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भू-कटान के चलते नहीं बन पाएगा ‘आईलैंड’

Wed, 02 Nov 2016 08:43 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Wed, 02 Nov 2016 08:43 PM IST
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Land erosion will not become 'Island'.
खादर मेला - फोटो : अमर उजाला

गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर और बड़े स्तर पर भू-कटान होने से इस बार गंगा मेले में नदी के बीच रेतीले टापू में आईलैंड नहीं बन पाएगा। इस बार टापू पर ठहराव नहीं होने के चलते मेरठ सेक्टर से जुड़े हजारों भक्तों को पड़ाव के लिए परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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गढ़ खादर के पौराणिक मेले को किसान मेले के नाम से भी ख्याति हासिल है। पिछले कई वर्षों से मेरठ सेक्टर में गंगा की जलधारा के बीच स्थित रेतीले टापू पर आईलैंड बनाया जाता था। इसमें आने जाने के लिए जिला पंचायत अस्थायी पुल भी बनवाता है।
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इस बार गंगा नदी का जलस्तर कम नहीं हुआ है, साथ ही कटान भी जारी है। इसके चलते जलधारा के बीच में रेतीला टापू न बन पाने से आईलैंड बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी। बता दें कि मेरठ सेक्टर के 10 लाख से अधिक श्रद्धालु टापू में पड़ाव डालते थे,
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अब इन श्रद्धालुओं को मेला स्थल पर जगह तलाशने में मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। वहीं, जिला पंचायत की चेयरमैन रजनीलता खटीक और एएमओ नरेश यादव ने बताया कि गंगा के जलस्तर में नियंत्रण के लिए सिंचाई विभाग के आला अफसरों से बात की जाएगी।

गंगा मेला पांच नवंबर को शुरू होना है, मगर अभी भी मेला स्थल पर व्यवस्थाएं नदारद हैं। किसानों को चेतावनी देने के बाद भी फसलों के कटान में तेजी नहीं आई है। मेले की तैयारियां अपेक्षित स्तर से नहीं होने पर पड़ाव डालने वालों को दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं।

मेले में कारोबारियों के आने का सिलसिला जारी हो गया है। बता दें कि मेला स्थल पर रिजर्व पुलिस लाइन के सिवाय अभी तक कोई शिविर नहीं लग पाए हैं। विभिन्न कारोबार से जुड़े व्यापारी और खेल तमाशे वाले मेला स्थल पर पहुंच रहे हैं।

पथप्रकाश, पेयजल, सफाई, शौचालय और सुरक्षा का बंदोबस्त न होने से उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं, मेलाधिकारी आरएन पांडेय ने बताया कि मेले से जुड़ीं सभी तैयारी जोरों पर चल रही हैं, भूमि खाली होने पर शेष कार्यों को अविलंब पूरा करा लिया जाएगा।

जिला पंचायत अधिकारी नरेश यादव और अवर अभियंता आदेश कुमार का कहना है कि तहसील प्रशासन की सख्ती से फसलों के कटान में तेजी आई है, जिससे विभागीय स्तर से जुड़ीं तैयारियों में लगातार तेजी आ रही है।

वहीं, बुधवार को सीडीओ कुणाल सिल्कू मेलाधिकारी आरएन पांडेय के साथ मेला स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

खादर मेला क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर गंगा किनारे दलदल जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे स्नानघाट बनाने में दिक्कतें हो रही हैं। जिला पंचायत अमला दलदल की समस्या से निपटने को दूसरे विकल्पों का सहारा लेने की योजना बना रहा है।

अवर अभियंता आदेश कुमार ने बताया कि जिन स्थानों पर दलदल जैसी स्थिति बनी हुई है, वहां मजदूरों की बजाय जेसीबी से रेत और मिट्टी डलवाकर स्नानघाट तैयार कराए जाएंगे।

वहीं, मेलाधिकारी आरएन पांडेय और मेला सीओ सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि अधिक गहराई वाले स्थानों को स्नान के लिए पूरी तरह वर्जित रखा जाएगा। टिन शेड और बल्लियां लगाकर बैरिकेडिंग कराई जाएगी।

एक ओर जहां पुुलिस और प्रशासन गंगा मेले की तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर खादर क्षेत्र में अवैध शराब बनाने वाले माफिया भी सक्रिय हो गए हैं। मेले में कच्ची शराब की आपूर्ति करने के लिए गंगा खादर क्षेत्र के जंगल मे शराब बनाने की भट्ठियां सुलग रहीं हैं।

आबकारी विभाग सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना हुआ है। कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में देश के विभिन्न प्रदेशों से लाखों श्रद्धालु आते हैं। मेले में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के साधन समेत तमाम सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं।

मेला अवधि के दौरान गंगा के रेतीले मैदान समेत गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में शराब की बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी रहती है। इस दौरान क्षेत्र में अवैध और कच्ची शराब का कारोबार करने वाले माफिया सक्रिय हो जाते हैं।

मेला आंरभ होने से पूर्व ही माफिया खादर के जंगलों में भट्ठियां बनाकर कच्ची शराब का स्टॉक तैयार कर लेते हैं।

बता दें कि मेले में शराब की आपूर्ति को रोकने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग मेला मार्ग सहित संपर्क मार्गों पर अभियान चलाकर धरपकड़ करते हैं। जिससे बचने के लिए माफिया मेला शुरू होने से पहले ही स्थान चिन्हित कर शराब स्टॉक कर लेते हैं।


आबकारी निरीक्षक प्रगल्भ लवानियां ने बताया कि अवैध और कच्ची शराब के खिलाफ समय-समय पर छापामार कार्रवाई की जाती है। कार्तिक पूर्णिमा मेले से पूर्व भी विशेष अभियान चलाकर दर्जनों भट्ठियों को ध्वस्त कर हजारों लीटर शराब बरामद की गई है। मेले में शराब की बिक्री नहीं होने दी जाएगी।

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