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तीन लाख से भी अधिक भक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Sat, 24 Jun 2017 08:48 PM IST
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गंगा
- फोटो : अमर उजाला
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आषाढ़ माह की शनि अमावस्या पर शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए। इसके लिए शुक्रवार रात से ही श्रद्घालु गंगा किनारे पहुंच गए थे। यहां प्रात:काल में 4 बजते ही शुभ मुहूर्त प्रारंभ होने पर हर-हर गंगे के जयकारों के बीच गंगा में डुबकी लगाने का सिलसिला प्रारंभ हो गया।
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जो शनिवार देर शाम तक निरंतर चलता रहा। शनि अमावस्या के पावन अवसर पर मोक्ष दायिनी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत वैस्ट यूपी के दूरस्थ जनपदों के श्रद्धालुओं का आवागमन शुक्रवार शाम से ही प्रारंभ हो गया था।
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इसके चलते ब्रजघाट तीर्थनगरी की सैकड़ों धर्मशालाओं, आश्रमों और मंदिरों में रुकने के लिए जगह नहीं मिल पाई। इस कारण रात में आसपास के जनपदों से आए भक्तों को आरती प्लेटफार्म, मुख्य बाजार में शिवचौक, घंटाघर और रेलवे स्टेशन रोड पर खुले में ही रात बितानी पड़ी।
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अर्द्धरात्रि होते ही अधिकांश श्रद्धालु गंगा किनारे पहुंच गए थे। यहां प्रात:काल में 4 बजते ही शुभ मुहूर्त प्रारंभ होने पर हर-हर गंगे के जयकारों के बीच मोक्ष दायिनी में डुबकी लगाने का सिलसिला प्रारंभ हो गया, जो शनिवार की देर शाम तक निरंतर चलता रहा।
डुबकी लगाने के बाद अधिकांश श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे बैठे पंडितों से भगवान सत्यनारायण की कथा सुन मंदिरों में जाकर अपने ईष्टों के समक्ष मत्था टेका।
गंगा में डुबकी लगाने के बाद सुहागिनों ने पीपल के वृक्ष की पूजा अर्चना और परिक्रमा कर अपने जीवन साथियों की दीर्घायु की कामना की। इस दौरान सास-ननद समेत बुजुर्ग महिलाओं को भोजन-वस्त्र का उपहार देकर उनकी सेवा भी की गई।