एनजीटी के आदेश की अवहेलना: कार्तिक पूर्णिमा मेला क्षेत्र में कूड़े में लगाई आग, दुर्गंध से झेलनी पड़ी परेशानी
कार्तिक पूर्णिमा पर्व के अवसर पर गंगा खादर क्षेत्र में लगने वाला मेला अधिकारिक तौर पर संपन्न हो चुका है। अधिकांश श्रद्धालु, दुकानदार और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी मेला क्षेत्र से वापस लौट चुके हैं। श्रद्धालु, दुकानदार, पशु मेला क्षेत्र में पहुंचे व्यापारी अपने पीछे गंदगी छोड़ गए हैं।
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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए एनजीटी द्वारा फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाई हुई है, वहीं ग्रेप लागू है। लेकिन, कार्तिक पूर्णिमा मेला क्षेत्र में मेरठ सेक्टर में सफाई कर्मियों ने लापरवाही और कुछ किसानों ने फसलों की बुआई के चक्कर में कूड़ा एकत्र कर आग लगा दी। जिससे वहां पर मौजूद लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
कार्तिक पूर्णिमा पर्व के अवसर पर गंगा खादर क्षेत्र में लगने वाला मेला अधिकारिक तौर पर संपन्न हो चुका है। अधिकांश श्रद्धालु, दुकानदार और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी मेला क्षेत्र से वापस लौट चुके हैं। श्रद्धालु, दुकानदार, पशु मेला क्षेत्र में पहुंचे व्यापारी अपने पीछे गंदगी छोड़ गए हैं। पशु मेला क्षेत्र तो खाली हो चुका है।
वहीं, मेरठ सेक्टर से भी श्रद्धालु जा चुके हैं। इस क्षेत्र में खेतों में फसलों की बुवाई करने वाले कुछ किसानों ने खेतों में सफाई शुरू कर दी है। वहीं मेरठ समेत अन्य सैक्टरों में भी सफाईकर्मी लगे हुए हैं। मेरठ सेक्टर में बृहस्पतिवार की शाम सफाई कर्मियों व कुछ किसानों ने सफाई के बाद कूड़े, पॉलीथिन, पराली समेत अन्य गंदगी को एकत्र कर उसमें आग लगा दी। मेला क्षेत्र में धुएं का गुबार उठने से प्रतिपदा पर पर स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ी।
मेलाधिकारी/एसडीएम श्रीराम सिंह का कहना है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। कूडे़ का निस्तारण सही ढंग से कराया जाएगा। आग लगाने के मामले की जांच कराकर कार्रवाई भी होगी।