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झूठ बोलकर सजा कम कराने वाले दोषी की सीएम से शिकायत
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झूठ बोलकर सजा कम कराने वाले दोषी की सीएम से शिकायत
हापुड़। सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव वैट निवासी एक व्यक्ति ने गांव के ही ग्राम प्रधान पति पर सजा कम कराने के लिए न्यायालय में झूठ बोलने का आरोप लगाया है। जिसकी उसने मुख्यमंत्री से शिकायत करते कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को की गई शिकायत में अफसर खान ने कहा है कि ग्राम प्रधान पति रईस ने 24 अप्रेल 2012 को गांव के ही जंगल में एक नीलगाय को बंदूक का प्रयोग करके मार दिया था। वन विभाग के उपनिरीक्षक आशीष चंद जोशी ने रईस के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया। जिसके बाद मुकदमे की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय गढ़मुक्तेश्वर में चली। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि वह स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार करता है। जुर्म कबूल करने के बाद दोषी ने अपनी सजा कम कराने के लिए न्यायालय में झूठ बोला। उसने कहा कि वह मजदूरी करता है और घर में अकेला कमाने वाला है। जिसके बाद न्यायाधीश ने मुकदमे में आठ फरवरी 2017 को निर्णय सुनाया। जिसमें आरोपी रईस को दोषी करार देते हुए जेल में बितायी गई अवधि व कोर्ट समाप्त होने तक की सजा सुनाई। साथ ही पच्चीस सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जबकि मुकदमे का दोषी रईस किसान है और मजदूरों से खेती करता है। उसकी हाइवे के किनारे पर बड़ी कीमत की काफी कृषि भूमि है। इसलिए न्यायालय में झूठ बोलने को लेकर रईस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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हापुड़। सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव वैट निवासी एक व्यक्ति ने गांव के ही ग्राम प्रधान पति पर सजा कम कराने के लिए न्यायालय में झूठ बोलने का आरोप लगाया है। जिसकी उसने मुख्यमंत्री से शिकायत करते कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को की गई शिकायत में अफसर खान ने कहा है कि ग्राम प्रधान पति रईस ने 24 अप्रेल 2012 को गांव के ही जंगल में एक नीलगाय को बंदूक का प्रयोग करके मार दिया था। वन विभाग के उपनिरीक्षक आशीष चंद जोशी ने रईस के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया। जिसके बाद मुकदमे की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय गढ़मुक्तेश्वर में चली। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि वह स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार करता है। जुर्म कबूल करने के बाद दोषी ने अपनी सजा कम कराने के लिए न्यायालय में झूठ बोला। उसने कहा कि वह मजदूरी करता है और घर में अकेला कमाने वाला है। जिसके बाद न्यायाधीश ने मुकदमे में आठ फरवरी 2017 को निर्णय सुनाया। जिसमें आरोपी रईस को दोषी करार देते हुए जेल में बितायी गई अवधि व कोर्ट समाप्त होने तक की सजा सुनाई। साथ ही पच्चीस सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जबकि मुकदमे का दोषी रईस किसान है और मजदूरों से खेती करता है। उसकी हाइवे के किनारे पर बड़ी कीमत की काफी कृषि भूमि है। इसलिए न्यायालय में झूठ बोलने को लेकर रईस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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