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मोदी जी! यहां तो 33वें दिन भी नहीं खुले एटीएम के शटर
ब्यूरो अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 10 Dec 2016 09:39 PM IST
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नहीं खुले एटीएम के शटर
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के 33वें दिन भी जिलेभर के एटीएम शोपीस बने हुए हैं। अधिकांश के शटर भी नहीं उठाए जा सके हैं। बैंकों में तीन दिन के अवकाश के चलते शनिवार को दिन निकलते ही ग्राहक कैश के लिए एटीएम के चक्कर लगाने लगे,
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लेकिन उन्हें सिर्फ मायूसी हाथ लगी। जिन दो एटीएम में कैश था, वहां ग्राहकों की लंबी कतारें थीं। कुल मिलाकर ग्राहकों को पूरे दिन कैश के लिए भटकना पड़ा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा के दो दिन बाद एटीएम सुविधा बहाल होने की बात कही थी। तब से अब 33 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक जिलेभर में एटीएम सुविधा बहाल नहीं हुई है।
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बैंकों में तीन दिन तक अवकाश के चलते ग्राहक एटीएम पर ही निर्भर हैं। दिन निकलते ही ग्राहक कैश की चाह में एटीएम के चक्कर लगाने लगे, लेकिन शहरभर में चक्कर लगाने के बावजूद
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उन्हें सिर्फ गढ़ रोड स्थित आईसीआईसीआई और बुलंदशहर रोड स्थित स्टेट बैंक के एटीएम पर ही कैश मिल सका। यहां भी ग्राहकों की लंबी कतारें थीं।
पिलखुवा में भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक सुशील कुमार ने बताया कि रविवार को साप्ताहिक अवकाश और सोमवार को बारावफात के कारण बैंक बंद रहेंगे। बैंक खुलने पर लोगों को कैश वितरण के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
वहीं एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि एटीएम अभी 500 और 2000 रुपये के नोट रखने के लिए अपडेट नहीं हैं। कुछ एटीएम के माध्यम से 100 रुपये के नोट ग्राहकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बुधवार को हापुड़ के सीतादेई गांव निवासी राजीव सिंह की मौत कैंसर के कारण हुई थी। कैश की किल्लत से उसकी मौत का कोई संबंध नहीं है। यह दावा एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में किया है। उन्होंने डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है।
गौरतलब है कि बुधवार को सीतादेई निवासी बिजेंद्र सिंह के 24 वर्षीय बेटे राजीव की मौत हो गई थी। वह कैंसर से पीड़ित था। उस समय परिजनों ने आरोप लगाया था कि बैंक से कैश न मिलने के कारण राजीव का इलाज नहीं हो पाया।
इसके कारण उसकी मौत हो गई। डीएम ने मामले की जांच एसडीएम मीनू राणा को सौंपी। जांच के बाद एसडीएम ने दावा किया है कि राजीव की मौत कैश की कमी से नहीं हुई।
बीमारी ही उसकी मौत का कारण बनी। इस संबंध में परिजनों और बैंक के अधिकारियों से भी बात की गई। परिजनों ने उस समय कुछ लोगों के कहने पर ऐसा बयान दिया।
अब उन्होंने लिखित में दिया है कि राजीव की मौत का कारण कैश की कमी नहीं थी। एसडीएम ने डीएम अनिल ढींगरा को रिपोर्ट सौंप दी है।