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Hapur News: पांच महीने से अटका मेरठ-गढ़ हाईवे चौड़ीकरण का कार्य
Sat, 07 Jun 2025 10:52 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 07 Jun 2025 10:52 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। मेरठ-गढ़ हाईवे 709 पर चल रहा निर्माण कार्य पिछले पांच माह से अटका हुआ है। एनएचएआई ने पुरानी कार्यदायी संस्था का 30 दिसंबर 2024 अनुबंध समाप्त कर दिया था। कार्यदायी संस्था ने इसके खिलाफ न्यायालय में अपील कर दी। निर्माण कार्य अटकने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनपद मेरठ के गांव सिसौली से लेकर गढ़मुक्तेश्वर के गांव बदरखा तक हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए टाटा कंपनी को अनुबंध किया गया था। निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 10 अक्तूबर 2021 से लेकर 10 अक्तूबर 2023 तक समय लिया गया था। 47 किलोमीटर के इस हाईवे के निर्माण में करीब 955 करोड़ रुपये खर्च होने थे। लेकिन, परियोजना की समीक्षा में पाया गया कि वर्तमान में करीब 462 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी केवल 48 प्रतिशत कार्य हुआ है।
कार्यदायी संस्था की इस लापरवाही को देखते हुए एनएचएआई के अधिकारियों ने पत्राचार किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद एनएचएआई ने 23 दिसंबर 2024 को अनुबंध समाप्त करने के लिए टाटा कंपनी को नोटिस भेजा। उस समय भी कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर 30 दिसंबर 2024 को कंपनी का अनुबंध खत्म कर दिया गया। इसके बाद से हाईवे का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। विभागीय अधिकारियों ने दोबारा टेंडर डालने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन, टाटा कंपनी के संबंधित अधिकारी ने न्यायालय में टेंडर निरस्त होने पर वाद दायर कर दिया। इसके बाद से टेंडर प्रक्रिया फिर रुक गई है। हालांकि अधिकारियों ने जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया है।
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अधूरे हाईवे के कारण लोग झेल रहे परेशानी--
हाईवे का निर्माण न होने के कारण मेरठ से गढ़ तक करीब 50 से अधिक स्थानों पर रूट को एक लेन से दूसरी लेन के लिए डायवर्ट किया गया है। ऐसे में जहां लोगों को भारी असुविधा होती है, वहीं दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
कोट -
मेरठ-गढ़ हाईवे 709 पर हो रहे निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते कार्यदायी संस्था के अनुबंध को निरस्त कर दिया गया है। दूसरा टेंडर जारी करने के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है, हालांकि अभी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वहां से आदेश आने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। - राजकुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई मेरठ
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जनपद मेरठ के गांव सिसौली से लेकर गढ़मुक्तेश्वर के गांव बदरखा तक हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए टाटा कंपनी को अनुबंध किया गया था। निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 10 अक्तूबर 2021 से लेकर 10 अक्तूबर 2023 तक समय लिया गया था। 47 किलोमीटर के इस हाईवे के निर्माण में करीब 955 करोड़ रुपये खर्च होने थे। लेकिन, परियोजना की समीक्षा में पाया गया कि वर्तमान में करीब 462 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी केवल 48 प्रतिशत कार्य हुआ है।
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कार्यदायी संस्था की इस लापरवाही को देखते हुए एनएचएआई के अधिकारियों ने पत्राचार किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद एनएचएआई ने 23 दिसंबर 2024 को अनुबंध समाप्त करने के लिए टाटा कंपनी को नोटिस भेजा। उस समय भी कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर 30 दिसंबर 2024 को कंपनी का अनुबंध खत्म कर दिया गया। इसके बाद से हाईवे का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। विभागीय अधिकारियों ने दोबारा टेंडर डालने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन, टाटा कंपनी के संबंधित अधिकारी ने न्यायालय में टेंडर निरस्त होने पर वाद दायर कर दिया। इसके बाद से टेंडर प्रक्रिया फिर रुक गई है। हालांकि अधिकारियों ने जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया है।
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अधूरे हाईवे के कारण लोग झेल रहे परेशानी
हाईवे का निर्माण न होने के कारण मेरठ से गढ़ तक करीब 50 से अधिक स्थानों पर रूट को एक लेन से दूसरी लेन के लिए डायवर्ट किया गया है। ऐसे में जहां लोगों को भारी असुविधा होती है, वहीं दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
कोट -
मेरठ-गढ़ हाईवे 709 पर हो रहे निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते कार्यदायी संस्था के अनुबंध को निरस्त कर दिया गया है। दूसरा टेंडर जारी करने के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है, हालांकि अभी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वहां से आदेश आने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। - राजकुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई मेरठ