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एक चिकित्सक पर रही 850 मरीजों को देखने की जिम्मेदारी
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गढ़ रोड सीएचसी में ब्लड टैस्ट करने वाले स्वास्थ्यकर्मी का इंतजार करते युवक संवाद
- फोटो : HAPUR
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एक चिकित्सक पर रही 850 मरीजों को देखने की जिम्मेदारी
हापुड़। गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों की ड्यूटी कैंपों में लगा दी गई, ऐसे में जनरल ओपीडी सिर्फ एक चिकित्सक के हवाले रही। मंगलवार को करीब 850 मरीजों का उपचार हुआ। हर मरीज को परामर्श के लिए अधिकतम 30 सेकंड का ही समय मिल सका। मरीजों को दो से तीन घंटे तक कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
दस्तोई रोड पर भले ही जिला अस्पताल चालू हो गया है, पर शहर से अधिक दूरी के कारण आज भी बहुत कम मरीज वहां पहुंचते हैं। सबसे अधिक मरीज गढ़ रोड स्थित सीएचसी में ही उपचार के लिए पहुंचते हैं। मंगलवार को सुबह 9 बजे से पर्चा काउंटर पर लंबी कतारें लग गई थीं। अस्पताल में दो जनरल ओपीडी कक्ष बनाए गए हैं, लेकिन इसमें मंगलवार को एक बंद ही रहा। हड्डी, नेत्र रोग विशेषज्ञ भी कैंपों में व्यस्त रहे। ऐसे में अस्पताल के अंदर चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई। बड़ी संख्या में मरीजों को देखने की जिम्मेदारी सिर्फ एक चिकित्सक के ही कंधे पर रही। ओपीडी का समय दोपहर दो बजे तक होता है, लेकिन मरीजों की भीड़ के कारण शाम तीन बजे के बाद तक भी ओपीडी जारी रही।
हड्डी के मरीजों को लौटना पड़ा
अस्पताल में हड्डी संबंधी समस्याओं से परेशान बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। कतार में खड़े होकर घंटों उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा और बाद में चिकित्सक के नहीं होने की बात सुन उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
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आंखों के ऑपरेशन को आए लोग वापस लौटे
कैंप में नेत्र रोग विशेषज्ञ की भी ड्यूटी लगी थी, ऐसे में आंखों का ऑपरेशन कराने पहुंचे लोग वापस लौट गए। नेत्र विभाग में महिला चिकित्सक मरीजों के आंखों की जांच कर रही थीं।
जांच केंद्र पर कुर्सियां रहीं खाली
सीएचसी में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए बने सेंटर पर कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। ऐसे में मरीज यहां से बिना जांच कराए ही लौट रहे थे। जिन्हें अधिक आवश्यकता थी, उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
बच्चे के गुर्दे में है दिक्कत
मेरे बच्चे के गुर्दे में परेशानी है, जिसके कारण उसके शरीर पर सूजन आ गई है। दो घंटे तक इलाज के लिए भटकना पड़ा। चिकित्सक ने पर्चे पर जांच तो लिख दी, लेकिन जांच नहीं हो पाई। -अनिल कुमार, चितौली। -फोटो संख्या--05
नहीं हो सका अल्ट्रासाउंड
अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल के कई चक्कर लगाने पड़ गए। मेरी प्राइवेट जॉब है, अवकाश नहीं मिल पाता। इलाज के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को चिकित्सक नहीं मिल। -रिंकेश कुमार, होशदारपुर गढ़ी। -फोटो संख्या--04
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-कैंप में चिकित्सकों की ड्यूटी लगने से हुई परेशानी
दिव्यांगों के लिए लगाए गए कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगने से यह समस्या खड़ी हुई है। हालांकि मरीजों को उपचार में परेशानी न हो, इसके लिए उन्होंने खुद भी मरीजों को परामर्श दिया है। भविष्य में इस तरह की समस्या न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। -डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।
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हापुड़। गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों की ड्यूटी कैंपों में लगा दी गई, ऐसे में जनरल ओपीडी सिर्फ एक चिकित्सक के हवाले रही। मंगलवार को करीब 850 मरीजों का उपचार हुआ। हर मरीज को परामर्श के लिए अधिकतम 30 सेकंड का ही समय मिल सका। मरीजों को दो से तीन घंटे तक कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
दस्तोई रोड पर भले ही जिला अस्पताल चालू हो गया है, पर शहर से अधिक दूरी के कारण आज भी बहुत कम मरीज वहां पहुंचते हैं। सबसे अधिक मरीज गढ़ रोड स्थित सीएचसी में ही उपचार के लिए पहुंचते हैं। मंगलवार को सुबह 9 बजे से पर्चा काउंटर पर लंबी कतारें लग गई थीं। अस्पताल में दो जनरल ओपीडी कक्ष बनाए गए हैं, लेकिन इसमें मंगलवार को एक बंद ही रहा। हड्डी, नेत्र रोग विशेषज्ञ भी कैंपों में व्यस्त रहे। ऐसे में अस्पताल के अंदर चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई। बड़ी संख्या में मरीजों को देखने की जिम्मेदारी सिर्फ एक चिकित्सक के ही कंधे पर रही। ओपीडी का समय दोपहर दो बजे तक होता है, लेकिन मरीजों की भीड़ के कारण शाम तीन बजे के बाद तक भी ओपीडी जारी रही।
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हड्डी के मरीजों को लौटना पड़ा
अस्पताल में हड्डी संबंधी समस्याओं से परेशान बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। कतार में खड़े होकर घंटों उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा और बाद में चिकित्सक के नहीं होने की बात सुन उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
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आंखों के ऑपरेशन को आए लोग वापस लौटे
कैंप में नेत्र रोग विशेषज्ञ की भी ड्यूटी लगी थी, ऐसे में आंखों का ऑपरेशन कराने पहुंचे लोग वापस लौट गए। नेत्र विभाग में महिला चिकित्सक मरीजों के आंखों की जांच कर रही थीं।
जांच केंद्र पर कुर्सियां रहीं खाली
सीएचसी में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए बने सेंटर पर कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। ऐसे में मरीज यहां से बिना जांच कराए ही लौट रहे थे। जिन्हें अधिक आवश्यकता थी, उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
बच्चे के गुर्दे में है दिक्कत
मेरे बच्चे के गुर्दे में परेशानी है, जिसके कारण उसके शरीर पर सूजन आ गई है। दो घंटे तक इलाज के लिए भटकना पड़ा। चिकित्सक ने पर्चे पर जांच तो लिख दी, लेकिन जांच नहीं हो पाई। -अनिल कुमार, चितौली। -फोटो संख्या--05
नहीं हो सका अल्ट्रासाउंड
अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल के कई चक्कर लगाने पड़ गए। मेरी प्राइवेट जॉब है, अवकाश नहीं मिल पाता। इलाज के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को चिकित्सक नहीं मिल। -रिंकेश कुमार, होशदारपुर गढ़ी। -फोटो संख्या--04
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-कैंप में चिकित्सकों की ड्यूटी लगने से हुई परेशानी
दिव्यांगों के लिए लगाए गए कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगने से यह समस्या खड़ी हुई है। हालांकि मरीजों को उपचार में परेशानी न हो, इसके लिए उन्होंने खुद भी मरीजों को परामर्श दिया है। भविष्य में इस तरह की समस्या न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। -डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।

गढ़ रोड सीएचसी में लगी मरीजों की लाइन संवाद- फोटो : HAPUR

गढ़ रोड सीएचसी में बंद पड़ी ओपीडी के बाहर डॉ का इंतजार करते मरीज संवाद- फोटो : HAPUR