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तीन घंटे तक इरफान के शव के टुकड़े करते रहे रागिब व आबिद
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तीन घंटे तक इरफान के शव के टुकड़े करते रहे रागिब और आबिद
हापुड़। रुपयों के लेनदेन को लेकर अपने ही दोस्तों द्वारा की गई इरफान की हत्या की कहानी कितनी भयावह थी इसका खुलासा दोनों आरोपियों से पूछताछ में हुआ है। मुख्य आरोपी रागिब दोस्तों के साथ करीब तीन घंटे तक शव के टुकड़े करता रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव के 49 टुकड़े होने की बात सामने आई है। शव के टुकड़े मांस काटने वाले धारदार हथियार से पूरे इत्मिनान के साथ किए गए।
यह था मामला--
गांव कुराना निवासी इरफान पुत्र युनूस कुराना टोल प्लाजा के पास ही फास्ट टैग और ट्रेवलिंग एजेंसी का कार्य करता था, उसने अपना कार्यालय भी बनाया हुआ था। गांव निवासी रागिब और माजिद जो उसके दोस्त थे और उसके साथ ही काम करते थे। करीब 18 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर इनके बीच विवाद हो गया। रागिब और माजिद ने अपने तीसरे साथी आबिद के के साथ मिलकर इरफान की हत्या कर दी। मृतक के शव को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर, पॉलिथिन में पैक करने के बाद कार्यालय के बाहर ही गड्ढा खुदवाकर दबा दिया। इरफान 18 मार्च से लापता था। पुलिस ने पूछताछ के बाद गड्ढे से शव को बरामद कर लिया था।
दोपहर बाद से पीनी शुरू कर दी थी शराब
पुलिस पूछताछ में रागिब और माजिद ने बताया कि उन्होंने 18 मार्च को टोल प्लाजा के पास कार्यालय में दोपहर से ही शराब पीने शुरू कर दी थी। तीनों को पता चला था कि इरफान दिल्ली से किसी अपने परिचित से सात लाख रुपये लेकर आया है। नशे में सभी कार्यालय में देर रात तक शराब पीते रहे। रुपये को लेकर ही विवाद हुआ और जब इरफान ने रुपये देने से इंकार कर दिया तो नशे की हालत में उसकी गला काटकर हत्या कर दी गई।
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पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्या करीब 12 बजे के आसपास की गई। इसके बाद माजिद करीब साढ़े 12 बजे घर से लगातार फोन आने के कारण घर लौट गया। रागिब साढ़े 12 बजे से सुबह साढ़े तीन बजे तक आबिद के साथ शव के टुकड़े करता रहा। और पॉलीथिन में पैक करने के बाद वहां से निकला। जाने से पहले रागिब छह लाख और आबिद एक लाख रुपये अपने साथ ले गए। दरअसल, फास्ट टैक में इन तीनों की साझेदारी थी, लेकिन अधिकतर रुपया इरफान अपने पास ही रखता था, इसी से तीनों नाराज थे।
आरोपियों को भेजा जेल, तीन लाख रुपये बरामद
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि हाफिजपुर पुलिस ने इरफान के हत्यारोपियों रागिब और आबिद की निशानदेही पर आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त मांस काटने का दाव और इरफान से लूटे गए तीन लाख रुपये नगद भी बरामद कर लिए हैं। बाकी की बरामगदी के प्रयास किए जा रहे हैं। पूछताछ में आरोपियों ने गांव सिरोधन के पास मृतक का मोबाइल फोन फेंकने का पता चला है, उसकी तलाश की जा रही है।
सड़क खुदवाने के लिए बुलाई जेसीबी
आरोपी रागिब और माजिद अगले दिन 19 मार्च को एक बार फिर कार्यालय पहुंचे और शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके लिए रागिब ने अपने एक परिचित से किराये पर यह कहकर जेसीबी मंगवाई कि उन्हें अपने कार्यालय के बाहर सड़क खुदवानी है। गड्ढा खुदवाने क बाद उसे वापस भेज दिया गया और टुकड़ों को दबा दिया गया।
इरफान के शव को किया गया सपुर्दे खाक
पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार देर रात को ही इरफान के शव को गांव के ही कब्रिस्तान में दफना दिया गया। इरफान के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। इरफान के परिजनों ने आरोपियों के उस पर रुपये होने की बात से इंकार किया है। उल्टे उन्होंने दोनों आरोपियों पर ही इरफान के लाखों रुपये होने का आरोप लगाते हुए उन्हें फांसी लगाने की मांग की है।
