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Hapur News: 30 साल की पीड़ा पर लगा मरहम, पालिका ने रेलवे को दिए 50.78 लाख
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पिलखुवा। छिद्दापुरी में 30 साल पुरानी जलनिकासी की समस्या दूर करने के लिए नगर पालिका ने रेलवे भूमि का 50.78 लाख रुपये शुल्क जमा कराया है। इससे नाले के निर्माण का रास्ता साफ हुआ है।
छिद्दापुरी और आसपास के मोहल्लों में नाला नहीं होने से बारिश के दिनों में जलभराव हो जाता था। रास्तों पर पानी भरने से लोगों का आवागमन प्रभावित रहता था। कई बार घरों तक पहुंचने के लिए लोगों को रास्ता बदलकर घूमना पड़ता था। गंदा पानी जमा रहने से 25 हजार से अधिक आबादी लंबे समय से परेशानी झेल रही थी।
नगर पालिका अध्यक्ष विभु बंसल ने बताया कि रेलवे भूमि के उपयोग के लिए 50 लाख 77 हजार 953 रुपये वे-लीव सुविधा शुल्क जमा कराया गया है। रेलवे से अनुमति मिलने के बाद अब नगर पालिका और रेलवे के बीच एमओयू की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इसके बाद नाले के निर्माण की कार्रवाई शुरू होगी।
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उन्होंने कहा कि 30 साल से चली आ रही समस्या के समाधान के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है। नाला बनने के बाद बारिश के पानी की निकासी बेहतर होगी और छिद्दापुरी सहित आसपास के मोहल्लों के लोगों को जलभराव से स्थाई राहत मिलने की उम्मीद है।
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छिद्दापुरी और आसपास के मोहल्लों में नाला नहीं होने से बारिश के दिनों में जलभराव हो जाता था। रास्तों पर पानी भरने से लोगों का आवागमन प्रभावित रहता था। कई बार घरों तक पहुंचने के लिए लोगों को रास्ता बदलकर घूमना पड़ता था। गंदा पानी जमा रहने से 25 हजार से अधिक आबादी लंबे समय से परेशानी झेल रही थी।
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नगर पालिका अध्यक्ष विभु बंसल ने बताया कि रेलवे भूमि के उपयोग के लिए 50 लाख 77 हजार 953 रुपये वे-लीव सुविधा शुल्क जमा कराया गया है। रेलवे से अनुमति मिलने के बाद अब नगर पालिका और रेलवे के बीच एमओयू की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इसके बाद नाले के निर्माण की कार्रवाई शुरू होगी।
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उन्होंने कहा कि 30 साल से चली आ रही समस्या के समाधान के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है। नाला बनने के बाद बारिश के पानी की निकासी बेहतर होगी और छिद्दापुरी सहित आसपास के मोहल्लों के लोगों को जलभराव से स्थाई राहत मिलने की उम्मीद है।