवार को कर्मचारियों की सीईओ एसएन मिश्रा और सीजीएम करनसिंह के साथ बैठक हुई थी। बैठक में कोई नतीजा न निकलने पर कर्मचारियों में रोष बढ़ गया है। जिन्होंने 15 दिनों से चल रहा अपना धरना शुक्रवार को कार्य बहिष्कार में तब्दील कर दिया। सिंभावली शुगर मिल लेबर एसोसिएशन के अध्यक्ष नारायण सिंह ने बताया कि मिल प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की वाजिब मांगों को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सांकेतिक धरने को अब कार्य बहिष्कार में तब्दील कर दिया गया है। कार्यकारिणी सदस्य अरुण कुमार त्यागी ने कहा कि अप्रैल में आंदोलन के दौरान काटा गया 20 लाख का वेतन और चार साल से रुके हुए ओवर टाइम का भुगतान चुकता नहीं हो जाता है, तब तक मिल कर्मियों का कार्य बहिष्कार निरंतर जारी रहेगा। दिनेश शर्मा, हशमत अली, योगेश शर्मा, मनोज सैनी, पवन कुमार, भगत सिंह समेत अधिकांश मिल कर्मी मौजूद रहे।
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भाकियू ने दिया समर्थन
भाकियू टिकैत के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी सुदेश पाल सिंह कई कार्यकर्ताओं के साथ मिल परिसर में चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे। जिन्होंने कर्मचारियों की मांगों को वाजिब बताते हुए अपने संगठन का समर्थन देने की घोषणा की।
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