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अधेड़ की हत्या में चाचा-भतीजे को दस-दस वर्ष कारावास
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अधेड़ की हत्या में चाचा-भतीजे को दस-दस वर्ष का कारावास
हापुड़। थाना हाफिजपुर क्षेत्र के गांव इम्टौरी निवासी अधेड़ की सुआ घोंपकर हत्या करने के मामले में चाचा-भतीजे को जिला न्यायाधीश ने दोषी करार दिया है। दोषियों को दस-दस वर्ष सश्रम कारावास के साथ 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) कृष्णकांत गुप्ता ने बताया कि 14 जून 2015 को थाना हाफिजपुर क्षेत्र के गांव इम्टौरी निवासी रणवीर ने थाने में तहरीर दी थी। जिसमें पीड़ित ने बताया कि उसके भाई गंगाशरण ने गांव निवासी राजवीर को कुछ रुपये उधार दिए थे। वह अपने भाई गंगाशरण के साथ राजवीर के पास गया था। राजवीर ने अपने घर के बाहर बर्फ का ठेला लगाया हुआ था। राजवीर के साथ उसका भतीजा कुलदीप भी मौजूद था। गंगाशरण ने राजवीर से उधार दिए रुपये वापस मांगे। इस बात से गुस्साए कुलदीप ने गंगाशरण के दोनों हाथ पकड़ लिए थे। इसके बाद राजवीर ने बर्फ तोड़ने वाले सुएं से गंगाशरण के सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी थी। गंगाशरण को बचाने का प्रयास करने पर राजवीर ने उस पर भी सुएं से हमला कर घायल कर दिया था। हत्या के आरोप में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को जिला न्यायाधीश बिजेंद्र मणि त्रिपाठी ने दोनों हत्यारोपियों को दोषी करार दिया। दोषियों को दस-दस वर्ष सश्रम कारावास और 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों को जेल भेज दिया गया।
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हापुड़। थाना हाफिजपुर क्षेत्र के गांव इम्टौरी निवासी अधेड़ की सुआ घोंपकर हत्या करने के मामले में चाचा-भतीजे को जिला न्यायाधीश ने दोषी करार दिया है। दोषियों को दस-दस वर्ष सश्रम कारावास के साथ 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) कृष्णकांत गुप्ता ने बताया कि 14 जून 2015 को थाना हाफिजपुर क्षेत्र के गांव इम्टौरी निवासी रणवीर ने थाने में तहरीर दी थी। जिसमें पीड़ित ने बताया कि उसके भाई गंगाशरण ने गांव निवासी राजवीर को कुछ रुपये उधार दिए थे। वह अपने भाई गंगाशरण के साथ राजवीर के पास गया था। राजवीर ने अपने घर के बाहर बर्फ का ठेला लगाया हुआ था। राजवीर के साथ उसका भतीजा कुलदीप भी मौजूद था। गंगाशरण ने राजवीर से उधार दिए रुपये वापस मांगे। इस बात से गुस्साए कुलदीप ने गंगाशरण के दोनों हाथ पकड़ लिए थे। इसके बाद राजवीर ने बर्फ तोड़ने वाले सुएं से गंगाशरण के सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी थी। गंगाशरण को बचाने का प्रयास करने पर राजवीर ने उस पर भी सुएं से हमला कर घायल कर दिया था। हत्या के आरोप में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को जिला न्यायाधीश बिजेंद्र मणि त्रिपाठी ने दोनों हत्यारोपियों को दोषी करार दिया। दोषियों को दस-दस वर्ष सश्रम कारावास और 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों को जेल भेज दिया गया।
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