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मुदाफरा बागड़पुर में किसानों की सहमति बगैर चकबंदी की पैमाइस कर रहे अधिकारी, रोष
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डीएम को ज्ञापन देते भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : HAPUR
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मुदाफरा बागड़पुर में सहमति के बिना पैमाइश करने पर किसानों का हंगामा
हापुड़। गांव मुदाफरा बागड़पुर में किसानों की सहमति के बगैर खेतों की पैमाइश करने पर किसानों ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ हंगामा व प्रदर्शन किया। भाकियू भानु के नेतृत्व में किसानों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रक्रिया को रुकवाने की मांग की। जल्द राहत नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई।
जिला मुख्यालय पहुंचे किसानों ने बताया कि उनके खेतों के लिए रास्ते आदि ठीक हैं, खेतों पर नलकूप, बिजली आदि की भी समुचित व्यवस्था है। यहां के किसानों को चकबंदी की कोई जरूरत नहीं है। फिर भी चकबंदी विभाग के अधिकारी आए दिन उनके गांव पहुंचकर पैमाइश शुरू कर देते हैं।
भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि पहले भी यह प्रक्रिया शुरू की गई थी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए डीएम के आदेश पर प्रक्रिया को रुकवा दिया गया था। लेकिन अब फिर से विभागीय अधिकारी चकबंदी की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। जब किसानों को ही इसकी जरूरत नहीं है तो फिर क्यों बिन वजह चकबंदी का दबाव बनाया जा रहा है।
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इसके विरोध में सोमवार को किसानों ने जोरदार हंगामा किया। साथ ही कलक्ट्रेट पर डीएम को ज्ञापन देकर, चकबंदी की प्रक्रिया को रुकवाने की मांग उठाई। जल्द राहत नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
ज्ञापन देने वालों में रामजी लाल सैनी, टीटू पार्चा, विरेंद्र, सच्चेराम, संतरपाल, मांगेराम, नरेंद्र शर्मा, वेद प्रकाश, रूपराम, मनोज कुमार, अशोक कुमार, जीत सिंह, नरेश आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। गांव मुदाफरा बागड़पुर में किसानों की सहमति के बगैर खेतों की पैमाइश करने पर किसानों ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ हंगामा व प्रदर्शन किया। भाकियू भानु के नेतृत्व में किसानों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रक्रिया को रुकवाने की मांग की। जल्द राहत नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई।
जिला मुख्यालय पहुंचे किसानों ने बताया कि उनके खेतों के लिए रास्ते आदि ठीक हैं, खेतों पर नलकूप, बिजली आदि की भी समुचित व्यवस्था है। यहां के किसानों को चकबंदी की कोई जरूरत नहीं है। फिर भी चकबंदी विभाग के अधिकारी आए दिन उनके गांव पहुंचकर पैमाइश शुरू कर देते हैं।
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भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि पहले भी यह प्रक्रिया शुरू की गई थी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए डीएम के आदेश पर प्रक्रिया को रुकवा दिया गया था। लेकिन अब फिर से विभागीय अधिकारी चकबंदी की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। जब किसानों को ही इसकी जरूरत नहीं है तो फिर क्यों बिन वजह चकबंदी का दबाव बनाया जा रहा है।
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इसके विरोध में सोमवार को किसानों ने जोरदार हंगामा किया। साथ ही कलक्ट्रेट पर डीएम को ज्ञापन देकर, चकबंदी की प्रक्रिया को रुकवाने की मांग उठाई। जल्द राहत नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
ज्ञापन देने वालों में रामजी लाल सैनी, टीटू पार्चा, विरेंद्र, सच्चेराम, संतरपाल, मांगेराम, नरेंद्र शर्मा, वेद प्रकाश, रूपराम, मनोज कुमार, अशोक कुमार, जीत सिंह, नरेश आदि मौजूद रहे।