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सीएचसी में आए मरीजों को भेज रहे निजी अस्पताल
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बृहस्पतिवार को गढ़ रोड सीएचसी में निजी अस्पताल का पता लिखी पर्ची लेकर पहुंचा मरीज । संवाद
- फोटो : HAPUR
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सीएचसी में आए मरीजों को इलाज के लिए भेज रहे निजी अस्पताल
हापुड़। गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए मरीजों के साथ बढ़ी लापरवाही सामने आई है। बृहस्पतिवार को
कुछ मरीजों के पास से हाथ से लिखी पर्चियां मिली। जिसमें बुलंदशहर रोड के एक निजी अस्पताल का पता और संपर्क नंबर लिखा था। इन पर्चियों का अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं और चिकित्सकों से जवाब मांगा है।
गढ़ रोड सीएचसी में सबसे अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कुछ निजी अस्पताल भी लगातार वहां के चिकित्सकों के संपर्क में आकर मरीजों को उनके यहां भेजने के प्रयास में लगे रहते हैं। बृहस्पतिवार को ऐसा ही मामला प्रकाश में आया।
जनरल ओपीडी में पहुंचे कुछ मरीजों के पास हाथ से लिखी पर्चियां मिली, जो मरीजों ने अस्पताल के पर्चे के साथ ही ले रखी थी। चिकित्सक ने जब पर्ची के बारे में पूछा तो पता चला कि अस्पताल के ही एक चिकित्सक ने उन्हें बुलंदशहर रोड स्थित अस्पताल में जाने की सलाह दी है। उस पर्ची पर हाथ से ही अस्पताल का पता, मोबाइल नंबर लिखा था। कई मरीजों के पास इस तरह की पर्चियां मिली।
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सरकारी अस्पताल से इस तरह की गतिविधि का अधीक्षक ने कड़ा संज्ञान लिया। चिकित्सकों को तलब कर, जवाब तलब कराया। हालांकि अस्पताल के चिकित्सक ऐसी कोई पर्ची देने या पता बताने से इंकार करते रहे। मरीजों से संपर्क कर चिकित्सक की जानकारी की जा रही है। इस मामले में जांच बैठा दी गई है।
कोट-
सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल में भेजने का मामला गंभीर है। यदि ऐसा किसी चिकित्सक ने किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच शुरू करा दी गई है।--डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।
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हापुड़। गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए मरीजों के साथ बढ़ी लापरवाही सामने आई है। बृहस्पतिवार को
कुछ मरीजों के पास से हाथ से लिखी पर्चियां मिली। जिसमें बुलंदशहर रोड के एक निजी अस्पताल का पता और संपर्क नंबर लिखा था। इन पर्चियों का अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं और चिकित्सकों से जवाब मांगा है।
गढ़ रोड सीएचसी में सबसे अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कुछ निजी अस्पताल भी लगातार वहां के चिकित्सकों के संपर्क में आकर मरीजों को उनके यहां भेजने के प्रयास में लगे रहते हैं। बृहस्पतिवार को ऐसा ही मामला प्रकाश में आया।
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जनरल ओपीडी में पहुंचे कुछ मरीजों के पास हाथ से लिखी पर्चियां मिली, जो मरीजों ने अस्पताल के पर्चे के साथ ही ले रखी थी। चिकित्सक ने जब पर्ची के बारे में पूछा तो पता चला कि अस्पताल के ही एक चिकित्सक ने उन्हें बुलंदशहर रोड स्थित अस्पताल में जाने की सलाह दी है। उस पर्ची पर हाथ से ही अस्पताल का पता, मोबाइल नंबर लिखा था। कई मरीजों के पास इस तरह की पर्चियां मिली।
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सरकारी अस्पताल से इस तरह की गतिविधि का अधीक्षक ने कड़ा संज्ञान लिया। चिकित्सकों को तलब कर, जवाब तलब कराया। हालांकि अस्पताल के चिकित्सक ऐसी कोई पर्ची देने या पता बताने से इंकार करते रहे। मरीजों से संपर्क कर चिकित्सक की जानकारी की जा रही है। इस मामले में जांच बैठा दी गई है।
कोट-
सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल में भेजने का मामला गंभीर है। यदि ऐसा किसी चिकित्सक ने किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच शुरू करा दी गई है।--डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।