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Hapur News: बिजली चोरी के नोटिसों में करोड़ों का गबन, फिर सामने आए नोटिस
Thu, 01 Jun 2023 10:17 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 01 Jun 2023 10:17 PM IST
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हापुड़। बिजली चोरी के बाद ऊर्जा निगम कार्यालय से जारी नोटिसों में फिर से फर्जीवाड़ा सामने आया है। ऐसे करीब 12 नोटिस और मिले हैं, उपभोक्ताओं को इन नोटिसों के जरिए करीब तीन से चार लाख तक का जुर्माना बनाकर भेजा गया था। लेकिन पोर्टल पर इसे 30 से 40 हजार में ही निपटा दिया गया। पांच महीने पहले से इस घोटाले की जांच चल रही है, लेकिन अधिकारी दोषियों को बचाने कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
लाइनलॉस रोकने के लिए जिले में बिजली चोरी का अभियान चल रहा है। ऊर्जा निगम की टीम के साथ विजिलेंस भी लगातार कार्रवाई कर रही है। बिजली चोरी मिलने के बाद चेकिंग रिपोर्ट संबंधित डिवीजन कार्यालय में भेज दी जाती है। यहां इस पटल का कार्य देख रहे कर्मचारी और अधिकारी उपभोक्ताओं को लाखों के नोटिस बनाकर भेजते हैं, ये नोटिस सरकारी दस्तावेज पर ही जारी होते हैं।
लाखों का जुर्माना देख उपभोक्ताओं का डिवीजन कार्यालय आना लाजमी है, इसी का फायदा उठाकर उपभोक्ताओं से तय कर लिया जाता है कि जुर्माना राशि से आठ से दस गुना कम की रसीद दी जाएगी, इसके बदले सुविधा शुल्क भी तय कर लिया जाता है। ऐसे ही 80 से ज्यादा नोटिस अब तक पकड़े जा चुके हैं, हाल ही में फिर से 12 नोटिस पकड़ में आए हैं।
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विजिलेंस की टीम ने पकड़े नोटिस
विजिलेंस की टीम द्वारा हाल ही में ऐसे नोटिस पकड़े हैं। जिसमें उपभोक्ता विपिन कुमार को 374684 रुपये का जुर्माना बनाकर भेजा गया, पोर्टल पर इसे 35 हजार में ही खत्म कर दिया। कुशलपाल को 312682 रुपये का जुर्माना नोटिस भेजा, जिसे 6800 रुपये में ही खत्म कर दिया। इसके अलावा सालाबाद निवासी किरणपाल को 319110, सेहल निवासी सोमपाल को 82150, बड्ढा निवासी सुनील को 85456 रुपये, ढाहना निवासी सुनील कुमार को 53755, भोवापुर निवासी सेंसरपाल को 79456, भोवापुर निवासी राम सिंह को 75124, सलारपुर निवासी अवनीश को 166188, सलारपुर निवासी यशवीर को 137121 को भेजे नोटिसों में भी गड़बड़ी की गई है।
ऊर्जा निगम में प्रमुख भ्रष्टाचार के मामले-
* नलकूप बिलों में गड़बड़ी कर, करीब 600 करोड़ का घोटाला, 20 सालों से सिर्फ जांच जारी।
* गढ़ डिवीजन में फर्जी रसीदों से 60 लाख का घोटाला, मामले में एफआईआर दर्ज हुई।
* उबारपुर बिजलीघर के अवर अभियंता ने पैसे लेकर हाईटेंशन लाइन शिफ्ट की, लाखों का खेल, जेई का सिर्फ तबादला हुआ।
* अवैध कॉलोनी में पत्थर के पोल पर खींची गई लाइन, जांच लांबित।
* ट्याला में बिना एस्टीमेट खींच दी लाइन।
* बाबूगढ़ में भारतीय रक्षा प्रणाली से एस्टीमेट का करीब 22 लाख रुपये ज्यादा जमा कराया, मामले में जांच जारी।
* दो बिजलीघरों को जोड़ने वाली लाइन गलत तरीके से शिफ्ट, जांच जारी।
