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नो कैश का बोर्ड देख भड़के लोग, बैंक कर्मी भागे थाने

Mon, 09 Jan 2017 09:01 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Mon, 09 Jan 2017 09:01 PM IST
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No cash board Fierce people.
बैंक कर्मी भागे थाने - फोटो : अमर उजाला

बैंक खुलने से पहले ही कर्मियों ने नो कैश का बोर्ड लगा दिया। इसे देख लाइन में खड़े लोगों का पारा चढ़ गया। भड़के ग्राहकों ने कर्मचारियों को बाहर रोककर जमकर हंगामा किया। बैंककर्मी किसी तरह वहां से निकलकर थाने भागे।

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पुलिस कर्मियों के बहुत समझाने पर भी ग्राहक नहीं माने। दोपहर करीब एक बजे एसओ के पहुंचने पर ग्राहकों ने बैंक का ताला खोलने दिया। नोटबंदी के बाद बेपटरी हुई बैंकिंग व्यवस्था 61 दिन बाद भी पटरी पर नहीं लौट पाई है।
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सिंभावली में पंजाब नेशनल बैंक खुड़लिया के बाहर सोमवार सुबह करीब सात बजे से ही पैसा निकालने वालों की कतारें लग गई थीं। करीब दस बजे बैंक कर्मी पहुंचे और मेन गेट पर नो कैश का बोर्ड टांग दिया।
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इसे देखते ही पैसा निकालने के लिए घंटों लाइन में लगे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भड़के लोगों ने हंगामा करते हुए बैंक कर्मियों को बाहर ही रोक लिया। हंगामा बढ़ते देख बैंक कर्मी किसी तरह वहां से निकले और थाने पहुंचे।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने गुस्साए लोगों को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गुस्साए लोग बैंक के बाहर दोपहर करीब एक बजे तक डटे रहे। दोपहर बाद एसओ विजय बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और

किसी तरह लोगों को समझाकर बैंक का ताला खुलवाया। इसके बाद बैंक में कामकाज शुरू हो सका। अनीस, अली, अनिल, अरविंद, पीतम, जतन, धर्मपाल, जयसिंह, श्याम सिंह, बब्लू ने बताया कि बुधवार से ही बैंक शाखा से कैश वितरित नहीं किया गया है।

घंटों तक लाइन में लगने के बाद भी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सहायक शाखा प्रबंधक विजय कुमार ने बताया कि कैश न मिलने के कारण वितरण नहीं किया गया है। संभवत मंगलवार को कैश आ जाएगा।

एक साल की लंबी अवधि बीतने के बाद शुगर मिल ने खातों में पेमेंट भेजा है, लेकिन इससे भी किसानों की आर्थिक तंगी दूर नहीं हो पा रही है। बैंक में कैश न आने से किसानों को लाइन में लगने के बाद भी पैसा नहीं मिल पा रहा है।


किसान राजपाल, देवेंद्र, हसरत अली का कहना है कि पहले शुगर मिलें किसानों का पैसा दाबकर बैठी हुई थीं, अब बैंकों से निकासी नहीं हो पा रही है। इसके चलते बच्चों की ब्याह-शादी सहित जरूरी कामकाज के लिए ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है।

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