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Hapur News: हवा की रफ्तार बढ़ी तो प्रदूषण से मिली कुछ राहत, संकट बरकरार
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गढ़ में कोल्हु से निकल रहा धुआं, बढ़ा रहा प्रदूषण। संवाद
हापुड़। पिछले दो-तीन दिनों से लगातार खराब चल रही जिले की हवा में शुक्रवार को मामूली सुधार हुआ। सुबह खराब श्रेणी में चल रहा एक्यूआई हवा की रफ्तार बढ़ने के कारण शाम तक गिरकर 164 पहुंच गया। इससे कुछ राहत जरूर मिली लेकिन हालात अभी भी गंभीर हैं। जिले में प्रदूषण की रोकथाम के लिए किसी प्रकार के एहतियात नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में हवा थमी तो एक बार फिर प्रदूषण की स्तर बढ़ेगा।
अक्सर दिवाली के बाद जिले का प्रदूषण बढ़ता था लेकिन इस बार दिवाली से पहले ही हालात बदतर होने लगे हैं। शुक्रवार हापुड़ देशभर का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 328 तक पहुंच गया था लेकिन आधी रात के बाद से एक्यूआई घटना शुरू हो गया। शुक्रवार सुबह जिले का एक्यूआई 300 सौ के आसपास था। इसके बाद हवा में कुछ तेजी के कारण प्रदूषण का स्तर घटना शुरू हो गया। शाम चार तक एक्यूआई 164 तक पहुंच गया। हालांकि अभी भी लोगों की आंखों में जलन और गले में खराश की स्थिति बरकरार है।
सो रहे जिम्मेदार फिर परेशान करेगा प्रदूषण
जिले में ग्रैप 1 की पाबंदियां जारी हैं लेकिन यहां इन पाबंदियों का असर कहीं दिखाई नहीं दे रहा। ग्रैप के पहले चरण में खुले में कूड़ा और कचरा जलाना, तंदूर और कोयले का प्रयोग करना, पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के संचालन पर रोक है। डीजल जनरेटर के प्रयोग और निर्माण कार्य या तोड़फोड़ पर भी पाबंदी है। इसके अलावा सड़कों की सफाई और छिड़काव के साथ धूल कम करने के लिए पानी व एंटी-स्मॉग गन का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश हैं लेकिन शुक्रवार तक इन सब पाबंदियों पर किसी भी प्रकार की सख्ती दिखाई नहीं दी है। यहां तक कि सड़कों पर छिड़काव तक नहीं किया गया। एंटी स्मॉग गन देश में प्रदूषण में दूसरे नंबर पर आने के बावजूद खड़ी रही। किसी प्रकार की सतर्कता या सख्ती जिला प्रशासन की ओर से भी नजर नहीं आई।
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प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए जिले की तीनों नगर पालिकाओं को निर्देशित कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारी भी ग्रैप की पाबंदियों पर नजर रखेंगे। चुनाव होने के कारण शुक्रवार को हो सकता है कि थोड़ा व्यवधान रहा हो। शनिवार से नियमित रूप से छिड़काव आदि करवाया जाएगा। - संदीप कुमार,एडीएम
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अक्सर दिवाली के बाद जिले का प्रदूषण बढ़ता था लेकिन इस बार दिवाली से पहले ही हालात बदतर होने लगे हैं। शुक्रवार हापुड़ देशभर का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 328 तक पहुंच गया था लेकिन आधी रात के बाद से एक्यूआई घटना शुरू हो गया। शुक्रवार सुबह जिले का एक्यूआई 300 सौ के आसपास था। इसके बाद हवा में कुछ तेजी के कारण प्रदूषण का स्तर घटना शुरू हो गया। शाम चार तक एक्यूआई 164 तक पहुंच गया। हालांकि अभी भी लोगों की आंखों में जलन और गले में खराश की स्थिति बरकरार है।
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सो रहे जिम्मेदार फिर परेशान करेगा प्रदूषण
जिले में ग्रैप 1 की पाबंदियां जारी हैं लेकिन यहां इन पाबंदियों का असर कहीं दिखाई नहीं दे रहा। ग्रैप के पहले चरण में खुले में कूड़ा और कचरा जलाना, तंदूर और कोयले का प्रयोग करना, पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के संचालन पर रोक है। डीजल जनरेटर के प्रयोग और निर्माण कार्य या तोड़फोड़ पर भी पाबंदी है। इसके अलावा सड़कों की सफाई और छिड़काव के साथ धूल कम करने के लिए पानी व एंटी-स्मॉग गन का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश हैं लेकिन शुक्रवार तक इन सब पाबंदियों पर किसी भी प्रकार की सख्ती दिखाई नहीं दी है। यहां तक कि सड़कों पर छिड़काव तक नहीं किया गया। एंटी स्मॉग गन देश में प्रदूषण में दूसरे नंबर पर आने के बावजूद खड़ी रही। किसी प्रकार की सतर्कता या सख्ती जिला प्रशासन की ओर से भी नजर नहीं आई।
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प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए जिले की तीनों नगर पालिकाओं को निर्देशित कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारी भी ग्रैप की पाबंदियों पर नजर रखेंगे। चुनाव होने के कारण शुक्रवार को हो सकता है कि थोड़ा व्यवधान रहा हो। शनिवार से नियमित रूप से छिड़काव आदि करवाया जाएगा। - संदीप कुमार,एडीएम