फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   The children refused to sit in the shabby room.

बच्चों ने किया जर्जर कक्ष में बैठने से इंकार

Sat, 06 Aug 2016 08:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Sat, 06 Aug 2016 08:12 PM IST
विज्ञापन
The children refused to sit in the shabby room.
हमीद कन्या पाठशाला का मामला - फोटो : अमर उजाला

जर्जर कक्ष में लेंटर गिरने के खौफ  से खुले आसमान के नीचे पढ़ने वाले बच्चों ने शनिवार को बारिश होने पर भी कक्ष में बैठने से इंकार कर दिया। मामला हमीद कन्या पाठशाला का है। यहां आए दिन लेंटर टूटकर गिरने से बच्चे भयभीत हैं।

विज्ञापन


प्रशासनिक अफसर कई बार बिल्डिंग का निरीक्षण कर चुके हैं। बावजूद इसके बच्चों का अब तक दूसरे स्कूलों में समायोजन नहीं किया गया है। शनिवार को जर्जर बरामदे में किसी तरह उनकी कक्षाएं चलीं। बुलंदशहर रोड स्थित हमीद कन्या पाठशाला में करीब 109 बच्चे पंजीकृत हैं।
विज्ञापन


पाठशाला की बिल्डिंग इस कदर जर्जर हो चुकी है कि कमरों में पड़े लेंटर के टुकड़े आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। इससे भयभीत बच्चे कमरों में बैठने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। मजबूरी में शिक्षकों को खुले आसमान के नीचे बच्चों को पढ़ाना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आलम यह है कि शनिवार को बरसात के दौरान शिक्षक ने बच्चों को कमरे में बैठाना चाहा, लेकिन बच्चों ने कक्ष में बैठने से स्पष्ट मना कर दिया। मजबूरी में शिक्षक को बच्चों को बाहर जर्जर बरामदे में बैठाकर पढ़ाना पड़ा। वहां भी छत से पानी टपकने के कारण बच्चे परेशान रहे।


यह स्कूल प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहा है। फिर भी जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ाया जाना गंभीर मामला है, वह जल्द ही इन बच्चों को दूसरे स्कूलों में समायोजित कराने का प्रयास करेंगे। देवेंद्र गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed