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Hapur News: पूठ में बनेगा पुष्पावती घाट, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
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हापुड़। गंगा नगरी ब्रजघाट में जल्द ही पूठ घाट पर पुष्पावती घाट का निर्माण कराया जाएगा। जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। घाट का निर्माण होने पर पर्यटकों को साउंड सिस्टम का भी लुत्फ उठाने को मिलेगा। जिला पंचायत द्वारा 6.70 लाख रुपये का घाट का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुष्पावती महाभारत कालीन गांव है। यहां पांडवों की राजधानी का एक भाग था। उस समय पुष्पावती नाम का एक भव्य उद्यान था, जो हस्तिनापुर के शासकों का सैरगाह माना जाता था। पांडवों की महारानी द्रोपदी अक्सर पुष्पावती आया करती थीं। इसके साथ गुरु द्रोणाचार्य की तपोभूमि, कौरव-पांडवों की परीक्षा स्थली और एकलव्य की साधना स्थली रहा है।
अपर मुख्य अधिकारी आरती मिश्रा ने बताया कि पुष्पावटी को पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने के लिए घाट का मिनार्ण कराया जाएगा। जहां साउंड सिस्टम, बैरीकैडिंग, गौताखोर की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। घाट निर्माण के साथ ही सुलभ शौचालय और महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए कक्ष का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही सौंदर्यकरण के लिए पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। संवाद
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पुष्पावती महाभारत कालीन गांव है। यहां पांडवों की राजधानी का एक भाग था। उस समय पुष्पावती नाम का एक भव्य उद्यान था, जो हस्तिनापुर के शासकों का सैरगाह माना जाता था। पांडवों की महारानी द्रोपदी अक्सर पुष्पावती आया करती थीं। इसके साथ गुरु द्रोणाचार्य की तपोभूमि, कौरव-पांडवों की परीक्षा स्थली और एकलव्य की साधना स्थली रहा है।
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अपर मुख्य अधिकारी आरती मिश्रा ने बताया कि पुष्पावटी को पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने के लिए घाट का मिनार्ण कराया जाएगा। जहां साउंड सिस्टम, बैरीकैडिंग, गौताखोर की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। घाट निर्माण के साथ ही सुलभ शौचालय और महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए कक्ष का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही सौंदर्यकरण के लिए पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। संवाद
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