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पोराई सत्र बंद, चीनी मिलों पर किसानों का 541 करोड़ बकाया
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पेराई सत्र बंद, चीनी मिलों पर किसानों का 541 करोड़ बकाया
हापुड़। जिले के ब्रजनाथपुर और सिंभावनी चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त हो चुका है। ब्रजनाथपुर के बाद बृहस्पतिवार को सिंभावली शुगर मिल भी बंद हो गई। लेकिन मिलों ने पूरे सत्र में खरीदे गए गन्ने का अभी तक 12 फीसदी भुगतान किया है। आंकड़ों के अनुसार दोनों मिलों पर 540.95 करोड़ रुपया बकाया है। हालांकि डीएम मेधा रूपम ने मिल अधिकारियों को तलब कर जल्द से जल्द भुगतान के आदेश दिए हैं।
जिले के करीब 42 हजार हेक्टेयर रकबे में गन्ने की खेती होती है। इस फसल से 90 हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। सत्र 2021-22 का अब समापन हो चुका है। लेकिन चीनी मिलों ने इस सत्र का सिर्फ 81.91 करोड़ ही भुगतान किया है।
सिंभावली चीनी मिल ने किसानों का इस सत्र में 58660 क्विंटल गन्ना, जबकि ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने किसानों का 24290 क्विंटल गन्ना खरीदा था। जिसका कुल भुगतान 683.46 करोड़ बैठता है। जिसमें से अभी तक मात्र 11.98 प्रतिशत यानि मात्र 81.91 करोड़ को ही किसानों को वितरित किया गया है। बाकी की धनराशि को मिल अभी भी दबाए बैंठे हैं।
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भुगतान और अवशेष की स्थिति-
मिल कुल देय भुगतान अवशेष
सिंभावली 494.35 50.78 383.77
ब्रजनाथपुर 189.12 31.13 157.99
(नोट : राशि करोड़ रुपये में है।)
डीएम ने तलब किए मिल के अधिकारी
मिल बंद होने के बाद किसानों को उनके बकाये का भुगतान किया जा सके, इसके लिए डीएम मेधा रूपम ने मिल के अधिकारियों को बुधवार को ही तलब कर लिया था। डीएम के व्यस्त कार्यक्रम के कारण अधिकारियों को कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जल्द से किसानों के बकाया का भुगतान किया जाए। डीएम ने भुगतान के संबंध में पूरी जानकारी मांगी है।
कोट -
किसानों का भुगतान समय से हो, इसके लिए मिलों के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। संबंधित विभागों से पूरे मामले में गंभीरता से कार्य करने के लिए कहा गया है।-मेधा रूपम, डीएम, हापुड़।
वादे से मुकरा मिल प्रबंधन
किसानों के हंगामे के बावजूद मिलों की ओर से गन्ने का भुगतान नहीं किया गया है। किसानों का आरोप है कि चीनी मिल जानबूझकर गन्ने का बकाया भुगतान अटकाकर रखते हैं। सिंभावली चीनी मिल ने एक महीने के अंदर 50 करोड़ के भुगतान का वादा किया था। ऐसा ही वादा ब्रजनाथपुर शुगर मिल की ओर से किया गया था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आंदोलन करेगी भाकियू
पोराई सत्र समाप्त हो चुका है, लेकिन जिले की मिलें भुगतान करने में फिसड्डी हैं। अब किसानों के पूरे बकाये का भूगतान नहीं हुआ तो भाकियू आंदोलन करेगी।--दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष भाकियू।--फोटो संख्या-20
पंद्रह दिन में हो भुगतान
किसान आर्थिक रूप से बदहाल है, सरकार लगातार पंद्रह दिन में भुगतान के दावे करती रही हैं, लेकिन ऐसी व्यवस्था कभी भी नहीं हो पाई। 15 दिन में भुगतान होना चाहिए।--पवन हूण, पूर्व जिलाध्यक्ष भाकियू भानु।--फोटो संख्या-19
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हापुड़। जिले के ब्रजनाथपुर और सिंभावनी चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त हो चुका है। ब्रजनाथपुर के बाद बृहस्पतिवार को सिंभावली शुगर मिल भी बंद हो गई। लेकिन मिलों ने पूरे सत्र में खरीदे गए गन्ने का अभी तक 12 फीसदी भुगतान किया है। आंकड़ों के अनुसार दोनों मिलों पर 540.95 करोड़ रुपया बकाया है। हालांकि डीएम मेधा रूपम ने मिल अधिकारियों को तलब कर जल्द से जल्द भुगतान के आदेश दिए हैं।
जिले के करीब 42 हजार हेक्टेयर रकबे में गन्ने की खेती होती है। इस फसल से 90 हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। सत्र 2021-22 का अब समापन हो चुका है। लेकिन चीनी मिलों ने इस सत्र का सिर्फ 81.91 करोड़ ही भुगतान किया है।
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सिंभावली चीनी मिल ने किसानों का इस सत्र में 58660 क्विंटल गन्ना, जबकि ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने किसानों का 24290 क्विंटल गन्ना खरीदा था। जिसका कुल भुगतान 683.46 करोड़ बैठता है। जिसमें से अभी तक मात्र 11.98 प्रतिशत यानि मात्र 81.91 करोड़ को ही किसानों को वितरित किया गया है। बाकी की धनराशि को मिल अभी भी दबाए बैंठे हैं।
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भुगतान और अवशेष की स्थिति-
मिल कुल देय भुगतान अवशेष
सिंभावली 494.35 50.78 383.77
ब्रजनाथपुर 189.12 31.13 157.99
(नोट : राशि करोड़ रुपये में है।)
डीएम ने तलब किए मिल के अधिकारी
मिल बंद होने के बाद किसानों को उनके बकाये का भुगतान किया जा सके, इसके लिए डीएम मेधा रूपम ने मिल के अधिकारियों को बुधवार को ही तलब कर लिया था। डीएम के व्यस्त कार्यक्रम के कारण अधिकारियों को कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जल्द से किसानों के बकाया का भुगतान किया जाए। डीएम ने भुगतान के संबंध में पूरी जानकारी मांगी है।
कोट -
किसानों का भुगतान समय से हो, इसके लिए मिलों के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। संबंधित विभागों से पूरे मामले में गंभीरता से कार्य करने के लिए कहा गया है।-मेधा रूपम, डीएम, हापुड़।
वादे से मुकरा मिल प्रबंधन
किसानों के हंगामे के बावजूद मिलों की ओर से गन्ने का भुगतान नहीं किया गया है। किसानों का आरोप है कि चीनी मिल जानबूझकर गन्ने का बकाया भुगतान अटकाकर रखते हैं। सिंभावली चीनी मिल ने एक महीने के अंदर 50 करोड़ के भुगतान का वादा किया था। ऐसा ही वादा ब्रजनाथपुर शुगर मिल की ओर से किया गया था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आंदोलन करेगी भाकियू
पोराई सत्र समाप्त हो चुका है, लेकिन जिले की मिलें भुगतान करने में फिसड्डी हैं। अब किसानों के पूरे बकाये का भूगतान नहीं हुआ तो भाकियू आंदोलन करेगी।--दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष भाकियू।--फोटो संख्या-20
पंद्रह दिन में हो भुगतान
किसान आर्थिक रूप से बदहाल है, सरकार लगातार पंद्रह दिन में भुगतान के दावे करती रही हैं, लेकिन ऐसी व्यवस्था कभी भी नहीं हो पाई। 15 दिन में भुगतान होना चाहिए।--पवन हूण, पूर्व जिलाध्यक्ष भाकियू भानु।--फोटो संख्या-19