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Hapur News: खाद्य तेलों में मिलावट पर दिया फर्म को नोटिस
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हापुड़। जिले में खाद्य तेलों में मिलावट का खेल सालों से चल रहा है लेकिन पहली बार आयुक्त स्तर से कार्रवाई हुई है। नगर के दिल्ली रोड स्थित केएल वेजिटेबल ऑयल प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के नमूने असुरक्षित और अद्योमानक मिलने के बाद शनिवार को फर्म संचालक को नोटिस दिया गया।
संचालक को बिक्री रोकने व स्टॉक की जानकारी मांगी गई है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद अन्य फर्म संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने केएल वेजिटेबल ऑयल प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड से लिए नमूनों में कमियां मिलने पर फोर्टिफाइड कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल, कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल के पूरे प्रदेश में भंडारण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया है।
शहर की नामचीन फर्म होने के कारण तेल मिलों के संचालक परेशान हैं। ऐसे में अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
बता दें कि जिले में 20 से अधिक छोटी और बड़ी तेल मिलों का संचालन हो रहा है, जो सरसों का तेल, रिफाइंड और घी अपने ब्रांड से बना रहे हैं।
राजस्थान, जम्मू-कश्मीर आदि राज्यों से टैंकर मंगाकर प्रतिमाह करोड़ों रुपये की बिक्री फर्म संचालकों द्वारा की जा रही है। वहीं, यह मिलावटी खाद्य तेल, रिफाइंड और घी लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है।
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इससे गंभीर बीमार होने का खतरा रहता है। वहीं, केएल वेजिटेबल के मामले में जिला स्तर से कार्रवाई धीमी गति से चल रही है।
तेल में लेड की मात्रा अधिक मिलने और उच्च अधिकारियों का पत्र मिलने के बाद भी जिले के अधिकारी दो दिन बाद भी फैक्टरी नहीं गए हैं।
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संचालक को बिक्री रोकने व स्टॉक की जानकारी मांगी गई है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद अन्य फर्म संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने केएल वेजिटेबल ऑयल प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड से लिए नमूनों में कमियां मिलने पर फोर्टिफाइड कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल, कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल के पूरे प्रदेश में भंडारण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया है।
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शहर की नामचीन फर्म होने के कारण तेल मिलों के संचालक परेशान हैं। ऐसे में अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
बता दें कि जिले में 20 से अधिक छोटी और बड़ी तेल मिलों का संचालन हो रहा है, जो सरसों का तेल, रिफाइंड और घी अपने ब्रांड से बना रहे हैं।
राजस्थान, जम्मू-कश्मीर आदि राज्यों से टैंकर मंगाकर प्रतिमाह करोड़ों रुपये की बिक्री फर्म संचालकों द्वारा की जा रही है। वहीं, यह मिलावटी खाद्य तेल, रिफाइंड और घी लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है।
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इससे गंभीर बीमार होने का खतरा रहता है। वहीं, केएल वेजिटेबल के मामले में जिला स्तर से कार्रवाई धीमी गति से चल रही है।
तेल में लेड की मात्रा अधिक मिलने और उच्च अधिकारियों का पत्र मिलने के बाद भी जिले के अधिकारी दो दिन बाद भी फैक्टरी नहीं गए हैं।