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Hapur News: शासन में उठेगा जमीन अधिग्रहण का मुद्दा, एचपीडीए भेजेगा प्रस्ताव
Fri, 30 Aug 2024 11:25 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 30 Aug 2024 11:25 PM IST
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हापुड़। आनंद विहार आवासीय योजना से प्रभावित किसान शनिवार को धौलाना विधायक धर्मेश तोमर के नेतृत्व में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन गौड़ से मिले। किसानों ने जमीन अधिग्रहण में बरती गई अनियमितता का आरोप लगाते हुए साक्ष्य प्रस्तुत किए। वीसी ने किसानों से उनकी मांगों से संबंधित प्रस्ताव मांगा, जिसे शासन को भेजने का आश्वासन दिया। वहीं विधायक ने भी मामले में मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों को राहत दिलाने का आश्वासन दिया।
किसानों ने बताया कि एचपीडीए ने आनंद विहार योजना के लिए चमरी, सबली, अच्छेजा के गांवों की जमीन अधिग्रहित की थी। इसमें नियम विपरीत प्राधिकरण की स्थापना से पूर्व बने दुकान, भवन व प्रतिष्ठानों का भी अधिग्रहण कर लिया गया। जबकि इनके नक्शे पीडब्ल्यूडी से पास थे, नगर पालिका की टैक्स की रसीदें भी उनके पास हैं।
प्राधिकरण ने अपने सर्वे में इन दुकानों व भवनों को नहीं दिखाया था। किसानों व दुकानदारों के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला शासन में पहुंचा। अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पूर्व वीसी ने बताया था कि उक्त भवनों व दुकानों के विनियमित से प्राधिकरण की योजना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि सड़क से 100 मीटर तक की भूमि भविष्य की योजनाओं के लिए आरक्षित है। शासन ने किसानों को राहत दिलाने के आदेश दिए थे। लेकिन प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक में भवनों व दुकानों के विनियमित के लिए 19000 रुपये प्रति वर्ग मीटर का प्रस्ताव पास कर दिया। जबकि इनके अर्जन के लिए 261 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित किया। किसानों ने कहा कि जमीनों का अवार्ड करने में भी प्राधिकरण ने काफी जल्दबाजी की। नए भूमि अधिग्रहण कानून लागू होने से एक दिन पहले प्राधिकरण ने जमीनों का अवार्ड कर दिया। जबकि इसकी कोई सार्वजनिक सूचना न ही प्रकाशित की गई और न किसानों को सूचना दी। सड़क से 100 मीटर की दूरी पर प्राधिकरण की कोई योजना नहीं है, इसे भविष्य के लिए आरक्षित किया हुआ है। ऐसे में उनके भवन व दुकानों को छोड़ा जाए। जो जमीन बचती है, उसका नए सर्किल रेटों को अनुसार मुआवजा दिया जाए। वहीं, छह प्रतिशत भूमि का विकास करके दिया जाए। मामले में एचपीडीए वीसी ने किसानों से उनकी मांगों से संबंधित प्रस्ताव मांगा, जिसे शासन को भेजने का आश्वासन दिया। वहीं, विधायक ने कहा कि शासन को जो भी प्रस्ताव भेजा जाएगा, वह इसकी पैरवी करेंगे और किसानों को न्याय दिलाएंगे। जल्द ही वह मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों का मुद्दा रखेंगे। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता पवन त्यागी, सागर त्यागी, संजय चौधरी, अजय, नीटू, निजाम, सोनू, बंटी चौधरी, जोनी, राजू त्यागी, ओमप्रकाश मौजूद रहे।
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रास्ते के बदले जमीन दे प्राधिकरण
विधायक धर्मेश तोमर ने एचपीडीए वीसी से कहा कि किसानों की जमीनों में आनंद विहार के लिए रास्ते की जमीन भी अधिग्रहीत की गई है। रास्ते की जमीन के बदले प्राधिकरण किसानों को उतनी ही जमीन दे।
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किसानों ने बताया कि एचपीडीए ने आनंद विहार योजना के लिए चमरी, सबली, अच्छेजा के गांवों की जमीन अधिग्रहित की थी। इसमें नियम विपरीत प्राधिकरण की स्थापना से पूर्व बने दुकान, भवन व प्रतिष्ठानों का भी अधिग्रहण कर लिया गया। जबकि इनके नक्शे पीडब्ल्यूडी से पास थे, नगर पालिका की टैक्स की रसीदें भी उनके पास हैं।
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प्राधिकरण ने अपने सर्वे में इन दुकानों व भवनों को नहीं दिखाया था। किसानों व दुकानदारों के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला शासन में पहुंचा। अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पूर्व वीसी ने बताया था कि उक्त भवनों व दुकानों के विनियमित से प्राधिकरण की योजना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि सड़क से 100 मीटर तक की भूमि भविष्य की योजनाओं के लिए आरक्षित है। शासन ने किसानों को राहत दिलाने के आदेश दिए थे। लेकिन प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक में भवनों व दुकानों के विनियमित के लिए 19000 रुपये प्रति वर्ग मीटर का प्रस्ताव पास कर दिया। जबकि इनके अर्जन के लिए 261 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित किया। किसानों ने कहा कि जमीनों का अवार्ड करने में भी प्राधिकरण ने काफी जल्दबाजी की। नए भूमि अधिग्रहण कानून लागू होने से एक दिन पहले प्राधिकरण ने जमीनों का अवार्ड कर दिया। जबकि इसकी कोई सार्वजनिक सूचना न ही प्रकाशित की गई और न किसानों को सूचना दी। सड़क से 100 मीटर की दूरी पर प्राधिकरण की कोई योजना नहीं है, इसे भविष्य के लिए आरक्षित किया हुआ है। ऐसे में उनके भवन व दुकानों को छोड़ा जाए। जो जमीन बचती है, उसका नए सर्किल रेटों को अनुसार मुआवजा दिया जाए। वहीं, छह प्रतिशत भूमि का विकास करके दिया जाए। मामले में एचपीडीए वीसी ने किसानों से उनकी मांगों से संबंधित प्रस्ताव मांगा, जिसे शासन को भेजने का आश्वासन दिया। वहीं, विधायक ने कहा कि शासन को जो भी प्रस्ताव भेजा जाएगा, वह इसकी पैरवी करेंगे और किसानों को न्याय दिलाएंगे। जल्द ही वह मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों का मुद्दा रखेंगे। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता पवन त्यागी, सागर त्यागी, संजय चौधरी, अजय, नीटू, निजाम, सोनू, बंटी चौधरी, जोनी, राजू त्यागी, ओमप्रकाश मौजूद रहे।
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रास्ते के बदले जमीन दे प्राधिकरण
विधायक धर्मेश तोमर ने एचपीडीए वीसी से कहा कि किसानों की जमीनों में आनंद विहार के लिए रास्ते की जमीन भी अधिग्रहीत की गई है। रास्ते की जमीन के बदले प्राधिकरण किसानों को उतनी ही जमीन दे।