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Hapur News: अस्पताल में मृतक के परिजनों का हंगामा
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पिलखुवा। आयुष्मान कार्ड से उपचार होने के बावजूद भी मृतक का शव देने के लिए 70 हजार रुपये मांगने पर किसान मजदूर संगठन के बैनर तले परिजनों ने रामा अस्पताल के परिसर में जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसएचओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने समझा बुझाकर, परिजनों को मृतक का शव दिला मामला शांत कराया।
बुलंदशहर के छपरावत निवासी सुरेश (48) की लीवर में इंफेक्शन होने के कारण अचानक तबीयत खराब हो जाने पर परिजनों पर चार दिन पहले रामा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया था। परिजनों का कहना है कि तभी से मरीज का उपचार आयुष्मान कार्ड के जरिये किया जा रहा था। मरीज की रविवार तड़क उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल चिकित्सकों ने 70 हजार रुपये जमा पर शव देने की बात कही। मृतक के परिचित किसान मजदूर संगठन से जुड़े होने के कारण उन्होंने मामले की सूचना संगठन पदाधिकारियों को दी। सूचना पर पहुंचे संगठन पदाधिकारियों और मृतक के परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इसके उपरांत कोतवाल अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने पहुंचकर शव दिला मामला शांत कराया।
अस्पताल प्रबंधक आकाश कुमार का कहना है कि मृतक को बाहर से खून मगाकर चढ़ाया गया था, उसके रुपयों की चिकित्सकों द्वारा जमा कराए जाने को कहा गया था।
एसएचओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि किसान एवं मृतक के परिजनों को शव दिला एवं समझा बुझाकर मामला शांत कराया दिया गया था।
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बुलंदशहर के छपरावत निवासी सुरेश (48) की लीवर में इंफेक्शन होने के कारण अचानक तबीयत खराब हो जाने पर परिजनों पर चार दिन पहले रामा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया था। परिजनों का कहना है कि तभी से मरीज का उपचार आयुष्मान कार्ड के जरिये किया जा रहा था। मरीज की रविवार तड़क उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल चिकित्सकों ने 70 हजार रुपये जमा पर शव देने की बात कही। मृतक के परिचित किसान मजदूर संगठन से जुड़े होने के कारण उन्होंने मामले की सूचना संगठन पदाधिकारियों को दी। सूचना पर पहुंचे संगठन पदाधिकारियों और मृतक के परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इसके उपरांत कोतवाल अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने पहुंचकर शव दिला मामला शांत कराया।
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अस्पताल प्रबंधक आकाश कुमार का कहना है कि मृतक को बाहर से खून मगाकर चढ़ाया गया था, उसके रुपयों की चिकित्सकों द्वारा जमा कराए जाने को कहा गया था।
एसएचओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि किसान एवं मृतक के परिजनों को शव दिला एवं समझा बुझाकर मामला शांत कराया दिया गया था।
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