{"_id":"5718f5814f1c1b8a728b466d","slug":"land-acquisition-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा रद्द भू-अधिग्रहण मामला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा रद्द भू-अधिग्रहण मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Thu, 21 Apr 2016 09:15 PM IST
विज्ञापन
land
- फोटो : डेमो पिक
अच्छेजा गांव में जिला कोर्ट भवन बनाने का मामला अब मुख्यमंत्री तकजाएगा। बहरहाल किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रशासन से समझौते के अनुसार मुआवजा दिलवाने और भवन बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने ग्रीन बेल्ट में जमीन आने वाले किसानों पर गुमराह करने का भी आरोप लगाया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में अच्छेजा के ग्रामीणों ने लिखा कि गांव में न्यायालय भवन बनाने के लिए जिला प्रशासन ने करीब 18 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की थी। करीब तीन साल से भूमि के चयन और खरीद की प्रक्रिया जारी थी। खरीद के लिए 72 किसानों से करार भी हो गया था।
विज्ञापन
लेकिन कुछ किसानों की भूमि ग्रीन बेल्ट में आ रही है। इसके बाद भी 56 किसानों से तहसील प्रशासन और जिला जज की ओर से नए भू-अधिग्रहण कानून के तहत समझौता भी हो गया। समझौते के अनुसार किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलना है।
विज्ञापन
हाल ही में पता चला कि जिला न्यायालय भवन की स्थापना के लिए हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) ने आनंद विहार आवसीय योजना में एक प्रस्ताव बनाया है। इसके तहत गांव अच्छेजा के किसानों के समझौते को यह कहकर निरस्त किया जा रहा है कि किसानों ने कई शर्तें रख दी हैं। जो कि पूरी तरह गलत है। है।
किसान नरेंद्र सिंह, वीर सिंह, दिनेश त्यागी, दीपक, महीपाल सिंह, जितेंद्र, रामकिशन, ओमकार सिंह, राजवीर, राकेश कुमार, तेजपाल सिंह, दिनेश आदि ने मुख्यमंत्री से अच्छेजा में जिला कोर्ट बनवाने की गुहार लगाई है।