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Hapur News: चंद्र ग्रहण के चलते बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट
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हापुड़। मंगलवार को चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों में दर्शन पर ग्रहण रहेगा। सुबह 6:20 बजे से सूतक लगने के बाद शाम 6:47 बजे तक मंदिरों में दर्शन नहीं हो सकेंगे।
पं. संतोष तिवारी ने बताया कि तीन मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है, जो भारत में दृश्यमान रहेगा। चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से आरंभ होकर शाम 6:47 बजे समाप्त हो जाएगा। चंद्र ग्रहण का सूतक नौ घंटे पूर्व होता है, उसके अनुसार मंगलवार को सुबह 6:20 बजे से सूतक लग जाएंगे। हालांकि एनसीआर क्षेत्र में चंद्र ग्रहण काल की अवधि शाम 6:20 बजे से लेकर शाम 6:47 बजे तक केवल 25 मिनट तक रहेगी।
बताया कि ग्रहण काल में विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को सोना और खाना नहीं चाहिए और किसी भी वस्तु को काटना नहीं चाहिए। जितना हो सके भगवान नाम जाप, गीता रामायण भागवत आदि ग्रंथों का स्वाध्याय करें। सूतक काल में भगवान का स्पर्श और पूजा पाठ नहीं होगी, लेकिन ग्रहण काल में किया गया जप, तप, यज्ञ, व्रत, अनुष्ठान अनंत गुना फलदाई होता है।
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तीन मार्च को पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। इस दिन शाम में पूर्णिमा तिथि रहेगी और पूर्णिमा व्रत शाम व्यापिनी बताया गया है, लेकिन शाम 6:47 बजे के बाद चंद्र ग्रहण समाप्त होने पर वह भगवान श्री सत्यनारायण की पूजा व्रत करके चंद्रमा का अर्घ्य देकर अपना व्रत खोल सकते हैं
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पं. संतोष तिवारी ने बताया कि तीन मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है, जो भारत में दृश्यमान रहेगा। चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से आरंभ होकर शाम 6:47 बजे समाप्त हो जाएगा। चंद्र ग्रहण का सूतक नौ घंटे पूर्व होता है, उसके अनुसार मंगलवार को सुबह 6:20 बजे से सूतक लग जाएंगे। हालांकि एनसीआर क्षेत्र में चंद्र ग्रहण काल की अवधि शाम 6:20 बजे से लेकर शाम 6:47 बजे तक केवल 25 मिनट तक रहेगी।
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बताया कि ग्रहण काल में विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को सोना और खाना नहीं चाहिए और किसी भी वस्तु को काटना नहीं चाहिए। जितना हो सके भगवान नाम जाप, गीता रामायण भागवत आदि ग्रंथों का स्वाध्याय करें। सूतक काल में भगवान का स्पर्श और पूजा पाठ नहीं होगी, लेकिन ग्रहण काल में किया गया जप, तप, यज्ञ, व्रत, अनुष्ठान अनंत गुना फलदाई होता है।
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तीन मार्च को पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। इस दिन शाम में पूर्णिमा तिथि रहेगी और पूर्णिमा व्रत शाम व्यापिनी बताया गया है, लेकिन शाम 6:47 बजे के बाद चंद्र ग्रहण समाप्त होने पर वह भगवान श्री सत्यनारायण की पूजा व्रत करके चंद्रमा का अर्घ्य देकर अपना व्रत खोल सकते हैं