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हापुड़। रुपयों के लेनदेन को लेकर अपने ही दोस्तों द्वारा की गई इरफान की हत्या की कहानी कितनी भयावह थी इसका खुलासा दोनों आरोपियों से पूछताछ में हुआ है। मुख्य आरोपी रागिब दोस्तों के साथ करीब तीन घंटे तक शव के टुकड़े करता रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव के 49 टुकड़े होने की बात सामने आई है। शव के टुकड़े मांस काटने वाले धारदार हथियार से पूरे इत्मिनान के साथ किए गए।
यह था मामला--
गांव कुराना निवासी इरफान पुत्र युनूस कुराना टोल प्लाजा के पास ही फास्ट टैग और ट्रेवलिंग एजेंसी का कार्य करता था, उसने अपना कार्यालय भी बनाया हुआ था। गांव निवासी रागिब और माजिद जो उसके दोस्त थे और उसके साथ ही काम करते थे। करीब 18 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर इनके बीच विवाद हो गया। रागिब और माजिद ने अपने तीसरे साथी आबिद के के साथ मिलकर इरफान की हत्या कर दी। मृतक के शव को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर, पॉलिथिन में पैक करने के बाद कार्यालय के बाहर ही गड्ढा खुदवाकर दबा दिया। इरफान 18 मार्च से लापता था। पुलिस ने पूछताछ के बाद गड्ढे से शव को बरामद कर लिया था।
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दोपहर बाद से पीनी शुरू कर दी थी शराब
पुलिस पूछताछ में रागिब और माजिद ने बताया कि उन्होंने 18 मार्च को टोल प्लाजा के पास कार्यालय में दोपहर से ही शराब पीने शुरू कर दी थी। तीनों को पता चला था कि इरफान दिल्ली से किसी अपने परिचित से सात लाख रुपये लेकर आया है। नशे में सभी कार्यालय में देर रात तक शराब पीते रहे। रुपये को लेकर ही विवाद हुआ और जब इरफान ने रुपये देने से इंकार कर दिया तो नशे की हालत में उसकी गला काटकर हत्या कर दी गई।
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पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्या करीब 12 बजे के आसपास की गई। इसके बाद माजिद करीब साढ़े 12 बजे घर से लगातार फोन आने के कारण घर लौट गया। रागिब साढ़े 12 बजे से सुबह साढ़े तीन बजे तक आबिद के साथ शव के टुकड़े करता रहा। और पॉलीथिन में पैक करने के बाद वहां से निकला। जाने से पहले रागिब छह लाख और आबिद एक लाख रुपये अपने साथ ले गए। दरअसल, फास्ट टैक में इन तीनों की साझेदारी थी, लेकिन अधिकतर रुपया इरफान अपने पास ही रखता था, इसी से तीनों नाराज थे।
आरोपियों को भेजा जेल, तीन लाख रुपये बरामद
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि हाफिजपुर पुलिस ने इरफान के हत्यारोपियों रागिब और आबिद की निशानदेही पर आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त मांस काटने का दाव और इरफान से लूटे गए तीन लाख रुपये नगद भी बरामद कर लिए हैं। बाकी की बरामगदी के प्रयास किए जा रहे हैं। पूछताछ में आरोपियों ने गांव सिरोधन के पास मृतक का मोबाइल फोन फेंकने का पता चला है, उसकी तलाश की जा रही है।
सड़क खुदवाने के लिए बुलाई जेसीबी
आरोपी रागिब और माजिद अगले दिन 19 मार्च को एक बार फिर कार्यालय पहुंचे और शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके लिए रागिब ने अपने एक परिचित से किराये पर यह कहकर जेसीबी मंगवाई कि उन्हें अपने कार्यालय के बाहर सड़क खुदवानी है। गड्ढा खुदवाने क बाद उसे वापस भेज दिया गया और टुकड़ों को दबा दिया गया।
इरफान के शव को किया गया सपुर्दे खाक
पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार देर रात को ही इरफान के शव को गांव के ही कब्रिस्तान में दफना दिया गया। इरफान के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। इरफान के परिजनों ने आरोपियों के उस पर रुपये होने की बात से इंकार किया है। उल्टे उन्होंने दोनों आरोपियों पर ही इरफान के लाखों रुपये होने का आरोप लगाते हुए उन्हें फांसी लगाने की मांग की है।