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मामले की हो रही है जांच
इस मामले की जांच उच्चस्तरीय अधिकारी कर रहे हैं, मामले से जुड़े एक कर्मचारी को सर्किल कार्यालय से संबद्ध किया गया है। एमडी कार्यालय से जैसे आदेश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।-यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।
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लाइनलॉस रोकने के लिए जिले में बिजली चोरी का अभियान चल रहा है। ऊर्जा निगम की टीम के साथ विजिलेंस भी लगातार कार्रवाई कर रही है। बिजली चोरी मिलने के बाद चेकिंग रिपोर्ट संबंधित डिवीजन कार्यालय में भेज दी जाती है। यहां इस पटल का कार्य देख रहे कर्मचारी और अधिकारी उपभोक्ताओं को लाखों के नोटिस बनाकर भेजते हैं, ये नोटिस सरकारी दस्तावेज पर ही जारी होते हैं।
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लाखों का जुर्माना देख उपभोक्ताओं का डिवीजन कार्यालय आना लाजमी है, इसी का फायदा उठाकर उपभोक्ताओं से तय कर लिया जाता है कि जुर्माना राशि से आठ से दस गुना कम की रसीद दी जाएगी, इसके बदले सुविधा शुल्क भी तय कर लिया जाता है। ऐसे ही 80 से ज्यादा नोटिस अब तक पकड़े जा चुके हैं, हाल ही में फिर से 12 नोटिस पकड़ में आए हैं।
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विजिलेंस की टीम ने पकड़े नोटिस
विजिलेंस की टीम द्वारा हाल ही में ऐसे नोटिस पकड़े हैं। जिसमें उपभोक्ता विपिन कुमार को 374684 रुपये का जुर्माना बनाकर भेजा गया, पोर्टल पर इसे 35 हजार में ही खत्म कर दिया। कुशलपाल को 312682 रुपये का जुर्माना नोटिस भेजा, जिसे 6800 रुपये में ही खत्म कर दिया। इसके अलावा सालाबाद निवासी किरणपाल को 319110, सेहल निवासी सोमपाल को 82150, बड्ढा निवासी सुनील को 85456 रुपये, ढाहना निवासी सुनील कुमार को 53755, भोवापुर निवासी सेंसरपाल को 79456, भोवापुर निवासी राम सिंह को 75124, सलारपुर निवासी अवनीश को 166188, सलारपुर निवासी यशवीर को 137121 को भेजे नोटिसों में भी गड़बड़ी की गई है।
ऊर्जा निगम में प्रमुख भ्रष्टाचार के मामले-
* नलकूप बिलों में गड़बड़ी कर, करीब 600 करोड़ का घोटाला, 20 सालों से सिर्फ जांच जारी।
* गढ़ डिवीजन में फर्जी रसीदों से 60 लाख का घोटाला, मामले में एफआईआर दर्ज हुई।
* उबारपुर बिजलीघर के अवर अभियंता ने पैसे लेकर हाईटेंशन लाइन शिफ्ट की, लाखों का खेल, जेई का सिर्फ तबादला हुआ।
* अवैध कॉलोनी में पत्थर के पोल पर खींची गई लाइन, जांच लांबित।
* ट्याला में बिना एस्टीमेट खींच दी लाइन।
* बाबूगढ़ में भारतीय रक्षा प्रणाली से एस्टीमेट का करीब 22 लाख रुपये ज्यादा जमा कराया, मामले में जांच जारी।
* दो बिजलीघरों को जोड़ने वाली लाइन गलत तरीके से शिफ्ट, जांच जारी।
मामले की हो रही है जांच
इस मामले की जांच उच्चस्तरीय अधिकारी कर रहे हैं, मामले से जुड़े एक कर्मचारी को सर्किल कार्यालय से संबद्ध किया गया है। एमडी कार्यालय से जैसे आदेश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।-यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।