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महिला के ऑपरेशन में लापरवाही पर चिकित्सक के खिलाफ तहरीर
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महिला के ऑपरेशन में लापरवाही पर चिकित्सक के खिलाफ तहरीर
पिलखुवा। चार माह पूर्व महिला के ऑपरेशन के बाद भी हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने पबला रोड स्थित मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की चिकित्सक के खिलाफ पिलखुवा थाने में तहरीर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव सिखेड़ा निवासी इकबाल ऑटो चलाता है। उसने बताया कि पत्नी नजमा की अचानक तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गत 13 अगस्त को चिकित्सकों द्वारा नजमा का ऑप्रेशन कर बच्चेदानी को निकाल दिया। अस्पताल ने छुट्टी कर महिला को घर भेज दिया। बाद में परेशानी होने पर परिजनों ने चिकित्सक से बातचीत की। जिस पर चिकित्सक ने बताया कि लगभग एक-दो महीने तक परेशानी होती है। लेकिन ऑपरेशन के चार माह बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ है। मंगलवार को महिला के पति इकबाल ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि ऑपरेशन को चार माह बीत चुके हैं। इसके बावजूद भी नजमा की तबीयत सही नहीं है और परेशानी बनी हुई है। आरोप है कि पिछले चार माह से चिकित्सक कहते आ रहे है कि दवाइयों से सबकुछ सही हो जाएगा। मंगलवार को चिकित्सक ने महिला को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने के लिए कह दिया है।
कोट-
अस्पताल के महाप्रबंधक एमए चौधरी का कहना है कि ऑपरेशन बिल्कुल ठीक हुआ है। अक्सर ऑपरेशन के बाद इस तरह की शिकायत रहती है। महिला को सही करने की जिम्मेदारी अस्पताल की है। महिला के परिजनों से किसी तरह का खर्च नहीं लिया जाएगा।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अभिनव सिंह पुंडीर का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है, साक्ष्यों के आधार पर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पिलखुवा। चार माह पूर्व महिला के ऑपरेशन के बाद भी हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने पबला रोड स्थित मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की चिकित्सक के खिलाफ पिलखुवा थाने में तहरीर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव सिखेड़ा निवासी इकबाल ऑटो चलाता है। उसने बताया कि पत्नी नजमा की अचानक तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गत 13 अगस्त को चिकित्सकों द्वारा नजमा का ऑप्रेशन कर बच्चेदानी को निकाल दिया। अस्पताल ने छुट्टी कर महिला को घर भेज दिया। बाद में परेशानी होने पर परिजनों ने चिकित्सक से बातचीत की। जिस पर चिकित्सक ने बताया कि लगभग एक-दो महीने तक परेशानी होती है। लेकिन ऑपरेशन के चार माह बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ है। मंगलवार को महिला के पति इकबाल ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि ऑपरेशन को चार माह बीत चुके हैं। इसके बावजूद भी नजमा की तबीयत सही नहीं है और परेशानी बनी हुई है। आरोप है कि पिछले चार माह से चिकित्सक कहते आ रहे है कि दवाइयों से सबकुछ सही हो जाएगा। मंगलवार को चिकित्सक ने महिला को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने के लिए कह दिया है।
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कोट-
अस्पताल के महाप्रबंधक एमए चौधरी का कहना है कि ऑपरेशन बिल्कुल ठीक हुआ है। अक्सर ऑपरेशन के बाद इस तरह की शिकायत रहती है। महिला को सही करने की जिम्मेदारी अस्पताल की है। महिला के परिजनों से किसी तरह का खर्च नहीं लिया जाएगा।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अभिनव सिंह पुंडीर का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है, साक्ष्यों के आधार पर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।