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भिक्षुक के वेश में सीता को हर ले गया रावण
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Thu, 06 Oct 2016 08:49 PM IST
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सीता को हर ले गया रावण
- फोटो : अमर उजाला
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श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को देर रात तक सीता हरण, जटायु मोक्ष और शबरी मिलन की लीला का मंचन किया गया। सीता का हरण देख दर्शकदीर्घा में बैठी महिलाएं सिसक पड़ीं।
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श्री राम लक्ष्मण पंचवटी में निवास करते हैं। यहां रावण की बहन सुपर्णखा ने राम लक्ष्मण से विवाह का प्रस्ताव रखा। इससे नाराज लक्ष्मण ने सूपर्णखा के नाक, कान काट दिए।
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विवाह का प्रस्ताव ठुकराने पर जब लंकापति रावण की बहन सुपर्णखा ने उत्पात मचाया तो लक्ष्मण ने उसके नाक-कान काट डाले। इसका पता लगते ही खरदूषण बुरी तरह क्रोधित हो उठा और लक्ष्मण को युद्ध भूमि में आने की चेतावनी दे डाली।
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युद्ध में लक्ष्मण ने खर-दूषण का वध कर दिया। इसके बाद रावण ने मारीच के साथ सीता हरण की योजना बनाई। जैसे ही सीता ब्राह्मण को भिक्षा देने के लिए लक्ष्मण रेखा पार कर बाहर आईं तो रावण उन्हें हर ले गया।
शिकार से लौटे भगवान राम ने जब कुटिया में सीता को नहीं देखा तो वह व्याकुल हो उठे। सीता की खोज में निकले राम को रास्ते में घायल पड़े जटायु ने सीता हरण की गाथा सुनाई। श्रीराम ने जटायु को मोक्ष प्रदान किया। इसके बाद उनका शबरी से मिलन हुआ।
वहां शबरी के आश्रम पहुंचकर श्री राम ने प्रेमपूर्वक जूठे बेर खाए। इस अवसर पर देवेंद्र कुमार सर्राफ, वीरेंद्र कुमार, संजय गर्ग, गौरव अग्रवाल, विकास शर्मा, वीरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, अनिल तोमर आदि का सहयोग रहा।
वहीं पिलखुवा में चल रही रामलीला में भी बृहस्पतिवार को सीता हरण का सुंदर मंचन किया गया। देर रात तक यह मंचन जारी रहा। इसे सफल बनाने में राजेश मित्तल, डॉ. विपिन, अखिलेश मित्तल, अनिल जिंदल, लोकेश गोयल, अजय, अशोक, नवनीत का सहयोग रहा।
श्रीराम कथा सेवा समिति श्रीनगर की ओर से शीतला माता मंदिर के पास चल रही रामलीला में गुरुवार शाम राम के वन गमन का मंचन किया गया। श्रीराम सीता से विवाह के बाद अयोध्या पहुंचते हैं। इससे अयोध्या में घर-घर में उत्सव मनाया जाता है।
इसके बाद राजा दशरथ राम के राज तिलक की घोषणा करते हैं। राजा दशरथ की घोषणा सुन दासी मंथरा के उकसाने पर रानी कैकयी कोपभवन में चली गईं। इसके बाद कैकयी ने राजा दशरथ से श्री राम को चौदह वर्ष का वनवास और भरत के राज्याभिषेक का वरदान मांगा।
इसके बाद प्रभु श्री राम, मां सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ वनगमन की तैयारियां शुरू कर देते हैं। इससे अयोध्या विरह शोक में डूब जाती है। सभी नगरवासी राम के साथ वन चलने लगते हैं।
राम रात्रि में सभी नगरवासियों को सोते हुए छोड़कर वन निकल जाते हैं। इस मौके पर विनोद गुप्ता, अशोक छारिया, ललित, अजय, राजीव, कपिल, अशोक, डॉ. नरेंद्र केन आदि मौजूद रहे।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की बारात का भक्तों ने फूलों की बरसात कर स्वागत किया। मनोरंजन कर मंत्री ने राम के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। बहादुरगढ़ क्षेत्र के लुहारी गांव में बृहस्पतिवार शाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की बारात धूमधाम से निकाली गई।
प्रदेश के मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान राम को तिलक लगाकर शुभारंभ किया। इस दौरान राम दरबार सहित देवी-देवताओं की भव्य झांकियों से सुसज्जित शोभायात्रा भी निकाली गई।
इसका रास्तों में खड़ी भक्तों की भीड़ ने फूलों की बरसात से जोरदार स्वागत किया। मुख्य रास्तों से होकर रामलीला मैदान में पहुंचकर बारात संपन्न हुई।
इस दौरान कमेटी अध्यक्ष ओमपाल सिंह, रणधीर ठाकुर, जोगेंद्र चौधरी, दिनेश पंडित, जयकरण, चरण चौहान, राजपाल चौधरी, बिरजू कश्यप, लीलापथ प्रजापति, नीरज सिंह आदि मौजूद रहे।