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Hapur News: आनंद विहार, प्रीत विहार में बनेगा एसटीपी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2024 02:19 AM IST
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STP will be built in Anand Vihar, Preet Vihar
हापुड़। एचपीडीए जल निगम के साथ मिलकर शहर दिल्ली रोड स्थित आनंद विहार, प्रीत विहार में सीवर के दूषित पानी को शोधित करने के लिए एसटीपी का निर्माण कराएगा। करीब 90 करोड़ की लागत से बनने वाले इस एसटीपी की क्षमता 18 एमएलडी होगी और इससे इस पूरे क्षेत्र के सीवर को शोधित किया जा सकेगा। इसके लिए 20 हजार वर्ग मीटर भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है।
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हापुड़ से गुजरने वाली काली नदी में भी शहर के नालों का गंदा पानी गिरता है। काली के माध्यम से प्रदूषण गंगा तक पहुंचता है। गंगा के भी हालत खराब हो रहे हैं। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे योजना के तहत एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने बड़े नालों पर एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने की कवायद की जा रही है। इसके साथ ही अब प्राधिकरण भी अपने क्षेत्र के दूषित पानी को शोधित करने के प्रयास में जुटा है। ताकि यहां का दूषित पानी शोधित होकर ही नालों में गिरने के बजाय कृषि कार्यों में प्रयोग किया जा सके। प्राधिकरण इसके लिए भूमि और धनराशि का प्रबंध करेगा, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी जल निगम को सौंपी जाएगी।
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20 हजार वर्ग मीटर भूमि की जरूरत

प्राधिकरण द्वारा 20 हजार वर्ग मीटर भूमि एसटीपी के लिए तलाश कर रहा है। आनंद विहार और प्रीत विहार में जमीन की आवश्यकता है। इसके लिए जल्द ही दोनों विभाग इस क्षेत्र सर्वे करेंगे। भूमि चिन्हित होने के बाद प्रस्ताव बनाकर प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
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-ट्रीट पानी को खेतों की सिंचाई में प्रयोग किया जा सकेगा -

हापुड़ शहर के नालों के पानी को ट्रीट करने से काली नदी को प्रदूषित होने से भी रोके जाने के प्रयास हो रहे हैं। फिलहाल आनंद विहार और प्रीत विहार का दूषित पानी नालों और छोइये के माध्यम से काली नदी में गिर रहा है। लेकिन प्राधिकरण की योजना है कि इन दोनों कालोनियों के सीवर युक्त पानी को शोधित करने के बाद इस पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग किया जाए। इसके लिए आसपास के गांव अच्छेजा, बदनौली के किसानों को राहत मिल सकेगी।


प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि आनंद विहार प्रीत के नालों के दूषित पानी को शोधित करने की योजना बनाई जा रही है। 20 हजार वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध कराने के लिए स्थान चिन्हित किया जा रहा है। चुनाव के बाद इसकी प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। बोर्ड बैठक के बाद उम्मीद है कि इसी वर्ष इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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