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सूरज ने तरेरी आंख, पारा 40 पर पहुंचा

Tue, 10 May 2016 09:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Tue, 10 May 2016 09:50 PM IST
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Temperature 40 extends across.
तापमान - फोटो : अमर उजाला

मंगलवार को सुबह से सूरज ने आंखें तरेरी। पारा 40 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने से भीषण गर्मी व उमस से लोग बेहाल हो उठे। गर्मी का हाल यह रहा कि लोगों को न घर में चैन मिल रहा था और ना ही बाहर।

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चिलचिलाती धूप की वजह से लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। भीषण गर्मी व कड़ी धूप के चलते दिन में 10-11 बजे से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। ऐसा लग रहा था, जैसे आसमान से आग बरस रही हो।
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दोपहर में तो मुख्य बाजार व सड़कों पर दूर-दूर तक सन्नाटा नजर आया। घरों से मजबूरी में जो लोग निकले भी, वे चेहरे को रुमाल या गमछे से ढके रहे। पारा 40 डिग्री पर पहुंचते ही तपिश और लू की लपटों ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया।
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चिलचिलाती धूप व गरम हवा के थपेड़े से सभी बेहाल रहे। दोपहर में सड़कें सूनी रहीं और बाजारों में इक्का-दुक्का ग्राहक ही दिखे। शरीर को भेदती तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।

धूप से बचने के लिए दोपहिया वाहन चालकों ने हेलमेट और चश्मे का सहारा लिया। वहीं, कड़ी धूप से पशु-पक्षी भी बेचैन रहे। शहर व देहात के तमाम इलाकों में मवेशी भी धूप से बचने का जतन करते हुए पेड़ों के नीचे शरण लिए दिखाई दिए।

वहीं, डॉक्टरों ने इस भीषण गर्मी में खानपान पर खास एहतियात बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों की माने तो इस मौसम में बासी भोजन का इस्तेमाल कतई न करें। धूप से आकर तुरंत एसी व कूलर में न जाएं।

सीएचसी अधीक्षक डॉ सुरेश यादव का कहना है कि भीषण गर्मी में त्वचा, हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को तरल पदार्थों का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए। उनकी सलाह है इन दिनों में मोटे कपड़े पहनने चाहिए।

तेज धूप और धूल से लोगों की आंखें खुजली से बीमार हो रही हैं। सरकारी अस्पताल में दर्जनों मरीज इस रोग से पीड़ित पहुंच रहे हैं। शुरूआत में गंभीरता से नहीं लेने पर खुजली आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।


नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी में अच्छे किस्म के चश्मों का प्रयोग कर आंखों को काफी हद तक बीमारियों से बचाया जा सकता है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नेत्र रोग विशेषज्ञ डा.रोशन लाल का कहना है कि आंखों की खुजली का समय से उपचार नहीं कराने पर यह गंभीर हो सकती है। इस बीमारी से आंख के अंदर सूजन आ जाती है।

ऐसे में पीड़ित को कुशल चिकित्सक से उपचार लेना चाहिए। अकुशल चिकित्सकों की दवा का प्रयोग खतरनाक हो सकता है।

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