{"_id":"61cb49b1527c1d47cf2692ac","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd231855718","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल के हर्बव गार्डन को विकसित करेगा संत निरंकारी मिशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल के हर्बव गार्डन को विकसित करेगा संत निरंकारी मिशन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में खाली पड़ा पार्क संवाद
- फोटो : HAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल के हर्बल गार्डन को विकसित करेगा संत निरंकारी मिशन
हापुड़। दस्तोई रोड स्थित जिला अस्पताल का सबसे बड़ा पार्क औषधीय पौधों से महकेगा। जिला प्रशासन से सहयोग नहीं मिलने के बाद इस पार्क को संत निरंकारी मिशन ने गोद लिया है, फरवरी में इस पर काम शुरू होगा। इससे पहले अस्पताल के दो अन्य पार्क औषधीय पौधों से भरे गए हैं, जिनका मरीजों को काफी लाभ भी मिल रहा है।
करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से जिला अस्पताल का निर्माण हुआ। इन दिनों अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में स्वच्छ वातावरण के लिए तीन पार्क बनाए गए हैं, जिनमें दो छोटे और एक बड़ा है। दो छोटे पार्क को संत निरंकारी मिशन द्वारा गोद लिया गया था, जो विभिन्न औषधीय पौधों से गुलजार हैं।
तीसरे पार्क को डीपीआरओ कार्यालय द्वारा गोद लिया गया था। लेकिन इस पार्क की बदहाली अभी तक दूर नहीं की जा सकी है। अस्पताल के अधीक्षक द्वारा कई बार विभाग को पत्र लिखा गया। विभाग द्वारा गोयना ग्राम प्रधान से संपर्क करने की बात कही जाती रही। लेकिन ग्राम प्रधान ने अस्पताल प्रबंधन का फोन तक नहीं उठाया।
विज्ञापन
हालांकि अब संत निरंकारी मिशन ने ही इस पार्क को गोद लिया है। फरवरी महीने में इसे औषधीय पौधों से भरा जाएगा। पार्क में ऐसे पौधे लगेंगे जो मच्छरों को दूर रखेंगे, इनकी खुशबू से वातावरण स्वच्छ होगा, ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ेगा।
कोट-
अस्पताल के सबसे बड़े पार्क का कायाकल्प संत निरंकारी मिशन द्वारा किया जाएगा। पार्क में औषधीय पौधे लगेंगे, डीपीआरओ कार्यालय से कार्य शुरू नहीं किए जाने के कारण पार्क मिशन को गोद दिया गया है।--डॉ प्रदीप मित्तल, अधीक्षक जिला अस्पताल।
विज्ञापन
हापुड़। दस्तोई रोड स्थित जिला अस्पताल का सबसे बड़ा पार्क औषधीय पौधों से महकेगा। जिला प्रशासन से सहयोग नहीं मिलने के बाद इस पार्क को संत निरंकारी मिशन ने गोद लिया है, फरवरी में इस पर काम शुरू होगा। इससे पहले अस्पताल के दो अन्य पार्क औषधीय पौधों से भरे गए हैं, जिनका मरीजों को काफी लाभ भी मिल रहा है।
करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से जिला अस्पताल का निर्माण हुआ। इन दिनों अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में स्वच्छ वातावरण के लिए तीन पार्क बनाए गए हैं, जिनमें दो छोटे और एक बड़ा है। दो छोटे पार्क को संत निरंकारी मिशन द्वारा गोद लिया गया था, जो विभिन्न औषधीय पौधों से गुलजार हैं।
विज्ञापन
तीसरे पार्क को डीपीआरओ कार्यालय द्वारा गोद लिया गया था। लेकिन इस पार्क की बदहाली अभी तक दूर नहीं की जा सकी है। अस्पताल के अधीक्षक द्वारा कई बार विभाग को पत्र लिखा गया। विभाग द्वारा गोयना ग्राम प्रधान से संपर्क करने की बात कही जाती रही। लेकिन ग्राम प्रधान ने अस्पताल प्रबंधन का फोन तक नहीं उठाया।
विज्ञापन
हालांकि अब संत निरंकारी मिशन ने ही इस पार्क को गोद लिया है। फरवरी महीने में इसे औषधीय पौधों से भरा जाएगा। पार्क में ऐसे पौधे लगेंगे जो मच्छरों को दूर रखेंगे, इनकी खुशबू से वातावरण स्वच्छ होगा, ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ेगा।
कोट-
अस्पताल के सबसे बड़े पार्क का कायाकल्प संत निरंकारी मिशन द्वारा किया जाएगा। पार्क में औषधीय पौधे लगेंगे, डीपीआरओ कार्यालय से कार्य शुरू नहीं किए जाने के कारण पार्क मिशन को गोद दिया गया है।--डॉ प्रदीप मित्तल, अधीक्षक जिला अस्पताल।

जिला अस्पताल स्थित पार्क में संस्था द्वारा लगाये गये औषधीय पौधे संवाद- फोटो : HAPUR