Hapur: किसानों की ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के दौरान हंगामा, जगह-जगह लगता रहा जाम, SDM कार्यालय पर दिया धरना
भाकियू युवा विंग के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी के नेतृत्व में दोपहर करीब 12 बजे से यात्रा ततारपुर गोल चक्कर से शुरू हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर थे। इन ट्रैक्टरों पर किसान और भाकियू के कार्यकर्ता थे, जो देशभक्ति का संगीत चलाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
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संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर निकली किसानों की ट्रैक्टर तिरंगा रैली के दौरान हंगामा हो गया। तिरंगा रैली और हंगामे के बाद सड़कों पर करीब ढाई घंटे तक जाम रहा। जाम के कारण लोगों के पसीने छूट गए। वहीं, एसडीएम सदर ईला प्रकाश के ज्ञापन लेने न आने पर किसान भड़क गए और तहसील चौपले पर धरने पर बैठ गए। उठाने का प्रयास किया तो भाकियू टिकैत युवा विंग के कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। इसके बाद किसान एसडीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। शाम तक एसडीएम और सीओ के स्थानांतरण की मांग को लेकर किसान धरने पर डटे रहे।
भाकियू युवा विंग के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी के नेतृत्व में दोपहर करीब 12 बजे से यात्रा ततारपुर गोल चक्कर से शुरू हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर थे। इन ट्रैक्टरों पर किसान और भाकियू के कार्यकर्ता थे, जो देशभक्ति का संगीत चलाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जहां से भी रैली निकलती गई, वहां पर जाम लगता चला गया। दोपहर करीब एक बजे यात्रा तहसील चौराहे पर पहुंची। जहां किसानों को एसडीएम सदर को एक ज्ञापन सौंपना था।
ज्ञानेश्वर त्यागी ने बताया कि एक सप्ताह पहले एलआईयू के माध्यम से सूचना दी गई थी कि किसान मांगों को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपेंगे, लेकिन वह किसानों के बीच में नहीं आई। इस पर अन्नदाताओं में आक्रोश फैल गया और किसान तहसील चौपले पर ही धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप था कि धरने के दौरान सीओ जितेंद्र शर्मा ने उनसे अभद्रता की। इससे किसानों में आक्रोश और बढ़ गया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह और देहात थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने किसानों को उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। इस पर किसानों की पुलिस कर्मियों से नोकझोंक हुई। पुलिसकर्मियों के बार-बार कहने पर किसान माने और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, लेकिन एसडीएम सदर के कार्यालय पर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। शाम तक भी एसडीएम सदर ईला प्रकाश और सीओ जितेंद्र शर्मा के स्थानांतरण की मांग को लेकर किसान धरने पर बैठे रहे।