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बैंक खुलते ही चस्पा हुआ कैश खत्म का नोटिस
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Fri, 18 Nov 2016 08:58 PM IST
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चस्पा हुआ कैश खत्म का नोटिस
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के कई बैंकों के खुलते ही बाहर कैश खत्म का नोटिस चस्पा कर दिया गया। रेलवे रोड के अधिकांश बैंकों में दो घंटे भी कैश नहीं बांटा जा सका। ऐसे में ग्राहकों को चुनिंदा बैंकों की मुख्य शाखा पर लंबी लंबी कतारों में लगकर परेशान होना पड़ा।
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वहीं, निजी बैंकों को निर्धारित कैश मिल रहा है जो ग्राहकों की मांग के आगे बहुत कम है। उधर, एटीएम सुविधा शुक्रवार को भी बाधित रही। शहर में सिर्फ दो एटीएम चालू हो सके। ऐसे में ग्राहकों के लिए यह समस्या अब सिर दर्द बनने लगी है। बैंक अफसर जल्द ही एटीएम अपडेट कर राहत दिलाने का दावा कर रहे हैं।
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बैंकों ने अपने स्तर से ही पैसा जमा करने की सीमा तय कर दी है। 500 और 1000 रुपये के नोटों से गोदाम भरने के कारण बैंक अफसरों ने यह निर्णय लिया है। यही कारण रहा कि शुक्रवार को कुछ बैंकों में 10 हजार रुपये तक ही जमा किए गए।
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जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि बैंकों में पैसा पहुंचाया जा रहा है। लेकिन ग्राहकों की अधिक मांग के चलते यह समस्या बन रही है। जल्द ही इस समस्या से राहत मिल जाएगी।
नोट बदलने के लिए बैंक के आगे लोग घंटों लाइन लगा रहे हैं। लोगों की परेशानी को देख कई ग्रामीण ऐसे परेशान लोगों की मदद को आगे आ रहे हैं। शुक्रवार को बुलंदशहर रोड पर लाइन में लगे लोगों को कुछ अराजनीतिक लोगों ने चाय व बिस्किट बांटी।
चाय पिलाने वाले मोहित, ऋषभ, हिमांशु, संजू व अनिल ने बताया कि देश में इस बदलाव की घड़ी में वे भी कुछ सहयोग करना चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बदलाव की इस घड़ी में संयम और धैर्य रखें। आने वाला समय भ्रष्टाचार मुक्त होगा।
करेंसी एक्सचेंज करने के लिए किराए पर कतार में लगने वाले लोगों पर स्याही का वार भारी पड़ गया है। आईडी के सत्यापन सहमे ऐसे लोग बैंकों से किनारा करने लगे हैं। ऐसे में बैंकों के बाहर ग्राहकों की कतार कुछ कम हुई है।
दरअसल, जिन लोगों ने घरों में मोटी रकम रखी हुई थी। वह किराए के लोगों को आईडी उपलब्ध कराकर बैंकों के बाहर कतार में लगा देते थे। ऐसे में देर शाम तक भी बैंकों के बाहर कतार कम नहीं हो पाती थी।
आरबीआई ने दो दिन पूर्व एक बार बैंक सुविधा का लाभ लेने वाले ग्राहकों की अंगुली पर स्याही लगाने का निर्देश जारी किया था। बैंकों में यह नियम लागू होते ही किराए के लोगों कतार से गायब होने लगे हैं।
एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि बैंकों में अव्यवस्था न फैले इस उद्देश्य से स्याही का प्रयोग किया जा रहा है। सत्यापन के बाद ही करेंसी एक्सचेंज व खाते से पैसा निकालने की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।