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बिजलीघर पर धावा बोला, सांसद से नोकझोंक
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 04 Jun 2016 08:35 PM IST
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अंधाधुंध बिजली कटौती से गांव वझीलपुर के लोगों का गुस्सा भड़का
- फोटो : अमर उजाला
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भीषण गर्मी में अंधाधुंध बिजली कटौती से लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। शायद ही कोई दिन बीतता हो, जब बिजली को लेकर कहीं न कहीं बवाल न होता हो। शनिवार को गांव वझीलपुर के लोगों ने बिजलीघर पर धावा बोलकर अवर अभियंता को बंधक बनाकर प्रदर्शन किया।
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बाद में सांसद राजेंद्र अग्रवाल के यहां पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई। इस दौरान ग्रामीणों की सांसद से काफी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने सांसद की गाड़ी के आगे लेटने तक की चेतावनी दे डाली।
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काफी देर तक हुए हंगामे से बात बिगड़ती देख सांसद ने ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता से फोन पर वार्ता कर ग्रामीणों को 14 घंटे आपूर्ति उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया, तब ग्रामीण शांत हुए।
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गांव वझीलपुर, धनौरा, सूदना, खड़खड़ी व मुरादपुर में चार दिन से बिजली को लेकर हाहाकार मचा है। इन गांवों में चार दिन से 24 घंटे में बमुश्किल तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे इस भीषण गर्मी में त्राहि-त्राहि मची है।
बिजली न आने से पानी का संकट भी गहराने लगा है। इसको लेकर शनिवार को वझीलपुर गांव के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में गांव वाले बिजलीघर पर एकत्र हुए और हंगामा शुरू कर दिया।
इस दौरान अवर अभियंता को बंधक बना कर प्रदर्शन कर खूब नारेबाजी की। साथ ही विभाग के अफसरों को चेताया कि जल्द आपूर्ति दुरुस्त न हुई तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
बिजलीघर पर हंगामा करने के बाद ग्रामीण कैलाश गंगा भवन में सांसद राजेंद्र अग्रवाल से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने बिजली समस्या से संबंधित अपनी पीड़ा सांसद को बताई। पर राहत के नाम पर कोई आश्वासन न मिलने पर ग्रामीणों की सांसद से काफी नोकझोंक हुई।
इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने यहां तक कहा कि समस्या का समाधान न होने पर वे उनकी गाड़ी के आगे लेट जाएंगे। बताते हैं कि बात बिगड़ती देख सांसद ने ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता से फोन पर वार्ता कर 14 घंटे आपूर्ति उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया,
तब ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। वहीं, जाते-जाते ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी कि जल्द राहत न मिलने पर फिर आंदोलन करेंगे।
इस दौरान राजकुमार त्यागी, ज्ञानेंद्र त्यागी, विपिन त्यागी, सत्यवीर प्रधान, कपिल शर्मा, दीपक, शैलेंद्र त्यागी, बॉबी त्यागी, सुबोध, संजय कुमार, अनुज कुमार त्यागी, डॉ.अतुल त्यागी, डॉ. प्रमोद त्यागी, नितिन व अजीत आदि मौजूद रहे।
सांसद के यहां से लौटे ग्रामीणों की माने तो वे बिजली समस्या से राहत के लिए सांसद के पास गए थे, पर वह उदासीन दिखे। इस पर नोकझोंक व हंगामा की नौबत खड़ी हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि ‘सांसद से ही उम्मीद बंधी थी, वह भी ध्यान नहीं देंगे तो हम कहा जाएंगे’।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बना बिजलीघर ओवर लोड है। चार दिन से इस बिजलीघर से जुड़े गांव वझीलपुर, धनौरा, सूदना, खड़खड़ी व मुरादपुर को दिन में मुश्किल से तीन घंटे बिजली मिल रही है।
जबकि शासन ने 14 घंटे आपूर्ति का आदेश है। गांव वालों का कहना है कि वर्ष 2015 में राजीव गांधी ग्रामीण विकास येाजना के अंतर्गत इस बिजलीघर में एक पांच एमवी क्षमता का ट्रांसफार्मर व चार ओसीबी मशीन लगनी स्वीकृत हुई थी। लेकिन अफसरों की अनदेखी से आज तक नया ट्रांसफार्मर व मशीन नहीं लग सकी हैं।