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Hapur News: गन्ना समितियों को इंडेंट भेजे, 30 से क्रय केंद्रों पर शुरू होगी तोल
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हापुड़। चीनी मिलों की ओर से गन्ना समितियों को इंडेंट भेज दिए गए हैं, 30 अक्तूबर से जिलेभर में बने करीब 252 क्रय केंद्रों पर तौल शुरू हो जाएगी। एक नवंबर से मिल के गेट पर भी तौल शुरू होगी। ब्रजनाथपुर चीनी मिल में पूजन कर, पहला इंडेंट जारी किया गया। उधर, गन्ना विभाग ने भी कमर कस ली है, पेराई सत्र के साथ ही भुगतान को लेकर भी निर्देशित किया है।
पिछले साल जिले में सिंभावली चीनी मिल ने 192 और ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने 60 केंद्रों पर गन्ने की खरीद की थी। इस बार के केंद्रों की सूची फिलहाल गन्ना विभाग को नहीं मिली है। बहरहाल, चीनी मिलों ने एक नवंबर से पेराई सत्र शुरू करने का निर्णय लिया है।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को ब्रजनाथपुरी चीनी मिल के अधिकारियों ने पूजन कर, प्रथम इंडेंट जारी किया। सात गन्ना समितियों को इंडेंट भेज दिया। मिल के वाइस प्रेसिडेंट परमेंद्र सिंह, एजीएम ब्रह्म सिंह राठौर, केन मैनेजर अनमोल राठी, कुलदीप सिंह, रविंद्र सिंह ने बताया कि 30 अक्तूबर से जिलेभर में बने क्रय केंद्रों पर तोल शुरू होगी। जबकि मिल के गेट पर तौल एक नवंबर से शुरू होगी।
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बता दें कि इस बार जिले के 38346 हेक्टेयर रकबे में गन्ने की खेती की गई है। एक महीने पहले से क्रेशर चल रहे हैं, जिन्होंने करीब 10 से 15 फीसदी गन्ने की फसल की पेराई कर दी है। तीन सालों में गन्ने का रकबा करीब पांच हजार हेक्टेयर घटा है, ऐसे में इस बार दोनों ही चीनी मिलों को लक्ष्य के अनुसार पेराई करना आसान नहीं होगा।
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नए सत्र के साथ ही शुरू होगा भुगतान
दोनों चीनी मिलों में चीनी का स्टॉक खत्म है, ऐसे में किसानों का पुराना भुगतान भी अटका हुआ है। नया पेराई सत्र शुरू होने पर जो चीनी बनेगी उसी से अब किसानों का भुगतान होगा। अन्य संसाधन भी मिलों के पास नहीं हैं।
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जिले में गन्ने की स्थिति-
वर्ष रकबा
2023 38346 हेक्टेयर
2022 41946 हेक्टेयर
2021 42847 हेक्टेयर
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पेराई सत्र की तैयारियां पूरी
पेराई सत्र 2023-24 की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गन्ना समितियों को इंडेंट भी जारी किए गए हैं। किसानों को भुगतान समय से हो सकें, इसके लिए लगातार चीनी मिलों को आदेशित किया जा रहा है।
सना आफरीन खान, जिला गन्ना अधिकारी।
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पिछले साल जिले में सिंभावली चीनी मिल ने 192 और ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने 60 केंद्रों पर गन्ने की खरीद की थी। इस बार के केंद्रों की सूची फिलहाल गन्ना विभाग को नहीं मिली है। बहरहाल, चीनी मिलों ने एक नवंबर से पेराई सत्र शुरू करने का निर्णय लिया है।
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इसी क्रम में बृहस्पतिवार को ब्रजनाथपुरी चीनी मिल के अधिकारियों ने पूजन कर, प्रथम इंडेंट जारी किया। सात गन्ना समितियों को इंडेंट भेज दिया। मिल के वाइस प्रेसिडेंट परमेंद्र सिंह, एजीएम ब्रह्म सिंह राठौर, केन मैनेजर अनमोल राठी, कुलदीप सिंह, रविंद्र सिंह ने बताया कि 30 अक्तूबर से जिलेभर में बने क्रय केंद्रों पर तोल शुरू होगी। जबकि मिल के गेट पर तौल एक नवंबर से शुरू होगी।
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बता दें कि इस बार जिले के 38346 हेक्टेयर रकबे में गन्ने की खेती की गई है। एक महीने पहले से क्रेशर चल रहे हैं, जिन्होंने करीब 10 से 15 फीसदी गन्ने की फसल की पेराई कर दी है। तीन सालों में गन्ने का रकबा करीब पांच हजार हेक्टेयर घटा है, ऐसे में इस बार दोनों ही चीनी मिलों को लक्ष्य के अनुसार पेराई करना आसान नहीं होगा।
नए सत्र के साथ ही शुरू होगा भुगतान
दोनों चीनी मिलों में चीनी का स्टॉक खत्म है, ऐसे में किसानों का पुराना भुगतान भी अटका हुआ है। नया पेराई सत्र शुरू होने पर जो चीनी बनेगी उसी से अब किसानों का भुगतान होगा। अन्य संसाधन भी मिलों के पास नहीं हैं।
जिले में गन्ने की स्थिति-
वर्ष रकबा
2023 38346 हेक्टेयर
2022 41946 हेक्टेयर
2021 42847 हेक्टेयर
पेराई सत्र की तैयारियां पूरी
पेराई सत्र 2023-24 की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गन्ना समितियों को इंडेंट भी जारी किए गए हैं। किसानों को भुगतान समय से हो सकें, इसके लिए लगातार चीनी मिलों को आदेशित किया जा रहा है।
सना आफरीन खान, जिला गन्ना अधिकारी।