{"_id":"661575a8c67f178bf8081ec8","slug":"mission-admission-hapur-news-c-135-1-hpr1002-109433-2024-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिशन एडमिशन : 1500 में पंजीकरण, पांच से 20 हजार रुपये ले रहे एडमिशन शुल्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिशन एडमिशन : 1500 में पंजीकरण, पांच से 20 हजार रुपये ले रहे एडमिशन शुल्क
Tue, 09 Apr 2024 10:36 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 09 Apr 2024 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हापुड़। स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया चल रही है, फीस और कोर्स पर महंगाई की मार के साथ ही एडमिशन शुल्क और रजिस्ट्रेशन के नाम पर भी अभिभावकों की जेब खाली हो रही हैं। एडमिशन शुल्क पांच से 20 हजार रुपये तक रखा है। वहीं, कई स्कूलों के पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी की किताबों की संख्या काफी कम है।
एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। निजी स्कूलों में भी प्रवेश जारी हैं। नामचीन स्कूलों में दाखिलों की दौड़ तेज हो गई है। इस बार स्कूलों ने फीस में दस से 15 फीसदी तक का इजाफा किया है। कुछ डिजिटल स्कूलों की कक्षा एक की फीस प्रति महीना 4500 से भी अधिक है, जबकि उनके कोर्स की कीमत 8500 रुपये तक रखी गई है।
स्कूलों में एडमिशन से पहले रजिस्ट्रेशन फार्म लेना पड़ता है। इसका शुल्क 500 से 1500 रुपये तक होता है। मजे की बात यह है कि यह सिर्फ एक फॉर्म होता है, जिसका इतना चार्ज है। पंजीकरण के बाद बच्चे टेस्ट देता है, यदि इसमें वह फेल हो गया तो यह शुल्क रिफंड नहीं है।
विज्ञापन
इसके बाद एडमिशन शुल्क के नाम पर पांच हजार से लेकर 20 हजार रुपये एक मुश्त जमा कराए जा रहे हैं। साथ ही फीस के साथ ही एनुअल चार्ज, स्मार्ट क्लास शुल्क भी अलग से जोड़ा जा रहा है। कुल मिलाकर बच्चों को पढ़ाने में अभिभावकों की जेब ढीली हो रही हैं।
निजी स्कूलों में पंजीकरण, एडमिशन शुल्क की स्थिति-
पंजीकरण शुल्क 500 से 1500 रुपये
एडमिशन शुल्क 5000 से 20000 रुपये
कोर्स 1200 से 8500 रुपये
फीस 1200 से 7500 रुपये तक
स्मार्ट क्लास शुल्क 200 से 700 रुपये तक
स्कूलों को दिए हैं आवश्यक निर्देश-
जिलेभर के स्कूलों को निर्देशित किया है कि वह अभिभावकों पर किसी तरह का दबाव न बनाए। यदि किसी समस्या को लेकर अभिभावक शिकायत दर्ज कराते हैं तो उसका संज्ञान लिया जाएगा और उचित कार्रवाई होगी। - डॉ.शैलेंद्र सिंह, कार्यवाहक डीआईओएस।
विज्ञापन
एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। निजी स्कूलों में भी प्रवेश जारी हैं। नामचीन स्कूलों में दाखिलों की दौड़ तेज हो गई है। इस बार स्कूलों ने फीस में दस से 15 फीसदी तक का इजाफा किया है। कुछ डिजिटल स्कूलों की कक्षा एक की फीस प्रति महीना 4500 से भी अधिक है, जबकि उनके कोर्स की कीमत 8500 रुपये तक रखी गई है।
विज्ञापन
स्कूलों में एडमिशन से पहले रजिस्ट्रेशन फार्म लेना पड़ता है। इसका शुल्क 500 से 1500 रुपये तक होता है। मजे की बात यह है कि यह सिर्फ एक फॉर्म होता है, जिसका इतना चार्ज है। पंजीकरण के बाद बच्चे टेस्ट देता है, यदि इसमें वह फेल हो गया तो यह शुल्क रिफंड नहीं है।
विज्ञापन
इसके बाद एडमिशन शुल्क के नाम पर पांच हजार से लेकर 20 हजार रुपये एक मुश्त जमा कराए जा रहे हैं। साथ ही फीस के साथ ही एनुअल चार्ज, स्मार्ट क्लास शुल्क भी अलग से जोड़ा जा रहा है। कुल मिलाकर बच्चों को पढ़ाने में अभिभावकों की जेब ढीली हो रही हैं।
निजी स्कूलों में पंजीकरण, एडमिशन शुल्क की स्थिति-
पंजीकरण शुल्क 500 से 1500 रुपये
एडमिशन शुल्क 5000 से 20000 रुपये
कोर्स 1200 से 8500 रुपये
फीस 1200 से 7500 रुपये तक
स्मार्ट क्लास शुल्क 200 से 700 रुपये तक
स्कूलों को दिए हैं आवश्यक निर्देश-
जिलेभर के स्कूलों को निर्देशित किया है कि वह अभिभावकों पर किसी तरह का दबाव न बनाए। यदि किसी समस्या को लेकर अभिभावक शिकायत दर्ज कराते हैं तो उसका संज्ञान लिया जाएगा और उचित कार्रवाई होगी। - डॉ.शैलेंद्र सिंह, कार्यवाहक डीआईओएस।