{"_id":"6352cb3b04b8d3611d033954","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2464935177","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब पर्चे पर हिंदी में दवाएं लिखेंगे चिकित्सक,हापुड़ सीएचसी से पहल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब पर्चे पर हिंदी में दवाएं लिखेंगे चिकित्सक,हापुड़ सीएचसी से पहल
विज्ञापन
सीएचसी अधीक्षक द्वारा लिखा गया हिंदी में पर्चा । संवाद
- फोटो : HAPUR
अब पर्चे पर हिंदी में दवाएं लिखेंगे चिकित्सक
हापुड़। सरकारी अस्पतालों के पर्चे को पढ़कर मरीज अपनी बीमारी, जांच और दवाओं की जानकारी आसानी से कर सकेंगे। गढ़ रोड सीएचसी के अधीक्षक ने मरीज का पर्चा हिंदी में तैयार कर, इसकी पहल शुरू कर दी है। दूसरे चिकित्सकों को भी प्रेरित किया है, इस व्यवस्था से न सिर्फ मरीजों को लाभ मिलेगा, राष्ट्र भाषा भी समृद्ध होगी।
चिकित्सकों की लिखावट को आम मरीज द्वारा समझ पाना मुश्किल होता है। गढ़ रोड सीएचसी में प्रतिदिन की ओपीडी दो हजार से अधिक है, ऐसे में पर्चे पर लिखी दवा को सिर्फ अस्पताल का फार्मेसी ही पढ़ पाता है। दूसरे लोगों के लिए इसे समझ पाना भी मुश्किल होता है।
मरीज को यह भी नहीं पता होती कि उसका मर्ज क्या है और किस तरह की जांच होनी है। उसे दोबारा कब आना है, इन समस्याओं से राहत दिलाने के लिए सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश खत्री ने पूरा पर्चा हिंदी में ही लिखने की पहल शुरू की है। अनुज त्यागी नामक मरीज का पहला पर्चा बना, जिसमें सबसे पहले मरीज द्वारा बताई शिकायतें नोट की गई। इसके बाद उसकी जांच के संबंध में भी हिंदी में ही लिखा गया।
विज्ञापन
पर्चे पर सभी दवाएं और उन्हें खाने की विधि हिंदी में ही लिखी, सबसे बाद में मरीज को दोबारा कब आना है यह लिखा। इस पर्चे के जरिए मरीज ने आसानी से उपचार पाया। अधीक्षक ने अस्पताल के अन्य चिकित्सकों को भी इस कवायद से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। मरीजों को लाभ मिलने के साथ ही राष्ट्रीय भाषा भी अधिक समृद्ध होगी।
कोट -
अस्पताल में आने वाले ज्यादातर मरीज अंग्रेजी नहीं समझ पाते हैं। हिंदी में पर्चा लिखने का उद्देश्य मरीज को उसके मर्ज और दवाओं की जानकारी देना है। साथ ही हिंदी भाषा को प्रोत्साहित करना है। - डॉ. दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।
विज्ञापन
हापुड़। सरकारी अस्पतालों के पर्चे को पढ़कर मरीज अपनी बीमारी, जांच और दवाओं की जानकारी आसानी से कर सकेंगे। गढ़ रोड सीएचसी के अधीक्षक ने मरीज का पर्चा हिंदी में तैयार कर, इसकी पहल शुरू कर दी है। दूसरे चिकित्सकों को भी प्रेरित किया है, इस व्यवस्था से न सिर्फ मरीजों को लाभ मिलेगा, राष्ट्र भाषा भी समृद्ध होगी।
चिकित्सकों की लिखावट को आम मरीज द्वारा समझ पाना मुश्किल होता है। गढ़ रोड सीएचसी में प्रतिदिन की ओपीडी दो हजार से अधिक है, ऐसे में पर्चे पर लिखी दवा को सिर्फ अस्पताल का फार्मेसी ही पढ़ पाता है। दूसरे लोगों के लिए इसे समझ पाना भी मुश्किल होता है।
विज्ञापन
मरीज को यह भी नहीं पता होती कि उसका मर्ज क्या है और किस तरह की जांच होनी है। उसे दोबारा कब आना है, इन समस्याओं से राहत दिलाने के लिए सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश खत्री ने पूरा पर्चा हिंदी में ही लिखने की पहल शुरू की है। अनुज त्यागी नामक मरीज का पहला पर्चा बना, जिसमें सबसे पहले मरीज द्वारा बताई शिकायतें नोट की गई। इसके बाद उसकी जांच के संबंध में भी हिंदी में ही लिखा गया।
विज्ञापन
पर्चे पर सभी दवाएं और उन्हें खाने की विधि हिंदी में ही लिखी, सबसे बाद में मरीज को दोबारा कब आना है यह लिखा। इस पर्चे के जरिए मरीज ने आसानी से उपचार पाया। अधीक्षक ने अस्पताल के अन्य चिकित्सकों को भी इस कवायद से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। मरीजों को लाभ मिलने के साथ ही राष्ट्रीय भाषा भी अधिक समृद्ध होगी।
कोट -
अस्पताल में आने वाले ज्यादातर मरीज अंग्रेजी नहीं समझ पाते हैं। हिंदी में पर्चा लिखने का उद्देश्य मरीज को उसके मर्ज और दवाओं की जानकारी देना है। साथ ही हिंदी भाषा को प्रोत्साहित करना है। - डॉ. दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।