{"_id":"61f8191e5c637d15d625f770","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2334661168","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुजुर्गों पर कोरोना का वार, एक महीने में चार की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुजुर्गों पर कोरोना का वार, एक महीने में चार की मौत
विज्ञापन
बुजुर्गों पर कोरोना का वार, एक महीने में चार की मौत
हापुड़। जिले में एक महीने के अंदर कोरोना से चार बुजुर्गों की मौत हुई है, इसमें बड़ी बात यह है कि चारों ने ही कोरोनारोधी टीका नहीं लगवाया था। जिसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 58 हजार बुजुर्ग ऐसे हैं जिन्होंने टीके की एक भी डोज नहीं लगवाई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को बुजुर्गों की चिंता सता रही है।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए जिले में 16 जनवरी 2021 से टीकाकरण शुरू हुआ था। फ्रंट और हेल्थलाइन वर्कर्स के बाद बुजुर्गों का सबसे पहले टीकाकरण शुरू हुआ था। जिले में 124947 बुजुर्गों को चिन्हित इसलिए किया गया था क्योंकि पहली लहर में सबसे अधिक मौत बुजुर्गों की हुई थी।
टीकाकरण के चलते दूसरी लहर में बुजुर्ग काफी हद तक संक्रमण से बचे रहे । इस लहर में युवाओं की सबसे अधिक मौत हुई थी। अब तीसरी लहर चल रही है, इसका संक्रमण ज्यादा प्रभावित नहीं कर रहा। लेकिन जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है, उनके स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव पड़ रहा है। आलम यह है कि इस लहर में एक महीने के अंदर चार लोगों की मौत हुई है, इनमें तीन की उम्र 60 से अधिक और एक की 52 साल थी। मृतकों की जांच में पता चला है कि इनमें किसी ने टीका नहीं लगवाया था।
विज्ञापन
सिर्फ 76 प्रतिशत बुजुर्गों ने लगवाया पहला टीका
जिले में बुजुर्गों की संख्या 124947 हैं, इनमें सिर्फ 66124 (76 प्रतिशत) ने ही पहला डोज लगवाया है। बाकी के 58823 बुजुर्गों ने एक भी टीका नहीं लगवाया। ऐसे में इन बुजुर्गों की जान पर खतरा है।
टीका लगवाने वाले एक सप्ताह में हो रहे स्वस्थ
जिन लोगों ने कोरोनारोधी टीका लगवाया है, वह एक सप्ताह में स्वस्थ हो रहे हैं। तीसरी लहर का संक्रमण ऐसे लोगों को ज्यादा परेशान नहीं कर रहा है। यही कारण है कि अब युवा वर्ग टीकाकरण को लेकर काफी उत्सुक है और 97 प्रतिशत से अधिक ने पहला डोज ले लिया है।
टीकाकरण में न बरतें लापरवाही
बुजुर्गों को अपने साथ-साथ परिवार के हर सदस्य का टीकाकरण कराना चाहिए। मैंने खुद दोनों डोज लिए हैं और परिवार का कोई सदस्य टीकाकरण से वंचित नहीं है। कोरोना को हराने की कवायद में खासकर बुजुर्ग लापरवाही न करें। टीका लगवाने के बाद जान जाने का जोखिम नहीं है। - योगेंद्र कुमार मुन्नु, जवाहर गंज।
महामारी की भेंट न चढ़ें बुजुर्ग
मेरी उम्र 65 वर्ष है, दोनों डोज लग चुकी हैं अब बूस्टर डोज की तैयारी है। हमारा दायित्व है कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण को बढ़ावा दें । जिन लोगों ने टीकाकरण नहीं कराया है, उनकी जान पर अधिक खतरा है। जिन बुजुर्गों ने एक भी डोज नहीं लिया वह समय रहते टीका लगवा लें। - सुशील कुमार गर्ग, चंडी रोड।
मृतकों ने नहीं लगवाया था टीका
