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Hapur News: प्रदूषण फैलाने वाली 98 फैक्टरियों को नोटिस, होगी जांच शुरू
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हापुड़। ग्रैप-1 लागू होने के बाद भी जिले में प्रदूषण के स्तर पर कुछ खास फर्क नहीं पड़ा है। हवा की रफ्तार तेज होने के बावजूद हापुड़ का एक्यूआई सोमवार सुबह 207 दर्ज किया गया। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले में प्रदूषण का कारण बन रही 98 फैक्टरियों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस का कितना असर हुआ है, इसकी जांच के लिए अब इनका औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में नियमों का पालन न करने पर टीम की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण रोकने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अलग से टीम बनाई हुई है, जो जिलों में प्रदूषण के मानकों को लेकर जगह-जगह कार्रवाई करती है। इस क्षेत्र में ग्रैप-1 लागू होने के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने 98 ऐसी फैक्टरियों को चिह्नित किया है, जो ईंधन के माध्यम से हवा में प्रदूषण बढ़ाने में सहयोग करती हैं। इन फैक्टरियों के बॉयलर लगातार प्रदूषण फैला रहे हैं। पूर्व में भी ऐसी 18 फैक्टरियों पर जुर्माने की कार्रवाई की जा चुकी है। इस बार भी ये फैक्टरियां प्रदूषण नियंत्रण विभाग के रडार पर हैं।
दिवाली के आसपास गैस चैंबर बन जाता है यह क्षेत्र
पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली-एनसीआर का क्षेत्र दीपावली के आसपास गैस चैंबर में तब्दील हो जाता है। इसलिए दिवाली से पहले इस प्रकार की सख्ती के प्रयास किए जा रहे हैं। नियम के अनुसार, फैक्टरियों का संचालन बायोगैस, पीएनजी आदि से ही कर सकते हैं। जनपद के औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी की लाइन बिछाई गई है, लेकिन कनेक्शन भी नाममात्र के ही हुए हैं। ऐसे में यह भी प्रयास है कि पीएनजी के अधिक से अधिक कनेक्शन लिए जा सकें।
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सोमवार को भी दो सौ से पार रहा एक्यूआई, शाम को लुढ़का
प्रदूषण का स्तर अभी भी जिले में कम नहीं हुआ है। रात के समय इसमें इजाफा हो जाता है। सोमवार सुबह का एक्यूआई 207 दर्ज किया गया। ऐसे में सुबह के समय टहलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, नगर पालिका की एंटी फॉगिंग मशीन शहर में सक्रिय है और छिड़काव भी कर रही है। इसके कारण प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई। शाम तक एक्यूआई घटकर 110 रह गया।
इस बार दिवाली से पहले और बाद में प्रदूषण की स्थिति नियंत्रित रहे, इसके लिए हापुड़ क्षेत्र की 98 ऐसी फैक्टरियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जो प्रदूषण फैला सकती हैं। अब इनकी औचक जांच की जाएगी। नियमों का पालन नहीं पाया जाता है, तो जुर्माना और कार्रवाई होगी। इसके साथ अन्य बिंदुओं पर भी लगातार निगरानी जारी है। — विपुल कुमार, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण रोकने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अलग से टीम बनाई हुई है, जो जिलों में प्रदूषण के मानकों को लेकर जगह-जगह कार्रवाई करती है। इस क्षेत्र में ग्रैप-1 लागू होने के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने 98 ऐसी फैक्टरियों को चिह्नित किया है, जो ईंधन के माध्यम से हवा में प्रदूषण बढ़ाने में सहयोग करती हैं। इन फैक्टरियों के बॉयलर लगातार प्रदूषण फैला रहे हैं। पूर्व में भी ऐसी 18 फैक्टरियों पर जुर्माने की कार्रवाई की जा चुकी है। इस बार भी ये फैक्टरियां प्रदूषण नियंत्रण विभाग के रडार पर हैं।
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दिवाली के आसपास गैस चैंबर बन जाता है यह क्षेत्र
पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली-एनसीआर का क्षेत्र दीपावली के आसपास गैस चैंबर में तब्दील हो जाता है। इसलिए दिवाली से पहले इस प्रकार की सख्ती के प्रयास किए जा रहे हैं। नियम के अनुसार, फैक्टरियों का संचालन बायोगैस, पीएनजी आदि से ही कर सकते हैं। जनपद के औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी की लाइन बिछाई गई है, लेकिन कनेक्शन भी नाममात्र के ही हुए हैं। ऐसे में यह भी प्रयास है कि पीएनजी के अधिक से अधिक कनेक्शन लिए जा सकें।
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सोमवार को भी दो सौ से पार रहा एक्यूआई, शाम को लुढ़का
प्रदूषण का स्तर अभी भी जिले में कम नहीं हुआ है। रात के समय इसमें इजाफा हो जाता है। सोमवार सुबह का एक्यूआई 207 दर्ज किया गया। ऐसे में सुबह के समय टहलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, नगर पालिका की एंटी फॉगिंग मशीन शहर में सक्रिय है और छिड़काव भी कर रही है। इसके कारण प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई। शाम तक एक्यूआई घटकर 110 रह गया।
इस बार दिवाली से पहले और बाद में प्रदूषण की स्थिति नियंत्रित रहे, इसके लिए हापुड़ क्षेत्र की 98 ऐसी फैक्टरियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जो प्रदूषण फैला सकती हैं। अब इनकी औचक जांच की जाएगी। नियमों का पालन नहीं पाया जाता है, तो जुर्माना और कार्रवाई होगी। इसके साथ अन्य बिंदुओं पर भी लगातार निगरानी जारी है। — विपुल कुमार, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।