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21 लाख चंदा लेने पर भी कॉलेज से हटा दिया दानदाता के नाम का पत्थर
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21 लाख चंदा लेने पर भी कॉलेज से हटा दिया दानदाता के नाम का पत्थर
हापुड़। स्वर्ग आश्रम रोड स्थित एकेपी पीजी कॉलेज को 21 लाख रुपये चंदा देने वाले दानदाता के नाम का पत्थर कॉलेज से हटा दिया गया। इसकी सूचना पर दानदाता की पुत्री ने जानकारी की तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस मामले में एसपी और डीएम से शिकायत कर, प्रबंध समिति से पैसा वापस दिलाने की मांग उठाई है।
डीएम कार्यालय पहुंची आर्यनगर निवासी ममता जैन ने बताया कि उनके पिता लक्ष्मी नारायण से एकेपी डिग्री कॉलेज प्रबंध समिति के तत्कालीन पदाधिकारियों ने उसकी मां के नाम से कॉलेज में पत्थर लगाने के लिए 21 लाख रुपये चेक के जरिए प्राप्त किए थे।
उनके पिता लक्ष्मी नारायण बालिका शिक्षा के हित में हमेशा ही रहे हैं, जिसके चलते कॉलेज के सहयोग में पैसा दिया गया। वर्ष 2017 में पत्थर लगवा दिया गया। लेकिन कुछ समय बाद ही इसे हटवा दिया गया। इस मामले में लक्ष्मी नारायण ने जब प्रबंध समिति से वार्ता की इसमें एक पदाधिकारी ने कहा कि पत्थर हटवा दिया तो हटवा दिया, इसमें क्या हुआ।
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कुछ समय बाद लक्ष्मी नारायण की मृत्यु हो गई। 21 लाख रुपये लेने के बाद भी पत्थर नहीं लगा होने पर ममता जैन ने मंगलवार को डीएम और एसपी से शिकायत की। कार्रवाई के साथ ही पैसा वापस दिलाने की भी मांग उठाई गई।
वहीं, प्रबंध समिति के सचिव योगेंद्र कुमार मुन्नु का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। इस तरह का कोई पत्थर हटाया नहीं गया है, कुछ पत्थर स्वत ही उखड़ जरूर गए हैं। जिन्हें परीक्षाएं समाप्त होने के बाद लगवा दिया जाएगा।
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हापुड़। स्वर्ग आश्रम रोड स्थित एकेपी पीजी कॉलेज को 21 लाख रुपये चंदा देने वाले दानदाता के नाम का पत्थर कॉलेज से हटा दिया गया। इसकी सूचना पर दानदाता की पुत्री ने जानकारी की तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस मामले में एसपी और डीएम से शिकायत कर, प्रबंध समिति से पैसा वापस दिलाने की मांग उठाई है।
डीएम कार्यालय पहुंची आर्यनगर निवासी ममता जैन ने बताया कि उनके पिता लक्ष्मी नारायण से एकेपी डिग्री कॉलेज प्रबंध समिति के तत्कालीन पदाधिकारियों ने उसकी मां के नाम से कॉलेज में पत्थर लगाने के लिए 21 लाख रुपये चेक के जरिए प्राप्त किए थे।
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उनके पिता लक्ष्मी नारायण बालिका शिक्षा के हित में हमेशा ही रहे हैं, जिसके चलते कॉलेज के सहयोग में पैसा दिया गया। वर्ष 2017 में पत्थर लगवा दिया गया। लेकिन कुछ समय बाद ही इसे हटवा दिया गया। इस मामले में लक्ष्मी नारायण ने जब प्रबंध समिति से वार्ता की इसमें एक पदाधिकारी ने कहा कि पत्थर हटवा दिया तो हटवा दिया, इसमें क्या हुआ।
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कुछ समय बाद लक्ष्मी नारायण की मृत्यु हो गई। 21 लाख रुपये लेने के बाद भी पत्थर नहीं लगा होने पर ममता जैन ने मंगलवार को डीएम और एसपी से शिकायत की। कार्रवाई के साथ ही पैसा वापस दिलाने की भी मांग उठाई गई।
वहीं, प्रबंध समिति के सचिव योगेंद्र कुमार मुन्नु का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। इस तरह का कोई पत्थर हटाया नहीं गया है, कुछ पत्थर स्वत ही उखड़ जरूर गए हैं। जिन्हें परीक्षाएं समाप्त होने के बाद लगवा दिया जाएगा।