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Hapur News: सिर दर्द के साथ तेज बुखार, अस्पतालों में मरीजों की भीड़
Sat, 06 Apr 2024 10:49 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 06 Apr 2024 10:49 PM IST
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हापुड़। लोगों पर इस समय मौसम की मार पड़ रही है। सिर दर्द और पेट संक्रमण के साथ बुखार आ रहा है। उल्टी और दस्त से भी बुरा हाल है। निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बच्चे और बड़े उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, धूप में त्वचा झुलसने के मरीज भी बढ़े हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ समरेंद्र राय ने बताया कि अस्पतालों में तीन से चार दिनों में बच्चों में फूड प्वाइजनिंग के मामले बढ़े हैं। छह माह से कम उम्र के बच्चे भी पहुंच रहे हैं। अधिकतर में वजह बोतल से दूध पिलाना है। गर्मी बढ़ने से दूध खराब हो रहा है, बोतल साफ न होने से भी समस्या आ रही है। वहीं बाजार की तली भुनी चीजें खाने, फास्ट फूड खाने, साफ पानी न पीने से समस्या हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या भी बढ़ेगी। ऐसे में बच्चों के खान पान का ध्यान जरूरी है।
फिजिशियन डॉ प्रदीप मित्तल ने बताया कि मौसम में बदलाव से बुखार के मरीज बढ़े हैं। गले में संक्रमण और पेट का दर्द मरीजों को परेशान कर रहा है। ओपीडी में धूप से त्वचा झुलसने के मरीज भी आ रहे हैं। खांसी और जुकाम भी आसानी से ठीक नहीं हो रहे हैं।
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-- इन बातों का रखें ध्यान--
-ओआरएस का घोल साफ पानी में घोलकर बार-बार पिलाते रहें।
-खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी फल दें।
-फलों में केला, सेब और अनार दें।
- छाछ, नारियल पानी, आम का पन्ना दे सकते हैं।
- पानी ज्यादा पिलाएं, पानी स्वच्छ होना चाहिए।
- बाजार की तली-भुनी चीजें, बाजार के कटे हुए फल को नहीं खिलाएं।
ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
फिजिशियन डॉ अशरफ अली ने बताया कि आंखों के नीचे गड्ढा हो जाना, होंठ, तालू व मुंह सूखना, पेशाब कम या गाढ़ा आना, अधिक प्यास लगना, त्वचा सिकुड़ना खतरे की घंटी है। बच्चा यदि सुस्त हो और खाना पीना छोड़ दें तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं, अपने मन से एंटी बायोटिक न दें।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ समरेंद्र राय ने बताया कि अस्पतालों में तीन से चार दिनों में बच्चों में फूड प्वाइजनिंग के मामले बढ़े हैं। छह माह से कम उम्र के बच्चे भी पहुंच रहे हैं। अधिकतर में वजह बोतल से दूध पिलाना है। गर्मी बढ़ने से दूध खराब हो रहा है, बोतल साफ न होने से भी समस्या आ रही है। वहीं बाजार की तली भुनी चीजें खाने, फास्ट फूड खाने, साफ पानी न पीने से समस्या हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या भी बढ़ेगी। ऐसे में बच्चों के खान पान का ध्यान जरूरी है।
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फिजिशियन डॉ प्रदीप मित्तल ने बताया कि मौसम में बदलाव से बुखार के मरीज बढ़े हैं। गले में संक्रमण और पेट का दर्द मरीजों को परेशान कर रहा है। ओपीडी में धूप से त्वचा झुलसने के मरीज भी आ रहे हैं। खांसी और जुकाम भी आसानी से ठीक नहीं हो रहे हैं।
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-ओआरएस का घोल साफ पानी में घोलकर बार-बार पिलाते रहें।
-खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी फल दें।
-फलों में केला, सेब और अनार दें।
- छाछ, नारियल पानी, आम का पन्ना दे सकते हैं।
- पानी ज्यादा पिलाएं, पानी स्वच्छ होना चाहिए।
- बाजार की तली-भुनी चीजें, बाजार के कटे हुए फल को नहीं खिलाएं।
ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
फिजिशियन डॉ अशरफ अली ने बताया कि आंखों के नीचे गड्ढा हो जाना, होंठ, तालू व मुंह सूखना, पेशाब कम या गाढ़ा आना, अधिक प्यास लगना, त्वचा सिकुड़ना खतरे की घंटी है। बच्चा यदि सुस्त हो और खाना पीना छोड़ दें तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं, अपने मन से एंटी बायोटिक न दें।