{"_id":"613658048ebc3e744438fbdc","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd225437346","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 37 सरकारी विभागों पर बिजली का 24 करोड़ बकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 37 सरकारी विभागों पर बिजली का 24 करोड़ बकाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के 37 सरकारी विभागों पर बिजली का 24 करोड़ बकाया
हापुड़। जिले के सरकारी विभागों पर बिजली के बिलों का करीब 24.41 करोड़ रुपये बकाया है। पिछले कई वर्षों से इन विभागों ने बिल जमा नहीं किया है। हालांकि विभाग ने अब वसूली के लिए 37 सरकारी दफ्तरों को नोटिस जारी किए हैं।
बिल वसूली के लिए पावर कॉरपोरेशन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसके लिए बकायेदारों के कनेक्शन काटने के अलावा आरसी जारी की जा रही है लेकिन सबसे ज्यादा चपत सरकारी विभागों से हो रही है। निगम द्वारा सरकारी विभागों को बिल जमा करने के लिए पत्राचार किए जाते हैं लेकिन इसके बाद भी बिल जमा नहीं हो रहे हैं। हालांकि गत वर्ष निगम की सख्ती का असर यह हुआ कि बकाया बिल 35 करोड़ से घटकर 24 करोड़ के आसपास रह गया है। अब बिल जमा करने के लिए निगम के अधिकारियों ने 37 विभागों को नोटिस जारी कर बिल जमा करने के लिए कहा है।
बड़े बकाएदारों पर वर्षों से अटका है बिल
कुछ विभाग जहां बिल जमा करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, वहीं करोड़ों के बकाया बिल वाले कुछ विभाग इस मामले में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इन विभागों पर बिजली के बिलों का बकाया काफी पुराना है। करीब पांच से दस सालों से इन विभागों द्वारा बिल जमा नहीं किया गया है। जिसके कारण यह धनराशि इतनी बढ़ गई है।
विज्ञापन
इन विभागों पर है बकाया
बिजली विभाग का सबसे बड़ा बकाया पंचायती राज पेयजल विभाग पर है, इस पर 8.9 करोड़ रुपये का बकाया है। इसके अलावा पंचायत राज पेयजल विभाग मेरठ पर 3.50 करोड़ रुपये, पंचायती राज पेयजल गाजियाबाद पर 20.56 लाख, पंचायती राज भवन पर 47.5 लाख, चिकित्सा विभाग पर 2.98 करोड़, आबकारी विभाग पर 3.60 लाख, कृषि विभाग पर 1.54 लाख, ग्राम्य विभाग पर 74 हजार, पंचायती राज विद्यालयों पर 2.31 करोड़, पशुधन विभाग पर 81.07 लाख, खाद्य एवं रसद विभाग पर 79 हजार, सहकारिता विभाग पर 18.91 लाख, नगर विकास पर 38.76 लाख, परिवहन विभाग पर 1.29 लाख, प्रशासनिक सुधार विभाग पर 17.39 लाख, राजस्व विभाग 15.35 लाख, वन विभाग पर सात हजार, लोक निर्माण विभाग पर 5.15 लाख, वित्त विभाग पर 45 हजार, समाज कल्याण विभाग पर 98.37 लाख, सिंचाई विभाग पर 5.49 लाख और कृषि विपणन विभाग पर 7.49 लाख का बकाया है।
भेजे जा रहे नोटिस
नोटिस भेजने के बाद भी सरकारी विभागों की तरफ से बिजली जमा नहीं किया जा रहा है। हालांकि कुछ विभाग बिल जमा कर रहे हैं। अबविभागों को नोटिस जारी कर बिल जमा कराने के लिए कहा गया है। - मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता।
विज्ञापन
हापुड़। जिले के सरकारी विभागों पर बिजली के बिलों का करीब 24.41 करोड़ रुपये बकाया है। पिछले कई वर्षों से इन विभागों ने बिल जमा नहीं किया है। हालांकि विभाग ने अब वसूली के लिए 37 सरकारी दफ्तरों को नोटिस जारी किए हैं।
बिल वसूली के लिए पावर कॉरपोरेशन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसके लिए बकायेदारों के कनेक्शन काटने के अलावा आरसी जारी की जा रही है लेकिन सबसे ज्यादा चपत सरकारी विभागों से हो रही है। निगम द्वारा सरकारी विभागों को बिल जमा करने के लिए पत्राचार किए जाते हैं लेकिन इसके बाद भी बिल जमा नहीं हो रहे हैं। हालांकि गत वर्ष निगम की सख्ती का असर यह हुआ कि बकाया बिल 35 करोड़ से घटकर 24 करोड़ के आसपास रह गया है। अब बिल जमा करने के लिए निगम के अधिकारियों ने 37 विभागों को नोटिस जारी कर बिल जमा करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
बड़े बकाएदारों पर वर्षों से अटका है बिल
कुछ विभाग जहां बिल जमा करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, वहीं करोड़ों के बकाया बिल वाले कुछ विभाग इस मामले में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इन विभागों पर बिजली के बिलों का बकाया काफी पुराना है। करीब पांच से दस सालों से इन विभागों द्वारा बिल जमा नहीं किया गया है। जिसके कारण यह धनराशि इतनी बढ़ गई है।
विज्ञापन
इन विभागों पर है बकाया
बिजली विभाग का सबसे बड़ा बकाया पंचायती राज पेयजल विभाग पर है, इस पर 8.9 करोड़ रुपये का बकाया है। इसके अलावा पंचायत राज पेयजल विभाग मेरठ पर 3.50 करोड़ रुपये, पंचायती राज पेयजल गाजियाबाद पर 20.56 लाख, पंचायती राज भवन पर 47.5 लाख, चिकित्सा विभाग पर 2.98 करोड़, आबकारी विभाग पर 3.60 लाख, कृषि विभाग पर 1.54 लाख, ग्राम्य विभाग पर 74 हजार, पंचायती राज विद्यालयों पर 2.31 करोड़, पशुधन विभाग पर 81.07 लाख, खाद्य एवं रसद विभाग पर 79 हजार, सहकारिता विभाग पर 18.91 लाख, नगर विकास पर 38.76 लाख, परिवहन विभाग पर 1.29 लाख, प्रशासनिक सुधार विभाग पर 17.39 लाख, राजस्व विभाग 15.35 लाख, वन विभाग पर सात हजार, लोक निर्माण विभाग पर 5.15 लाख, वित्त विभाग पर 45 हजार, समाज कल्याण विभाग पर 98.37 लाख, सिंचाई विभाग पर 5.49 लाख और कृषि विपणन विभाग पर 7.49 लाख का बकाया है।
भेजे जा रहे नोटिस
नोटिस भेजने के बाद भी सरकारी विभागों की तरफ से बिजली जमा नहीं किया जा रहा है। हालांकि कुछ विभाग बिल जमा कर रहे हैं। अबविभागों को नोटिस जारी कर बिल जमा कराने के लिए कहा गया है। - मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता।