{"_id":"6862c3b1985fe5d3b5025d66","slug":"life-imprisonment-to-the-accused-in-the-case-of-murder-of-his-own-brother-hapur-news-c-135-1-hpr1001-126667-2025-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: सगे भाई की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: सगे भाई की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास
विज्ञापन
हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के नया गांव इनायतपुर में संपत्ति हड़पने को लेकर सगे भाई की हत्या के मामले में सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 60 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। नौ गवाहों की गवाही व साक्ष्य के आधार पर 38 कार्य दिवस में मामले की सुनवाई पूरी की गई।
16 जुलाई 2023 को गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के नया गांव इनायतपुर निवासी राजेंद्र ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि उसके पिता महीपाल शाम करीब आठ बजे घर पर बैठे हुए थे। इसी बीच उनका चाचा टीकम, चाची कुंता, मूलचंद, चंद्रा संपत्ति को हड़पने के चक्कर में लाठी डंडे, चाकू लेकर उनके घर पर पहुंच गए। आरोपियों ने उनके पिता महिपाल के साथ पहले गाली गलौज की, विरोध करने पर चाकू मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर टीकम के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। दरअसल, मृतक महीपाल के पिता मूलचंद के चार पुत्र थे। मूलचंद ने महीपाल को अपनी समस्त कृषि भूमि से बेदखल कर रखा था। जिस पर महीपाल ने अपने परिवार के पालन पोषण के लिए अपने पिता मूलचंद से उनकी पैतृक संपत्ति में अपने हिस्से की मांग की थी। जिससे खफा होकर महीपाल के भाई टीकम ने चाकू से वार कर उनकी हत्या कर दी।
विज्ञापन
इस मुकदमे की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार (द्वितीय) ने सुनाई करते हुए दोषी टीकम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 60,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
16 जुलाई 2023 को गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के नया गांव इनायतपुर निवासी राजेंद्र ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि उसके पिता महीपाल शाम करीब आठ बजे घर पर बैठे हुए थे। इसी बीच उनका चाचा टीकम, चाची कुंता, मूलचंद, चंद्रा संपत्ति को हड़पने के चक्कर में लाठी डंडे, चाकू लेकर उनके घर पर पहुंच गए। आरोपियों ने उनके पिता महिपाल के साथ पहले गाली गलौज की, विरोध करने पर चाकू मारकर हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर टीकम के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। दरअसल, मृतक महीपाल के पिता मूलचंद के चार पुत्र थे। मूलचंद ने महीपाल को अपनी समस्त कृषि भूमि से बेदखल कर रखा था। जिस पर महीपाल ने अपने परिवार के पालन पोषण के लिए अपने पिता मूलचंद से उनकी पैतृक संपत्ति में अपने हिस्से की मांग की थी। जिससे खफा होकर महीपाल के भाई टीकम ने चाकू से वार कर उनकी हत्या कर दी।
विज्ञापन
इस मुकदमे की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार (द्वितीय) ने सुनाई करते हुए दोषी टीकम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 60,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।