तीसरी लहर में चार लोगों की मौत हुई हैं, इनमें किसी ने टीका नहीं लगवाया था। जिन लोगों टीका लगवाया है, चाहे वह किसी भी आयु वर्ग के हैं उन्हें संक्रमण से ज्यादा परेशानी नहीं हुई है। बुजुर्ग जल्द से जल्द टीकाकरण कराएं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
विज्ञापन
हापुड़। जिले में एक महीने के अंदर कोरोना से चार बुजुर्गों की मौत हुई है, इसमें बड़ी बात यह है कि चारों ने ही कोरोनारोधी टीका नहीं लगवाया था। जिसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 58 हजार बुजुर्ग ऐसे हैं जिन्होंने टीके की एक भी डोज नहीं लगवाई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को बुजुर्गों की चिंता सता रही है।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए जिले में 16 जनवरी 2021 से टीकाकरण शुरू हुआ था। फ्रंट और हेल्थलाइन वर्कर्स के बाद बुजुर्गों का सबसे पहले टीकाकरण शुरू हुआ था। जिले में 124947 बुजुर्गों को चिन्हित इसलिए किया गया था क्योंकि पहली लहर में सबसे अधिक मौत बुजुर्गों की हुई थी।
विज्ञापन
टीकाकरण के चलते दूसरी लहर में बुजुर्ग काफी हद तक संक्रमण से बचे रहे । इस लहर में युवाओं की सबसे अधिक मौत हुई थी। अब तीसरी लहर चल रही है, इसका संक्रमण ज्यादा प्रभावित नहीं कर रहा। लेकिन जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है, उनके स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव पड़ रहा है। आलम यह है कि इस लहर में एक महीने के अंदर चार लोगों की मौत हुई है, इनमें तीन की उम्र 60 से अधिक और एक की 52 साल थी। मृतकों की जांच में पता चला है कि इनमें किसी ने टीका नहीं लगवाया था।
विज्ञापन
सिर्फ 76 प्रतिशत बुजुर्गों ने लगवाया पहला टीका
जिले में बुजुर्गों की संख्या 124947 हैं, इनमें सिर्फ 66124 (76 प्रतिशत) ने ही पहला डोज लगवाया है। बाकी के 58823 बुजुर्गों ने एक भी टीका नहीं लगवाया। ऐसे में इन बुजुर्गों की जान पर खतरा है।
टीका लगवाने वाले एक सप्ताह में हो रहे स्वस्थ
जिन लोगों ने कोरोनारोधी टीका लगवाया है, वह एक सप्ताह में स्वस्थ हो रहे हैं। तीसरी लहर का संक्रमण ऐसे लोगों को ज्यादा परेशान नहीं कर रहा है। यही कारण है कि अब युवा वर्ग टीकाकरण को लेकर काफी उत्सुक है और 97 प्रतिशत से अधिक ने पहला डोज ले लिया है।
टीकाकरण में न बरतें लापरवाही
बुजुर्गों को अपने साथ-साथ परिवार के हर सदस्य का टीकाकरण कराना चाहिए। मैंने खुद दोनों डोज लिए हैं और परिवार का कोई सदस्य टीकाकरण से वंचित नहीं है। कोरोना को हराने की कवायद में खासकर बुजुर्ग लापरवाही न करें। टीका लगवाने के बाद जान जाने का जोखिम नहीं है। - योगेंद्र कुमार मुन्नु, जवाहर गंज।
महामारी की भेंट न चढ़ें बुजुर्ग
मेरी उम्र 65 वर्ष है, दोनों डोज लग चुकी हैं अब बूस्टर डोज की तैयारी है। हमारा दायित्व है कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण को बढ़ावा दें । जिन लोगों ने टीकाकरण नहीं कराया है, उनकी जान पर अधिक खतरा है। जिन बुजुर्गों ने एक भी डोज नहीं लिया वह समय रहते टीका लगवा लें। - सुशील कुमार गर्ग, चंडी रोड।
मृतकों ने नहीं लगवाया था टीका
तीसरी लहर में चार लोगों की मौत हुई हैं, इनमें किसी ने टीका नहीं लगवाया था। जिन लोगों टीका लगवाया है, चाहे वह किसी भी आयु वर्ग के हैं उन्हें संक्रमण से ज्यादा परेशानी नहीं हुई है। बुजुर्ग जल्द से जल्द टीकाकरण कराएं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।