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Hapur News: छह माह से निदेशालय में दबी जेई के भ्रष्टाचार की फाइल
Sat, 07 Sep 2024 10:10 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 07 Sep 2024 10:10 PM IST
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हापुड़। नगर पालिका के नलकूप संचालन का फरवरी में टेंडर हुआ था, जिसमें जेई व अन्य अधिकारियों पर अनियमितता का आरोप लगा था। मामले में शिकायत के बाद जांच हुई। जिसमें जेई कुंवरपाल को अधिकारियों ने दोषी माना था। जेई के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर नगरीय निकाय निदेशालय के निदेशक को जांच रिपोर्ट भी भेजी गई थी, लेकिन वहां पर फाइल को दबा दिया गया। छह माह बीतने के बाद भी प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
फरवरी में नलकूप संचालन का टेंडर निकाला गया था। टेंडर को लेकर चौधरी सिक्योरिटी सर्विस एंड प्लेसमेंट के संचालक धूम सिंह चौधरी और विधायक विजयपाल आढ़ती ने डीएम से शिकायत की थी। मामले में मंडलायुक्त मेरठ सेल्वा कुमारी जे. से भी शिकायत हुई थी। मंडलायुक्त ने तत्कालीन अपर आयुक्त हिमांशु गौतम (वर्तमान में सीडीओ हापुड़), एडीएम संदीप कुमार और वरिष्ठ कोषाधिकारी को जांच सौंपी। तीनों ने अपनी जांच में जेई को दोषी माना था। उक्त प्रकरण में गठित समिति ने मंडलायुक्त को अपनी रिपोर्ट आठ फरवरी को दी। जिसके बाद डीएम प्रेरणा शर्मा ने 12 फरवरी को नगरीय निकाय निदेशालय के निदेशक को पत्र लिखा था। जिसमें निविदाओं में अनियमितता बरतने पर ईओ सौरभनाथ, जेई कुंवरपाल और मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आवेश कुमार के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।
ईओ का हुआ था तबादला, जेई और अन्य बचे--
विधायक ने आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों, नलकूप संचालन व एफएसटीपी संचालन के टेंडर में अनियमितताओं को लेकर शिकायत की थी। इन प्रकरणाें में ईओ, जेई और मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक को जांच टीम ने टेंडर में अनियमितता बरतने पर दोषी माना था। इसमें तत्कालीन ईओ सौरभ नाथ का स्थानांतरण भी हुआ था। जबकि, अन्य दोनों के विरुद्ध आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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टेंडर की फाइल लेकर गायब हो गए थे जेई
जब टेंडर की शिकायत हुई थी तो इसके बाद संबंधित दस्तावेज और फाइलें लेकर पालिका के जेई कुंवरपाल कलक्ट्रेट पहुंचे थे। जैसे ही दस्तावेजों की जांच प्रारंभ हुई थी तो जेई गुपचुप तरीके से फोन बंद कर वहां से फाइल लेकर चले गए। इसके बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें तलाशा, लेकिन वह नहीं मिले। अगले दिन जेई फाइल लेकर पहुंचे। इस पर वरिष्ठ अधिकारी ने जमकर लताड़ भी लगाई थी।
टेंडर को लेकर ये हुई शिकायत
फरवरी में नलकूप संचालन का टेंडर निकाला गया था। टेंडर को लेकर चौधरी सिक्योरिटी सर्विस एंड प्लेसमेंट के संचालक धूम सिंह चौधरी और विधायक विजयपाल आढ़ती ने डीएम से शिकायत की थी। आरोप था कि एक निविदा ई-टेंडर के माध्यम से 20 दिसंबर 2023 को प्रकाशित की गई। इसमें निविदा खुलने की तारीख 25 दिसंबर 2023 में बदलकर प्रकाशन की तारीख नौ जनवरी 2024 कर दी गई व टेंडर खुलने की तारीख 15 जनवरी 2024 कर दी। उस समय के बीच में चहेते को टेंडर देने के उद्देश्य से निविदा की शर्तों में फेरबदल कर दिया गया। जिसकी सूचना नहीं दी गई। निविदा खुलने की जो तारीख 15 जनवरी 2024 थी, उस तारीख पर निविदा नहीं खोली गई। दूसरी तारीख पर निविदा खोली गई। इस टेंडर में कुल छह निविदा प्राप्त हुईं। इसमें चार निविदा को तकनीकी में निरस्त कर दिया गया और दो को तकनीकी में पास किया। जबकि, किसी भी टेंडर के लिए तीन निविदा का तकनीकी में पास होना जरूरी होता है। इसके अलावा जो दो बिड तकनीकी में पास की गई, वह भी फेल हैं। दोनों ही निविदा में दी गई शर्तों को पूरा नहीं किया गया।
