फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

सीएचसी में नहीं हुआ सीटी स्कैन, मरीजों ने किया हंगामा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 11:10 PM IST
विज्ञापन
hapur news
अस्पताल में चिकित्सक से नोंकझोंक करते मरीज - फोटो : HAPUR
सीएचसी में नहीं हुआ सीटी स्कैन, मरीजों ने किया हंगामा
विज्ञापन

हापुड़। झोलाछापों के परामर्श पर बुधवार को गढ़ रोड सीएचसी में 120 से अधिक मरीज सीटी स्कैन कराने पहुंचे। चिकित्सकों ने उनसे बीमारी के बारे में पूछा तो कुछ नहीं बताया, सिर्फ सीटी स्कैन कराने की जिद पर अड़ गए। चिकित्सकों ने इनकार किया तो हंगामा शुरू कर दिया, इस दौरान ओपीडी भी काफी देर तक प्रभावित रही। नोकझोंक के बाद कुछ मरीज लौट गए, बाकी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें 15 के ही पर्चे बनाए जा सके।
प्राइवेट अस्पतालों में सीटी स्कैन एक हजार रुपये से अधिक में होता है। स्वास्थ्य विभाग के पास सिर्फ एक ही सीटी स्कैन मशीन हैं, जहां फ्री में इसकी सुविधा मरीजों को दी जाती है। लेकिन ऐसे मरीजों का ही सीटी स्कैन होता है, जिन्हें वास्तव में गंभीर बीमार है और सामान्य जांच में बीमारी पकड़ में नहीं आ रही।
विज्ञापन

निशुल्क सुविधा का लाभ लेने के लिए बाहर के लिखे पर्चे लेकर भी मरीज सीधे सीटी स्कैन चैंबर में पहुंच जाते हैं। जबकि एक रुपये का पर्चा और सीएचसी के चिकित्सकों के परामर्श के बिना सीटी स्कैन पर रोक लगाई गई है। बुधवार को करीब 120 मरीज अस्पताल पहुंचे, जिन्हें सीटी स्कैन कराना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

चिकित्सकों ने उनसे बीमारी के बारे में पूछा तो कुछ नहीं बताया, सिर्फ सीटी स्कैन कराने का ही दबाव बनाने लगे। चिकित्सकों ने इनकार किया तो हंगामा शुरू हो गया, जनरल ओपीडी में चिकित्सक के साथ बिन वजह मरीज उलझते रहे। चिकित्सक ने वार्डों में चस्पा सीटी स्कैन के नुकसान संबंधी नोटिस के बारे में बताया फिर भी मरीज नहीं माने। इस दौरान नोकझोंक के चलते चैंबर के बार मरीजों की लंबी लाइन लग गई।
120 में 65 को सिर दर्द
सीटी स्कैन कराने के लिए अस्पताल पहुंचे 120 मरीजों में 65 को सिर दर्द था। मरीजों ने चिकित्सकों को बताया कि पिछले तीन से चार दिन से दर्द बना हुआ है, इसी का पता करने के लिए सीटी स्कैन कराने आए हैं। यह सलाह उन्हें उनके मोहल्लों में खुले क्लीनिक के चिकित्सकों ने दी थी।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद 15 के बने पर्चे
सीटी स्कैन के लिए आवेदन करने वाले मरीजों को सीएचसी के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सकों ने पाया कि सिर्फ 15 मरीजों की ही सीटी स्कैन जांच जरूरी थी।
एक हजार एक्सरे के बराबर है सीटी स्कैन
अस्पताल के फिजिशियन डॉ अशरफ ने बताया कि एक बार सीटी स्कैन कराना एक हजार एक्सरे के बराबर है। इससे निकलने वाली हानिकारक किरणें कैंसर का खतरा बनती हैं, साथ ही डीएनए को नुकसान का भी खतरा रहता है।

इन समस्याओं को लेकर सीटी स्कैन कराने आ रहे मरीज
* तीन दिन से अधिक सिर में दर्द।
* सीने में दर्द, हाथ पैर में सूजन।
* कमर और गर्दन का दर्द।
* सांस लेने के दौरान चुभन होना।
कोट-
सीएचसी में आने वाले मरीज सबसे पहले एक रुपये का पर्चा बनवाएं। चिकित्सक से परामर्श लें, यदि चिकित्सक सीटी स्कैन को जरूरी समझतें हैं तभी कराएं। झोलाछापों के पर्चे पर सीटी स्कैन नहीं कराया जाएगा।--डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।
-

अस्पताल में हंगामें के बाद लगी मरीजों की लाइन

अस्पताल में हंगामें के बाद लगी मरीजों की लाइन- फोटो : HAPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed