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Hapur News: भोले के जयघोष से गूंज रहीं राहें

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:00 PM IST
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The paths are resounding with chants hailing Bhole.
ब्रजघाट से कांवड़ में जल भरकर प्रस्थान करते कांवड़िए। संवाद
हापुड़। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का रेला लगातार बढ़ रहा है। 11 अगस्त को शिवरात्रि पर कांवड़िये शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। रिमझिम बारिश के बीच कांवड़ मार्ग पर बम-बम भोले, बोल-बम और हर-हर महादेव के जयघोष गूंज रहे हैं।
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शिवरात्रि नजदीक आने के साथ ही शहर की सड़कों पर कांवड़ियों की रौनक बढ़ गई है। कांवड़िये रंग-बिरंगी कांवड़ सजाए टोली बनाकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। डीजे पर बज रहे शिव भजनों की धुन पर वे थिरकते हुए चल रहे हैं।
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पैरों में छाले और थकान की परवाह किए बिना कांवड़िये यात्रा पूरी कर रहे हैं। कांवड़ सेवा शिविरों में सेवादार नाश्ता, भोजन, चाय, दूध, प्राथमिक उपचार और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं दे रहे हैं।
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सेवा शिविरों में लूडो खेल रहे कांवड़िये
हापुड़। शिवरात्रि नजदीक आने के साथ कांवड़ सेवा शिविरों का स्वरूप बदल रहा है। इन शिविरों में शिवभक्त कांवड़िये आराम के समय लूडो और कैरम जैसे खेलों का आनंद ले रहे हैं। सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा के बाद थकान दूर करने के लिए पैरों की मालिश की व्यवस्था भी है। दवाई, मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, शौचालय, स्नान घर, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और शिशु आहार केंद्र बनाए गए हैं।
स्टॉलों पर प्रसाद का वितरण भी हो रहा है। जिलाधिकारी कविता मीना के निर्देश पर जिले की तीनों नगर पालिकाओं में पहली बार आदर्श कांवड़ सेवा शिविर लगे हैं। इनमें महिला और पुरुष कांवड़ियों के लिए अलग-अलग आराम करने के स्थान हैं। कूलर, पंखों के साथ सुबह नाश्ता, दोपहर और रात में भोजन की व्यवस्था है। 24 घंटे प्रसादी का वितरण भी चल रहा है। वॉटरप्रूफ हैंगर टेंट बारिश से बचाव कर रहे हैं।



चाक-चौबंद है सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा के लिए ब्रजघाट, छह मुख्य शिवालयों, चौराहों और मुख्य मार्गों पर 514 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी निगरानी कंट्रोल रूम से हो रही है। इस बार 156 मजिस्ट्रेटों की तैनाती भी की गई है। इस बार रेलवे के आवास विकास कॉलोनी वाले लोहे के पुल, बुलंदशहर रोड पर ततारपुर गोल चक्कर और अनूपशहर-डिबाई वाली नहर के रास्ते पर अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटिंग की गई है। महिला कांवड़ियों के लिए 12 नए चेंजिंग रूम और शिशु आहार केंद्र भी बनाए गए हैं। समूह की महिलाओं को 10 कांवड़ कार्ट दिए गए हैं, जो प्रेरणा कैफे के जरिये व्रत और पूजा की सामग्री वितरित कर रही हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जगह-जगह प्रसादी की व्यवस्था है।


पिलखुवा-देहपा मार्ग बना परेशानी का कारण
पिलखुवा। महाशिवरात्रि से पहले प्राचीन महादेव मंदिर पहुंचने वाले शिवभक्तों के लिए पिलखुवा-देहपा मार्ग परेशानी का कारण बन गया है। बृहस्पतिवार को दिनभर हुई बारिश के बाद यह मुख्य कांवड़ मार्ग कीचड़ में बदल गया है। इससे श्रद्धालुओं और राहगीरों के सामने हादसे का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने मार्ग की मरम्मत और कीचड़ हटाने की मांग की है। एसडीएम कल्पना चौहान ने मार्ग का निरीक्षण कराकर सुधार के निर्देश देने की बात कही है।
नाविकों-गोताखोरों को मुस्तैद रहने के निर्देश
गढ़मुक्तेश्वर। जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक ज्ञानंज्य सिंह ने शुक्रवार को गढ़ और सिंभावली क्षेत्र में कांवड़ मार्गों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्थायी चौकियों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और महिला चेंजिंग रूम भी देखे। अधिकारियों ने गंगा घाट पर नाविक-गोताखोरों को मुस्तैद रहने और गहरे जल में न जाने की चेतावनी प्रसारित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ज्ञानंज्य सिंह ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना पर अस्थायी चौकी के पुलिसकर्मी जिम्मेदार होंगे।


दादी को पालकी में बिठाकर यात्रा करा रहे पौत्र

बुलंदशहर के गांव हसनपुर निवासी 90 वर्षीय सोनदेवी को उनके पौत्र पालकी में बिठाकर यात्रा करवा रहे हैं। मेरठ रोड पर झांकी कांवड़ के साथ पहुंचे सोनू ने बताया कि उनकी दादी की हरिद्वार में गंगा स्नान कर कांवड़ लाने की इच्छा थी लेकिन उम्र के कारण वह हरिद्वार नहीं जा सकीं। इसके बाद परिवार के 35 युवाओं ने ग्रुप बनाकर दादी को हरिद्वार ले जाकर गंगा स्नान कराया। अब झांकी कांवड़ के साथ दादी को पालकी में बिठाकर गांव लेकर जा रहे हैं। सभी की सुख समृद्धि की कामना के लिए वह कांवड़ लेकर जा रहे हैं।




परिवार के साथ तीन वर्षो से ला रहीं कांवड़
कांवड़ यात्रा में जहां युवाओं को उत्साह दिखाई दे रहा है, वहीं महिलाएं भी पीछे नहीं है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही वर्षा ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षो से पति शैलेंद्र और पुत्र लक्ष्य, विवेक के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर गांव के शिवालय में भगवान शिव का जलाभिषेक कर रही हैं। भगवान के प्रति उनकी आस्था है और सभी की सुख समृद्धि की मनोकामना के साथ वह बोल-बम के जयकारों के साथ शिवालय की ओर बढ़ रही हैं।





दंडवत यात्रा कर हापुड़ पहुंचे मोहित

कांवड़ यात्रा के दौरान शुक्रवार को पिलखुवा के गांव डूहरी निवासी मोहित तोमर हरिद्वार से दंडवत यात्रा करते हुए हापुड़ पहुंचे। मोहित ने बताया कि उन्होंने 10 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल उठाकर दंडवत यात्रा की शुरूआत की थी। शिवरात्रि पर वह गांव दहपा स्थित प्राचीन महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

ब्रजघाट से कांवड़ में जल भरकर प्रस्थान करते कांवड़िए। संवाद

ब्रजघाट से कांवड़ में जल भरकर प्रस्थान करते कांवड़िए। संवाद

ब्रजघाट से कांवड़ में जल भरकर प्रस्थान करते कांवड़िए। संवाद

ब्रजघाट से कांवड़ में जल भरकर प्रस्थान करते कांवड़िए। संवाद

ब्रजघाट से कांवड़ में जल भरकर प्रस्थान करते कांवड़िए। संवाद

ब्रजघाट से कांवड़ में जल भरकर प्रस्थान करते कांवड़िए। संवाद

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