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फरवरी में नलकूप संचालन का टेंडर निकाला गया था। टेंडर को लेकर चौधरी सिक्योरिटी सर्विस एंड प्लेसमेंट के संचालक धूम सिंह चौधरी और विधायक विजयपाल आढ़ती ने डीएम से शिकायत की थी। मामले में मंडलायुक्त मेरठ सेल्वा कुमारी जे. से भी शिकायत हुई थी। मंडलायुक्त ने तत्कालीन अपर आयुक्त हिमांशु गौतम (वर्तमान में सीडीओ हापुड़), एडीएम संदीप कुमार और वरिष्ठ कोषाधिकारी को जांच सौंपी। तीनों ने अपनी जांच में जेई को दोषी माना था। उक्त प्रकरण में गठित समिति ने मंडलायुक्त को अपनी रिपोर्ट आठ फरवरी को दी। जिसके बाद डीएम प्रेरणा शर्मा ने 12 फरवरी को नगरीय निकाय निदेशालय के निदेशक को पत्र लिखा था। जिसमें निविदाओं में अनियमितता बरतने पर ईओ सौरभनाथ, जेई कुंवरपाल और मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आवेश कुमार के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।
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ईओ का हुआ था तबादला, जेई और अन्य बचे
विधायक ने आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों, नलकूप संचालन व एफएसटीपी संचालन के टेंडर में अनियमितताओं को लेकर शिकायत की थी। इन प्रकरणाें में ईओ, जेई और मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक को जांच टीम ने टेंडर में अनियमितता बरतने पर दोषी माना था। इसमें तत्कालीन ईओ सौरभ नाथ का स्थानांतरण भी हुआ था। जबकि, अन्य दोनों के विरुद्ध आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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टेंडर की फाइल लेकर गायब हो गए थे जेई
जब टेंडर की शिकायत हुई थी तो इसके बाद संबंधित दस्तावेज और फाइलें लेकर पालिका के जेई कुंवरपाल कलक्ट्रेट पहुंचे थे। जैसे ही दस्तावेजों की जांच प्रारंभ हुई थी तो जेई गुपचुप तरीके से फोन बंद कर वहां से फाइल लेकर चले गए। इसके बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें तलाशा, लेकिन वह नहीं मिले। अगले दिन जेई फाइल लेकर पहुंचे। इस पर वरिष्ठ अधिकारी ने जमकर लताड़ भी लगाई थी।
टेंडर को लेकर ये हुई शिकायत
फरवरी में नलकूप संचालन का टेंडर निकाला गया था। टेंडर को लेकर चौधरी सिक्योरिटी सर्विस एंड प्लेसमेंट के संचालक धूम सिंह चौधरी और विधायक विजयपाल आढ़ती ने डीएम से शिकायत की थी। आरोप था कि एक निविदा ई-टेंडर के माध्यम से 20 दिसंबर 2023 को प्रकाशित की गई। इसमें निविदा खुलने की तारीख 25 दिसंबर 2023 में बदलकर प्रकाशन की तारीख नौ जनवरी 2024 कर दी गई व टेंडर खुलने की तारीख 15 जनवरी 2024 कर दी। उस समय के बीच में चहेते को टेंडर देने के उद्देश्य से निविदा की शर्तों में फेरबदल कर दिया गया। जिसकी सूचना नहीं दी गई। निविदा खुलने की जो तारीख 15 जनवरी 2024 थी, उस तारीख पर निविदा नहीं खोली गई। दूसरी तारीख पर निविदा खोली गई। इस टेंडर में कुल छह निविदा प्राप्त हुईं। इसमें चार निविदा को तकनीकी में निरस्त कर दिया गया और दो को तकनीकी में पास किया। जबकि, किसी भी टेंडर के लिए तीन निविदा का तकनीकी में पास होना जरूरी होता है। इसके अलावा जो दो बिड तकनीकी में पास की गई, वह भी फेल हैं। दोनों ही निविदा में दी गई शर्तों को पूरा नहीं किया गया।