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Hapur News: स्वच्छता सर्वेक्षण में हापुड़ पालिका का देश में 393 वां स्थान

Thu, 17 Jul 2025 10:34 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Thu, 17 Jul 2025 10:34 PM IST
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swachta survekshan ranking
हापुड़। केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग जारी की है। इसमें नगर पालिका हापुड़ को पिछले साल के मुकाबले आठ प्रतिशत अंक अधिक मिले हैं, लेकिन देश व प्रदेश में रैंक गिर गई है। हापुड़ को देश में 824 में से 393 तो प्रदेश में करीब 700 पालिकाओं में 423 वीं रैंक मिली है। पिलखुवा पालिका को देश में 205, प्रदेश में 138 वीं और गढ़मुक्तेश्वर पालिका को देश में 1585 में से 565 व प्रदेश में 375 वी रैंक मिली है। वहीं, बाबूगढ़ नगर पंचायत को देश में 2035 में से 564 व प्रदेश में 283 वीं रैंक मिली है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण तीन श्रेणी में होता है। पिछले वर्ष तक यह सर्वेक्षण 9500 अंकों के आधार पर होता था, लेकिन इस बार इन अंकों को बढ़ाकर 12500 किया गया था। यह अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस की श्रेणी में बढ़ाए गए थे। सर्विस लेवल प्रोग्रेस की श्रेणी का अर्थ है कि शहरवासियों को क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं, इसमें डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, प्रतिदिन सफाई कर्मी आते हैं या नहीं, कचरा निस्तारण, प्रतिदिन घरों से कूड़े का संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण, निपटान, खुले में शौच मुक्त, रात्रि सफाई, सामुदायिक शौचालयों की स्थिति को शामिल किया जाता है। इसके लिए घर-घर जाकर केंद्र सरकार से आने वाली टीम लोगों से पूछताछ कर उनका फीडबैक लेती है। इसमें हापुड़ नगर पालिका के अंक बढ़े हैं। जबकि, अन्य दो श्रेणियों में संसाधनों व कूड़ा निस्तारण की प्रक्रियाएं पूरी न होने के कारण पालिका के अधिक अंक नहीं बढ़ पा रहे हैं। हालांकि, दो एमआरएफ सेंटर के निर्माण से जरूर कुछ अंक बढ़े हैं। वहीं नगर पालिका की स्थिति इसके बाद भी अच्छी नहीं हो रही है। मतलब अन्य नगर पालिकाएं हापुड़ पालिका से बेहतर काम कर रही हैं।
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जिला कार्यक्रम प्रबंधक स्वच्छता भारत मिशन नगरीय अमित कुमार ने बताया कि पिछले साल हापुड़ नगर पालिका को 9500 में से करीब 4200 अंक मिले थे, जो इस बार बढ़े हैं। इस बार 12500 अंकों के आधार पर रैंकिंग जारी हुई है। पिछले वर्ष हापुड़ नगर पालिका को 47 प्रतिशत अंक मिले, जो इस बार बढ़कर 55 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं।
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पालिका के पास कूड़ा निस्तारण की नहीं जगह --

जिले की तीनों पालिकाओं के पास कूड़ा निस्तारण की बेहतर व्यवस्थाएं नहीं हैं। पिलखुवा पालिका का कूड़ा मुकीमपुर स्थित एक प्लांट में निस्तारण के लिए जाता है, लेकिन बार-बार प्लांट बंद होने की शिकायतें मिलती हैं। इसके अलावा स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति की बैठक, स्वच्छता एप डाउनलोड कराना, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, डंपिंग ग्राउंड तक कूड़ा पहुंचाना, जीपीएस से वाहनों की मॉनीटरिंग आदि के कार्य में बड़े स्तर पर लापरवाही बरती जाती है। यदि यह लापरवाही न बरती जाए तो फिर बेहतर स्थान जिले की पालिकाओं को भी मिलेगा। पालिकाओं के इस डाटा को हर साल ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाता है, इसके आधार पर औचक जांच भी केंद्र सरकार की टीम आकर करती है।



पिछले वर्ष यह रही थी स्थिति --

स्वच्छता सर्वेक्षण 2023-24 की रैंकिंग में नगर पालिका को एक लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणियों में प्रदेश में 36 वां और देश में 203 वां स्थान मिली था। जो वर्ष 2022-23 की रैंकिंग से भी खराब थी। पिछले वर्ष पिलखुवा नगर पालिका की रैंकिंग भी 1100 के आसपास रही थी।


कोट -

इस बार रैंकिंग में प्रदेश की सभी पालिकाओं को बिना किसी श्रेणी में बांटे अंक दिए गए हैं। इसके कारण रैंकिंग कुछ कम हुई है, लेकिन पालिका बेहतर काम कर रही है। इस वर्ष सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण के लिए जमीन चिह्नित आदि काम हो जाएंगे। जिससे रैंकिंग में तेजी से सुधार होगा।

- संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद हापुड़
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