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29 अक्तूबर को रखा जाएगा करवा चौथ व्रत, रात 8:15 बजे होंगे चंद्र दर्शन
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गोल मार्केट में दुकान से साज सज्जा का सामान खरीदती महिलाएं। संवाद
हापुड़। शहर के देवलोक कॉलोनी स्थित श्री ज्योतिष कार्यालय में वैदिक सनातन ज्योतिष कर्मकांड महासभा ट्रस्ट की बैठक आयोजित हुई। इसमें करवा चौथ व्रत की तिथि, पूजन मुहूर्त और चंद्र दर्शन के समय की जानकारी दी गई।
महासभा के अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पांडेय ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष करवा चौथ का व्रत परिघ योग में 29 अक्तूबर को रखा जाएगा। महासभा के संरक्षक सच्चिदानंद पांडेय और कमलेश कुमार घिल्डियाल ने बताया कि चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की देर रात 1:06 बजे शुरू होकर 29 अक्तूबर की रात 10:10 बजे तक रहेगी। उदया तिथि और इसी दिन चंद्र दर्शन होने के कारण 29 अक्तूबर को व्रत रखना शास्त्र सम्मत बताया गया है।
परामर्श विद्वान दिनेश कुमार शास्त्री ने बताया कि अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक रहेगा। वहीं, सायंकाल पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा। चंद्र दर्शन रात 8:15 बजे होने का अनुमान बताया गया है। पंडित राज पांडेय ने कहा कि चंद्रमा को अर्घ्य देते समय जल में गुलाब की पंखुड़ियां डालना शुभ माना जाता है। सुहाग की सामग्री करवा माता को अर्पित करने की परंपरा भी है। पंडित सतीश पाण्डेय ने महिलाओं को साज-शृंगार में फूलों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
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पंडित प्रवीण तिवारी ने बताया कि व्रत के दिन सुबह स्नान कर संकल्प लेना चाहिए। पंडित राज तिवारी ने शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करें। पंडित धीरज पांडेय ने बताया कि करवा चौथ की कथा सुनने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलें।
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महासभा के अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पांडेय ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष करवा चौथ का व्रत परिघ योग में 29 अक्तूबर को रखा जाएगा। महासभा के संरक्षक सच्चिदानंद पांडेय और कमलेश कुमार घिल्डियाल ने बताया कि चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की देर रात 1:06 बजे शुरू होकर 29 अक्तूबर की रात 10:10 बजे तक रहेगी। उदया तिथि और इसी दिन चंद्र दर्शन होने के कारण 29 अक्तूबर को व्रत रखना शास्त्र सम्मत बताया गया है।
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परामर्श विद्वान दिनेश कुमार शास्त्री ने बताया कि अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक रहेगा। वहीं, सायंकाल पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा। चंद्र दर्शन रात 8:15 बजे होने का अनुमान बताया गया है। पंडित राज पांडेय ने कहा कि चंद्रमा को अर्घ्य देते समय जल में गुलाब की पंखुड़ियां डालना शुभ माना जाता है। सुहाग की सामग्री करवा माता को अर्पित करने की परंपरा भी है। पंडित सतीश पाण्डेय ने महिलाओं को साज-शृंगार में फूलों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
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पंडित प्रवीण तिवारी ने बताया कि व्रत के दिन सुबह स्नान कर संकल्प लेना चाहिए। पंडित राज तिवारी ने शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करें। पंडित धीरज पांडेय ने बताया कि करवा चौथ की कथा सुनने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलें।