{"_id":"626d6a64b48be56d5404b0ab","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd237705882","type":"story","status":"publish","title_hn":"28 साल बाद चोरी के दो आरोपी दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
28 साल बाद चोरी के दो आरोपी दोषी करार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
28 साल बाद चोरी के दो आरोपी दोषी करार
हापुड़। पुलिसकर्मी के सरकारी क्वार्टर में चोरी करने वाले दो आरोपियों को 28 वर्ष बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास और आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सरकारी अधिवक्ता सीपी गौतम ने बताया कि 11 मार्च 1993 को पुलिस के हेड कांस्टेबल रामपाल ने हापुड़ जिले की नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि वर्ष 1993 में वह जनपद बुलंदशहर पुलिस कार्यालय में डीसीआरबी शाखा में तैनात था। उसका परिवार हापुड़ जिले में स्थित सरकारी क्वार्टर में रहता था। मार्च माह 1993 में उसका परिवार गांव में रहने गया था। परिवार की गैर मौजूदगी में 09 मार्च 1993 को चोर उसके सरकारी क्वार्टर से लाखों के सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सामान चोरी कर ले गए थे। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने इस मामले में जनपद बुलंदशहर के थाना जहांगीरपुर क्षेत्र के गांव लालपुर निवासी उम्मेद और अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। मुकदमे पर संज्ञान लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने सुनवाई शुरू की। न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों दो दोषी करार दिया है। दोषियों को पांच-पांच वर्ष कारावास और आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। पुलिसकर्मी के सरकारी क्वार्टर में चोरी करने वाले दो आरोपियों को 28 वर्ष बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास और आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सरकारी अधिवक्ता सीपी गौतम ने बताया कि 11 मार्च 1993 को पुलिस के हेड कांस्टेबल रामपाल ने हापुड़ जिले की नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि वर्ष 1993 में वह जनपद बुलंदशहर पुलिस कार्यालय में डीसीआरबी शाखा में तैनात था। उसका परिवार हापुड़ जिले में स्थित सरकारी क्वार्टर में रहता था। मार्च माह 1993 में उसका परिवार गांव में रहने गया था। परिवार की गैर मौजूदगी में 09 मार्च 1993 को चोर उसके सरकारी क्वार्टर से लाखों के सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सामान चोरी कर ले गए थे। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
विज्ञापन
पुलिस ने इस मामले में जनपद बुलंदशहर के थाना जहांगीरपुर क्षेत्र के गांव लालपुर निवासी उम्मेद और अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। मुकदमे पर संज्ञान लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने सुनवाई शुरू की। न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों दो दोषी करार दिया है। दोषियों को पांच-पांच वर्ष कारावास और आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विज्ञापन